इलाज और पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगा धन, इस्टीमेट लाओ, पैसा सरकार देगी- सीएम योगी

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि, धन के आभाव में न तो किसी की पढ़ाई रुकेगी और न ही किसी का इलाज। जी हां, सोमवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए लगभग 200 लोगों की फरियाद सुनी और उन्हें भरोसा दिलाया कि, सरकार उनकी हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

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सीएम ने सुनीं फरियाद

मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग बड़े अस्पतालों में अपना इलाज कराएं और अपने इलाज का इस्टीमेट बनवाकर लाएं, जिसके बाद मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त धनराशि तत्काल जारी कर दी जाएगी। जनता दर्शन में आये सभी फरियादियों से मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की उनके प्रार्थना पत्र स्वीकार किए।

इस दौरान मुख्यमंत्री का सबसे अधिक ध्यान उन पीड़ितों पर रहा जो कैंसर, किडनी या अन्य गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए थे। एक महिला अपनी परिजन के कैंसर के इलाज के लिए मदद मांगने पहुंची थी, जिससे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने बेहद आत्मीयता के साथ कहा कि, किसी भी पीड़ित को घबराने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि, जो भी जरूरतमंद सहायता की मांग कर रहा है, उसके इस्टीमेट की कागजी प्रक्रिया को बिना किसी देरी के पूरा की जाए। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि, उपचार के लिए धन का अभाव कभी बाधा नहीं बनेगा और शासन स्तर पर ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा, ताकि मरीज को समय पर चिकित्सा मिल सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि, वे स्थानीय प्रशासन और अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित करें ताकि पीड़ितों को भटकना न पड़े।

बच्ची की फीस जमा करने का आदेश

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का एक और उदाहरण देखने को मिला। यहां एक छोटी बच्ची अपनी पढ़ाई को लेकर समस्या लेकर पहुंची थी। बच्ची ने अपनी कमजोर पारिवारिक आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि, फीस जमा न होने के कारण उसकी स्कूली शिक्षा में बाधा आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि इस बिटिया की स्कूली फीस की पूरी व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाए।

उन्होंने कहा कि, शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और गरीबी को किसी की प्रगति के आड़े नहीं आने दिया जाएगा। इसी तरह सिद्धार्थनगर से आई एक महिला को पेंशन और अन्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभाग के अफसरों को फाइल आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि, जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस प्रशासनिक कार्य के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने पार्टी के प्रति अपने दायित्वों का भी निर्वहन किया। सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित हिंदू सेवा आश्रम भवन पर पार्टी का ध्वज फहराया। इस उत्सव के माहौल में उन्होंने अपने पार्टी सहयोगियों के साथ झंडे के सामने सेल्फी ली और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

हर पात्र को मिले योजना का लाभ

इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद रवि किशन सहित भाजपा के कई अन्य वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि, भाजपा का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सहायता पहुंचानाहै, और जनता दर्शन में उमड़ रही भीड़ का समाधान करना इसी संकल्प का हिस्सा है।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री का रवैया अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षात्मक रहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की किसी भी कल्याणकारी योजना जैसे राशन कार्ड, आवास या आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित रह गया है, तो उसे तत्काल लाभान्वित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि हर पीड़ित के साथ अधिकारी संवेदनशील व्यवहार करें और उसे तब तक न छोड़ें जब तक उसकी समस्या का पूर्ण समाधान न हो जाए।

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित इस जनता दर्शन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में आम आदमी की पीड़ा सबसे ऊपर है, चाहे वह स्वास्थ्य का क्षेत्र हो या शिक्षा का। सरकार का यह रुख उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है जो आर्थिक तंगी के कारण जीवन की बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

 

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