
तिरुवल्ला (पतनमतिट्टा)। केरल विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी भी बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जिससे यहां की सियासत में हलचल मच गई। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में न केवल स्थानीय मुद्दों और विकास की कमी पर एलडीएफ और यूडीएफ को आड़े हाथों लिया, बल्कि कांग्रेस पर एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय साजिश का आरोप भी लगाया।
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4 मई को होगा कुशासन का अंत
पीएम ने दावा किया कि, कांग्रेस अपने राजनीतिक फायदे के लिए पश्चिम एशिया यानी गल्फ देशों में बसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा और उनके रोजगार को खतरे में डाल रही है। प्रधानमंत्री ने जनसभा में उमड़ी भीड़ को देखते हुए घोषणा की कि, आगामी 4 मई को केरल में दशकों से चले आ रहे कुशासन का अंत होगा और राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का उदय होगा।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की विदेश नीति और हालिया बयानों पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस चाहती है कि, पश्चिम एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। उनकी मंशा यह है कि, यहां भारत में कोई ऐसा भड़काऊ बयान दिया जाए जिससे गल्फ देशों के साथ हमारे मधुर संबंधों में दरार आए और वहां मेहनत कर रहे भारतीयों को बाहर निकाल दिया जाए।
वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब का आरोप
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस चाहती है कि, चारों तरफ डर और पैनिक का माहौल बने ताकि उन्हें मोदी को गाली देने और वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करने का मौका मिल सके। उन्होंने भावुक होते हुए स्पष्ट किया कि राजनीति अपनी जगह है और चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन उनके लिए केरल के लाखों परिवारों के सदस्यों की सुरक्षा जो विदेशों में काम कर रहे हैं, सबसे बड़ी प्राथमिकता है और वे इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने तिरुवल्ला की जनसभा में मौजूद भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि, वह पहले भी कई बार केरल आए हैं, लेकिन इस बार राज्य में हवा का रुख पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि केरलम में अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवर्तन होने जा रहा है। पीएम मोदी के अनुसार 9 अप्रैल को होने वाली वोटिंग और 4 मई को आने वाले नतीजे केरल के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेंगे और यह तय हो चुका है कि वर्तमान एलडीएफ सरकार की विदाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है।
आर्थिक संभावनाओं का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि दशकों से केरल की जनता एलडीएफ और यूडीएफ के बीच चल रहे नूराकुश्ती के खेल में फंसी रही है, लेकिन इस बार मतदाता इन दोनों ही पारंपरिक गठबंधनों को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना चुके हैं, क्योंकि इन पार्टियों ने कभी भी राज्य के आम लोगों की वास्तविक परवाह नहीं की है।
केरल की प्राकृतिक संपदा और आर्थिक संभावनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि, ईश्वर ने इस भूमि को अपार संसाधन दिए हैं, लेकिन सरकारों की अदूरदर्शिता ने इसे विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि, केरल में समुद्र आधारित ब्लू इकोनॉमी और विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनने की अद्भुत क्षमता है, फिर भी राज्य विकास के मानकों पर पिछड़ रहा है।
स्थानीय बुनियादी ढांचे की बदहाली पर दुख व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि, यहां की सड़कों की हालत खराब है, सालों से कोई बड़ा पुल निर्मित नहीं हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ कहे जाने वाले मेडिकल कॉलेजों की स्थिति भी दयनीय है। पीएम मोदी ने जनता से सवाल किया कि, जहां बुनियादी ढांचा ही कमजोर होगा, वहां आम नागरिक के जीवन स्तर में सुधार कैसे संभव है।
खुलेंगे तरक्की के रास्ते
प्रधानमंत्री ने इस दौरान सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व की परियोजनाओं पर भी बात की। उन्होंने सबरीमाला मंदिर और भगवान अयप्पा का उल्लेख करते हुए इसे केरल की सांस्कृतिक पहचान का आधार बताया। उन्होंने राज्य सरकार पर सबरीमाला रेलवे परियोजना को जानबूझकर लटकाने और बाधित करने का गंभीर आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रेल परियोजना तिरुवल्ला और पूरे दक्षिण केरल के लिए तरक्की के नए रास्ते खोल सकती है। इससे न केवल करोड़ों तीर्थयात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने मोदी की गारंटी देते हुए वादा किया कि, जैसे ही केरल में भाजपा की डबल इंजन सरकार सत्ता में आएगी, ऐसी सभी लंबित परियोजनाओं से रुकावटें हटाकर उन्हें रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाएगा। सामाजिक सद्भाव और सर्वसमावेशी विकास का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने गोवा और उत्तर-पूर्वी राज्यों की सफलता की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों द्वारा फैलाया गया डर अब पूरी तरह खत्म हो रहा है।
एनडीए की सरकार बनी तो होगा बड़ा विकास
प्रधानमंत्री ने बताया कि, उत्तर-पूर्व के सात राज्यों में एनडीए की सरकारें सफलतापूर्वक चल रही हैं, जहां ईसाई समाज की बड़ी आबादी है और वहां पिछले साठ सालों में जो विकास नहीं हुआ, वह एनडीए सरकार ने चंद वर्षों में करके दिखाया है। इसी तरह उन्होंने गोवा का उदाहरण दिया जहां ईसाई समाज निर्णायक भूमिका में है और वे लगातार भाजपा पर भरोसा जता रहे हैं। उन्होंने केरल की जनता को आश्वस्त किया कि एनडीए सरकार बनने पर केरल भी विकास की उन्हीं ऊंचाइयों को छुएगा।
भाषण के समापन की ओर बढ़ते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं के जबरदस्त समर्थन को अपनी सबसे बड़ी ऊर्जा बताया और तिरुवल्ला से एनडीए उम्मीदवार अनुप की कर्मठता की सराहना की। उन्होंने अंत में एक बार फिर जनता को कांग्रेस और लेफ्ट के मैत्रीपूर्ण संघर्ष से सावधान रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो दल दिल्ली में एक ही टेबल पर बैठकर चाय पीते हैं और गठबंधन करते हैं, वे केरल में आकर एक-दूसरे के खिलाफ होने का दिखावा करते हैं। पीएम मोदी ने जनता से अपील की कि वे इस बार विकास और सुरक्षा के नाम पर एनडीए को चुनकर केरल के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखें।
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