
नई दिल्ली: नई दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित ‘राष्ट्रीय मनरेगा मजदूर सम्मेलन’ में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों को सम्मान के साथ काम मांगने का अधिकार देता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अधिकार को खत्म करने में लगे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि लोगों की आवाज और उनका संवैधानिक अधिकार था।
मनरेगा की मूल भावना को खत्म किया जा रहा है
राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा की सोच यह थी कि जिसे भी काम की जरूरत हो, वह सम्मान के साथ काम मांग सके। यह योजना पंचायती राज व्यवस्था के तहत चलती थी, ताकि निर्णय स्थानीय स्तर पर हों और मजदूरों की भागीदारी बनी रहे। लेकिन अब इस व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और मजदूरों से उनके अधिकार छीने जा रहे हैं।
किसानों के बाद अब मजदूरों पर हमला
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मोदी सरकार किसानों के खिलाफ तीन काले कृषि कानून लेकर आई थी, जिसे किसानों के आंदोलन और जनदबाव के कारण वापस लेना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि किसानों के साथ जो अन्याय हुआ, वही अब मजदूरों के साथ किया जा रहा है। यह सीधे तौर पर गरीब और मेहनतकश वर्ग पर हमला है।
केंद्र तय करेगा किसे मिलेगा पैसा और काम
राहुल गांधी ने कहा कि अब दिल्ली की केंद्र सरकार तय करेगी कि किस राज्य को कितना पैसा मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों को ज्यादा और विपक्ष शासित राज्यों को कम धन दिया जाएगा। केंद्र यह भी तय करेगा कि कहां काम होगा, किसे कितना काम मिलेगा और मजदूरी कितनी होगी। इससे मजदूरों के अधिकार खत्म होकर ठेकेदारों के हाथ में चले जाएंगे।
बीजेपी की विचारधारा पर सीधा हमला
कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी की सोच है कि देश का धन और संपत्ति कुछ चुनिंदा हाथों में रहे और वही लोग देश को चलाएं। उनका आरोप था कि बीजेपी चाहती है कि सारा पैसा अमीरों के पास चला जाए, ताकि गरीब, दलित और आदिवासी उन्हीं पर निर्भर रहें और उनकी शर्तों पर जीने को मजबूर हों।
लोकतंत्र और संविधान पर खतरे का आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र, संविधान और ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ की अवधारणा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल देश को आजादी से पहले वाले दौर में ले जाना चाहता है। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं और मजदूरों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि जिस दिन सभी लोग साथ खड़े हो गए, उस दिन नरेंद्र मोदी को पीछे हटना पड़ेगा और मनरेगा को फिर से बहाल करना होगा।



