Wednesday , September 30 2020

‘कहत हनुमान…’ शो दर्शकों को रामायण युग में ले जाएगा – मनीष वाधवा

लखनऊ। भारतीय टेलीविजन पर माइथोलॉजिकल जॉनर्स में कई तरह के किरदार निभाने वाले एक्टर मनीष वाधवा इस इंडस्ट्री में एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। मूलतः हरियाणा के मनीष अब एंड टीवी के ‘कहत हनुमान जय श्री राम‘ में रावण की अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं। वह इस नई भूमिका को लेकर उत्साहित हैं। मनीष ने बताया कि इस जॉनर ने उन्हें किस तरह बेहतर बनाया और नई चीजें सिखाई हैं।

मनीष वाधवा

मनीष वाधवा से हुई बातचीत के मुख्य अंश–

प्रश्न: शो में अपने किरदार के बारे में बताएं?
उत्तर : मैं एंड टीवी के ‘कहत हनुमान जय श्रीराम‘ में बलशाली रावण की भूमिका निभा रहा हूं। इसमें जो रावण आप देखेंगे, वह अब तक आपके द्वारा अब तक देखे गए रावणों से बहुत अलग होगा। उसे एक ऐसे किरदार के रूप में दिखाया जाता रहा है, जो एक निश्चित तरीके से व्यवहार करता है – वह जोर-जोर से बोलता और हंसता है और अपने आस-पास के लोगों को आतंकित करता है। बहरहाल, इस बार हम दर्शकों को एक बहुत ही सहज किस्म के रावण से मिलवाएंगे, जिसकी मौजूदगी ही उसके आसपास के लोगों को भयभीत कर देने के लिए काफी होगी। आप इसे एक तरह का प्रयोग कह सकते हैं, जहां ज्ञानी ब्राह्मण, मायावी, संगीतज्ञ, कलाकार और दानव जैसी रावण की दस अलग-अलग खूबियों को अलग-अलग लुक्स के जरिए जीवंत किया जाएगा।

प्रश्न:क्या आपने इस रोल के लिए कोई तैयारी की थी?
उत्तर : मैंने अपने किरदार में उतरने के लिए रावण के बारे में बहुत कुछ पढ़ा। कुछ चीजें इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध थीं, वहीं किताबों और अन्य संदर्भ सामग्री ने मुझे उसके व्यक्तित्व को बेहतर ढंग से समझने में मदद की। मैं माइथोलॉजी शोज में इस्तेमाल होने वाली शुद्ध हिंदी से अच्छी तरह परिचित हूं, इसलिए मेरी संवाद अदायगी सहज और स्वाभाविक रही।

प्रश्न:शूटिंग में अनुभव कैसा रहा है?
उत्तर :शूटिंग का पहला दिन बहुत बढ़िया था, और मैं रावण की अलग-अलग खूबियों के साथ प्रयोग करने के लिए उतना ही उत्साहित भी था। व्यक्तिगत मोर्चे पर, मैंने सुनिश्चित किया मेरे पास अपनी पानी की बोतल और केतली, टिफिन और इंडक्शन, फेस मास्क और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें रहें।

प्रश्न:एपिसोड्स की कहानी के बारे में संक्षेप में बताएं।
उत्तर :यह शो दर्शकों को रामायण युग में ले जाएगा, जहां भगवान राम का जन्म होता है। यह सबसे खूबसूरत दृश्यों में से एक का गवाह बनेगा, जब राम के परम भक्त हनुमान अंततः अपने भगवान से मिलेंगे। राम के जन्म के साथ ही कहानी के इस ट्रैक में रावण की भी एंट्री होगी, जहां वह भगवान विष्णु के साथ अपनी तुलना करते हुए खुद को परम शक्ति कहता नजर आएगा। जब वह अपना यज्ञ पूरा करके लंका में प्रवेश करेगा, तो मंदिरों में देवताओं के चेहरे बदलकर उसकी तरह हो जाएंगे। एक विशाल शोभायात्रा के साथ रावण का भव्य राज्याभिषेक होगा, जहां उसे दूध, शहद और फूलों की पंखुड़ियों से स्नान कराया जाएगा।