
गौतमबुद्ध नगर। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद अब फेज-2 के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। किसानों को मुआवजा बांटने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित की जाने वाली 14 गांवों की जमीन के लिए विशेष कैंप लगाने पर चर्चा की गई।
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डीएम कि अध्यक्षता में हुई बैठक
जानकारी के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सफल संचालन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब इसके विस्तार के लिए दूसरे और तीसरे चरण की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने जेवर क्षेत्र के 14 गांवों के किसानों को मुआवजा बांटने और उनकी जमीनों के अधिग्रहण की औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।

इन कैंपों के माध्यम से राजस्व विभाग के अधिकारी सीधे तौर पर किसानों से मुलाकात कर रहे हैं और मौके पर ही उनकी प्रतिकर पत्रावलियों को तैयार कर रहे हैं ताकि मुआवजे की राशि सीधे उनके बैंक खातों में बिना किसी देरी के भेजी जा सके। जिलाधिकारी ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया है, जिसमें प्रत्येक गांव के लिए विशेष रूप से राजस्व निरीक्षक, लेखपाल और अमीन की तैनाती की गई है।
किसानों की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए जेवर के तहसीलदार को इन सभी कैंपों का मुख्य प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो अपनी टीम और नायब तहसीलदार के साथ निरंतर गांवों का दौरा करेंगे। वे न केवल पत्रावलियों का सत्यापन करेंगे बल्कि किसानों की समस्याओं और आपत्तियों का भी मौके पर ही निस्तारण करेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा।
कैंप लगाकर बंटेगा मुआवजा
प्रशासन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, अलग-अलग गांवों में कैंपों के लिए स्थान भी निर्धारित कर दिए गए हैं। थोरा गांव के किसान प्राथमिक विद्यालय-1 में अपनी फाइलें जमा कर सकेंगे, जबकि नीमका शाहजहांपुर, ख्वाजपुर, रामनेर, और किशोरपुर जैसे गांवों में भी पूर्व निर्धारित केंद्रों पर अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसी प्रकार पारोही और रोही क्षेत्र के लिए डॉ. अंबेडकर भवन, दयानतपुर के लिए सर्व हितकारी इंटर कॉलेज और अन्य गांवों जैसे साबोता मुस्तफाबाद व अहमदपुर चौरोली के लिए पंचायत भवनों को कैंप का केंद्र बनाया गया है। इन कैंपों में किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों और बैंक विवरणों के साथ उपस्थित हों ताकि भुगतान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चन न आए।
जेवर एयरपोर्ट का यह विस्तार न केवल विमानन क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। इस अतिरिक्त जमीन का उपयोग हवाई अड्डे के रनवे विस्तार, एमआरओ हब और कार्गो टर्मिनल जैसी आधुनिक सुविधाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। प्रशासन की इस सक्रियता और गांवों में ही कैंप लगाने की पहल से किसानों के बीच भी सकारात्मक संदेश गया है। जिलाधिकारी मेधा रुपम ने किसानों से अनुरोध किया है कि वे इस विकास यात्रा में सहभागी बनें और अपने-अपने गांवों में आयोजित होने वाले कैंपों का लाभ उठाकर अपनी अर्जित भूमि के प्रतिकर भुगतान से संबंधित सभी औपचारिकताओं को अनिवार्य रूप से पूरा कराएं।
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