जेवर एयरपोर्ट से बदलेगी यूपी की तकदीर, 50 लाख रोजगार और किसानों की आय में 30 फीसदी बढ़ोतरी का लक्ष्य

जेवर/नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जैसे ही देश में सबसे पड़े नोएडा इंटरनेशल एयरपोर्ट का उदघाटन किया, वैसे ही उत्तर प्रदेश की विकास गाथा में एक नया अध्याय जुड़ गया।  दरअसल, ये विशाल परियोजना केवल ईंट और कंक्रीट का ढांचा मात्र नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश को 1,000 अरब डॉलर की विशाल अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अटूट संकल्प को सिद्ध करने वाला एक शक्तिशाली रणनीतिक इंजन है।

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सालाना 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता

उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम (यूपीडीएफ) के चेयरमैन और विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञ पंकज जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि यह हवाई अड्डा प्रदेश के लिए पासा पलटने वाला साबित होगा, जो दशकों से चारों तरफ से जमीन से घिरे लैंड-लॉक्ड इस राज्य को सीधे वैश्विक व्यापार और पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ देगा।

Jewar Airport

इस हवाई अड्डे की सबसे बड़ी विशेषता है इसकी विशाल क्षमता और अत्याधुनिक सुविधाएं हैं, जो इसे भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना बनाती हैं। सात करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता और लगभग 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग के सामर्थ्य के साथ, यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को एक नई और तेज गति प्रदान करने के लिए तैयार है।

पंकज जायसवाल ने बताया कि, यह परियोजना न केवल प्रदेश की आंतरिक कनेक्टिविटी को सुधारेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मानचित्र पर उत्तर प्रदेश को एक अत्यंत सशक्त और प्रतिस्पर्धी पहचान दिलाएगी। यह हवाई अड्डा कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (MSME), लॉजिस्टिक और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधे वैश्विक बाजार के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर देगा।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे सामान

कृषि प्रधान प्रदेश होने के नाते, उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए यह हवाई अड्डा एक वरदान की तरह सामने आया है। जायसवाल ने विशेष रूप से फार्म-टू-ग्लोबल मार्केट मॉडल पर जोर देते हुए बताया कि इसके माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद और सजावटी फूलों जैसे जल्द खराब होने वाले उत्पादों को अब बिना किसी देरी के सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा।

कार्गो टर्मिनल की सुदृढ़ व्यवस्था और लॉजिस्टिक लागत में आने वाली भारी कमी से किसानों की आय में 20 से 30 प्रतिशत तक की सीधी वृद्धि होने का अनुमान है। यह व्यवस्था बिचौलियों की भूमिका को समाप्त कर उत्पादकों को उनके परिश्रम का सही और वैश्विक मूल्य दिलाने में सहायक होगी।

रोजगार के मोर्चे पर भी नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा एक नए युग का सूत्रपात कर रहा है। जायसवाल के विश्लेषण के अनुसार, शुरुआती पांच वर्षों के भीतर ही हवाई अड्डे के परिचालन, ग्राउंड हैंडलिंग, खुदरा व्यापार और होटल जैसे प्रत्यक्ष क्षेत्रों में 20,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। इसके साथ ही एमआरओ (रखरखाव और मरम्मत), कार्गो और विमानन सेवाओं जैसे तकनीकी क्षेत्रों में 30,000 से अधिक कुशल युवाओं को काम मिलेगा।

5 लाख से अधिक नये रोजगार

यदि अप्रत्यक्ष रोजगार की बात करें, तो कृषि, परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में 5 लाख से अधिक नए अवसर पैदा होंगे, जो लंबी अवधि में बढ़कर 40 से 50 लाख तक पहुंच सकते हैं। यह आंकड़ा प्रदेश के युवाओं के लिए भविष्य की एक सुनहरी तस्वीर पेश करता है।

Jewar Airport

हवाई अड्डे के चालू होने से उत्तर प्रदेश में पर्यटन और व्यापार के भी नए आयाम स्थापित होने जा रहे हैं। यह हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ आगरा के ताज महल, मथुरा-वृंदावन की पावन भूमि और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक शहरों को एक एकीकृत वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ देगा। बेहतर हवाई संपर्क के चलते न केवल अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में भारी वृद्धि होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन और कॉर्पोरेट बिजनेस ट्रिप को भी एक अभूतपूर्व गति मिलेगी। इससे प्रदेश के होटल और आतिथ्य सत्कार उद्योग में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।

औद्योगिक और रियल एस्टेट के परिदृश्य में भी जेवर हवाई अड्डे का प्रभाव क्रांतिकारी रहने वाला है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के क्षेत्र अब तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। यहाँ स्थापित होने वाले डेटा सेंटर्स, फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स इस हवाई अड्डे के कारण दुनिया भर के निवेशकों की पहली पसंद बन चुके हैं।

ग्रोथ इंजन बना यूपी

लॉजिस्टिक लागत घटने और वैश्विक संपर्क बेहतर होने से उत्तर प्रदेश अब चीन और वियतनाम जैसे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों को टक्कर देने की स्थिति में आ गया है। अंततः, यह हवाई अड्डा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन का जीवंत प्रमाण है जिसमें उत्तर प्रदेश अब एक ‘बीमारू’ राज्य की छवि को पीछे छोड़कर भारत के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है।

 

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