इजराइल-लेबनान हमलों से भड़का ईरान, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद; वैश्विक युद्धविराम खतरे में

वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भारी संकट आ सकता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

तेहरान/बेरूत मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को उस समय बड़ा झटका लगा जब ईरान ने इजराइल द्वारा लेबनान में किए गए भीषण हमलों के जवाब में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया युद्धविराम के चंद घंटों बाद ही सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। बुधवार को बेरूत के रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों पर हुए इजराइली हमलों में मरने वालों की संख्या 182 तक पहुंच गई है, जिसे ईरान ने शांति समझौते की शर्तों का खुला उल्लंघन बताया है।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका और इजराइल के रवैये को ‘अतार्किक’ करार देते हुए कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम की गरिमा बनाए रखने में विफलता दिखाई है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि लेबनान में संघर्ष को रोकना समझौते का हिस्सा था, हालांकि अमेरिका और इजराइल इस दावे को खारिज कर रहे हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जलडमरूमध्य को बंद करने के ईरान के कदम को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताया है और इसे तत्काल खोलने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समुद्री मार्ग बंद रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भारी संकट आ सकता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है।

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