सीजफायर के बीच भारत की सख्त एडवाइजरी, तुरंत छोड़ दो ईरान, खतरा अभी टला नहीं है

 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी भीषण तनाव और युद्ध की आहट के बीच भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी नेतृत्व ने दो सप्ताह के सीजफायर पर सहमति जता दी हो, लेकिन भारत सरकार ने इसे पूर्ण शांति मानने से इनकार कर दिया है। यही कारण है कि, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आज, 8 अप्रैल को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन एडवाइजरी जारी करते हुए वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह दी है।

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दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह

यह घोषणा उस वक्त हुई है जब दुनिया युद्ध रुकने की खबरों से राहत महसूस कर रही है, लेकिन भारत की यह चेतावनी स्पष्ट संकेत है कि पर्दे के पीछे हालात अब भी बेहद नाजुक और अनिश्चित बने हुए हैं। ऐसे ने भारतीयों को सतर्कता बरतते हुए बिना समय गवाएं ईरान छोड़ देना चाहिए।

Indian Embassy

भारतीय दूतावास द्वारा जारी इस ताजा निर्देश को कल की उस एडवाइजरी का अगला और अधिक गंभीर चरण माना जा रहा है, जिसमें नागरिकों को केवल सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को कहा गया था। आज के संदेश में दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक दूतावास के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें और उनके द्वारा बताए गए सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करते हुए देश से बाहर निकलें।

अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर न जाएं

भारत सरकार की प्राथमिकता इस समय ईरान ने फंसे हजारों छात्रों, व्यापारियों और कामगारों को किसी भी संभावित संघर्ष के दोबारा भड़कने से पहले सुरक्षित वतन वापस लाना है। सुरक्षा के लिहाज से दूतावास ने एक बहुत ही सख्त हिदायत जारी की है, जिसके तहत किसी भी भारतीय नागरिक को अपनी मर्जी से या बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की तरफ जाने से मना किया गया है।

अधिकारियों का मानना है कि, युद्धविराम के दौरान भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य हलचल और चौकसी बहुत अधिक होती है, ऐसे में बिना उचित तालमेल के सीमा पार करने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है। दूतावास ने नागरिकों से कहा है कि, वे किसी भी दिशा में प्रस्थान करने से पहले दूतावास की टीम से अनिवार्य रूप से समन्वय स्थापित करें ताकि उन्हें एक सुरक्षित गलियारा प्रदान किया जा सके।

हर भारतीय नागरिक की मैपिंग के निर्देश

ईरान में हो रहे इन तेजी से बदलते घटनाक्रमों और सुरक्षा संबंधी नई चुनौतियों को देखते हुए भारत सरकार ने जमीन पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय दिल्ली से लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और तेहरान दूतावास को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर एक भारतीय नागरिक की मैपिंग करें ताकि निकासी की प्रक्रिया में कोई पीछे न छूट जाए।

Indian Embassy

यह कदम इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के नतीजों को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है और किसी भी चूक की स्थिति में युद्ध दोबारा शुरू होने का खतरा टला नहीं है। भारतीय नागरिकों की सहायता और उनके सवालों के जवाब देने के लिए दूतावास ने चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाले चार इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो इस प्रकार हैं।

हेल्प लाइन नंबर
  • +989128109115
  • +989128109102
  • +989128109109
  • +989932179359

इन नंबरों के अलावा, दूतावास ने उन लोगों के लिए एक आधिकारिक ईमेल आईडी cons.tehran@mea.gov.in भी जारी की है जो लिखित में जानकारी साझा करना चाहते हैं या अपनी समस्या दर्ज कराना चाहते हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीजफायर की इस छोटी सी खिड़की का उपयोग करके अधिक से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके।

बड़े संकट से बचने का प्रयास

विशेषज्ञों का कहना है कि, भारत की यह प्रो-एक्टिव कूटनीति भविष्य के किसी भी बड़े संकट से बचने का एक ठोस प्रयास है, क्योंकि युद्ध के मैदान में स्थितियां किसी भी पल पलट सकती हैं। फिलहाल, तेहरान में भारतीय दूतावास एक युद्ध स्तर के कंट्रोल रूम की तरह काम कर रहा है ताकि हर भारतीय की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो सके।

 

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