
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए ग्राम समाज की जमीन पर बनी अवैध मस्जिद को जमींदोज कर दिया है। यह पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई, जिसमें मस्जिद कमेटी द्वारा जमीन पर अपना मालिकाना हक साबित न कर पाने के बाद ध्वस्तीकरण की अनुमति दी गई थी।
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मौके पर तनाव
बुधवार, 1 अप्रैल की देर रात जब पूरा इलाका सो रहा था, तब भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला बुलडोजरों के साथ ग्राम अस्ति पहुंचा और गाटा संख्या 648 पर बने इस ढांचे को ढहा दिया। इस कार्रवाई के बाद से मौके पर भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इस पूरे विवाद की जड़ें तहसील बीकेटी के ग्राम अस्ति में स्थित सरकारी जमीन से जुड़ी हैं। राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार, जिस भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था, वह आधिकारिक तौर पर ग्राम सभा की संपत्ति है। इस जमीन पर अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर विवाद चल रहा था और मामला कानूनी दांव-पेंच में फंसा हुआ था।
सरकारी जमीन पर बनी थी मस्जिद
मस्जिद कमेटी ने इस निर्माण को कानूनी रूप से वैध साबित करने के लिए न्यायालय में एक लंबी लड़ाई लड़ी, जिसमें विभिन्न तर्क दिए गए कि यह निर्माण काफी पुराना है और इसका धार्मिक महत्व है। हालांकि, कोर्ट में सुनवाई के दौरान कमेटी ऐसे कोई भी साक्ष्य या आवंटन पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह सिद्ध हो सके कि उक्त भूमि उन्हें कभी आवंटित की गई थी या वे उसके कानूनी स्वामी हैं। अंततः, उच्च न्यायालय ने मस्जिद कमेटी की याचिका को खारिज कर दिया और प्रशासन को अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए।
कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही जिला प्रशासन ने बिना समय गंवाए ध्वस्तीकरण की योजना तैयार की। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के डर से इस ऑपरेशन के लिए देर रात का समय चुना गया। जब बुलडोजर मौके पर पहुंचे, तो गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और मस्जिद से जुड़े लोग वहां एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
कई थानों की फ़ोर्स और PAC तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही लखनऊ के कई थानों की फोर्स, पीएसी की टुकड़ियों और वरिष्ठ अधिकारियों को वहां तैनात कर रखा था। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और लोगों को निर्माण स्थल से दूर रहने की हिदायत दी। ड्रोन कैमरों के माध्यम से भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी गई ताकि कोई उपद्रवी माहौल खराब न कर सके।

स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच इस मस्जिद को लेकर एक और गंभीर चिंता बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर थी। ग्रामीणों ने कई बार यह शिकायत दर्ज कराई थी कि इस मस्जिद में दूर-दराज और बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं, जिससे गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा था और अक्सर तनाव की स्थिति पैदा होती थी।
प्रशासन ने भी अपनी रिपोर्ट में माना था कि इस अवैध ढांचे के कारण इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द पर खतरा मंडरा रहा था। इन्हीं सब कारणों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट के आदेश को तत्काल लागू करना अनिवार्य समझा गया। जैसे-जैसे बुलडोजर ने ढांचे को गिराना शुरू किया, भीड़ की तरफ से नाराजगी देखी गई, लेकिन भारी सुरक्षा घेरे के कारण कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
इलाके में बढ़ी पुलिस की गश्त
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं किया जाएगा, चाहे वह किसी भी समुदाय या स्वरूप का हो। प्रशासन का तर्क है कि, यह कार्रवाई किसी धर्म विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि केवल और केवल न्यायालय के आदेशों का सम्मान करने और सरकारी संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई है।
मस्जिद गिराए जाने के बाद अब उस भूमि को आधिकारिक रूप से ग्राम समाज को वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मलबे को हटाने और भूमि के समतलीकरण के निर्देश भी दे दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस पर दोबारा कोई अवैध कब्जा न हो सके। फिलहाल, ग्राम अस्ति और आसपास के बीकेटी इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा रखा गया है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और खुफिया विभाग के कर्मी गांव में रहकर हर छोटी-बड़ी हलचल पर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान ने देने की अपील
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस मामले को लेकर कोई भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाई जा सके। इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि, उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रहा बुलडोजर अभियान अब कोर्ट के आदेशों के साथ और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है, जिससे भू-माफियाओं और अवैध कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। इलाके में अब धीरे-धीरे शांति बहाल हो रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर अगले कुछ दिनों तक वहां पुलिस बल तैनात रहेगा।
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