हुनर साबित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने सुधार के लिए खेल रहा हूं: अजिंक्य रहाणे

रहाणे ने स्वीकार किया कि जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी ने खेल का रुख बदल दिया।

मुंबई। कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान और अनुभवी भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अपने भविष्य को लेकर जारी अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि वे क्रिकेट किसी को कुछ साबित करने के लिए नहीं, बल्कि खेल में अपने निरंतर विकास के लिए खेल रहे हैं।

37 वर्षीय रहाणे, जिन्होंने पिछले सत्र में मुंबई रणजी टीम की कप्तानी छोड़ दी थी, ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि लोग पिछले 20 वर्षों से उनके बारे में बातें कर रहे हैं और उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल के शुरुआती मैच में 40 गेंदों पर 67 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद रहाणे ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि वे अपनी बल्लेबाजी से संतुष्ट हैं और पिछले दो-तीन वर्षों में सफेद गेंद के प्रारूप में उनके खेल में काफी सुधार आया है।

मैच के विश्लेषण पर चर्चा करते हुए रहाणे ने स्वीकार किया कि जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी ने खेल का रुख बदल दिया। उन्होंने बताया कि कोलकाता की टीम एक समय 235 से 240 रनों के विशाल स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन बुमराह के अंतिम दो किफायती ओवरों ने बड़ा अंतर पैदा कर दिया, जिससे टीम अपेक्षित स्कोर तक नहीं पहुंच सकी।

रहाणे ने बुमराह की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक महान गेंदबाज बताया। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और घरेलू कप्तानी को लेकर लग रही अटकलों के बीच रहाणे ने साफ कर दिया कि उनका पूरा ध्यान एक क्रिकेटर के तौर पर खुद को बेहतर बनाने पर है और वे लोगों की बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल का आनंद लेना चाहते हैं।

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