क्या आपके भी किचन सिंक और बाथरूम में कनखजूरों ने जमा लिया है डेरा?, इन 5 तरीकों से हटाएं

मकान चाहे आलीशान हो या साधारण, कुछ बिन बुलाए मेहमान ऐसे होते हैं जो आपकी रातों की नींद और दिन का चैन छीन लेते हैं। इन्हीं में से एक है कनखजूरा। दर्जनों पैरों वाला यह जीव अक्सर हमारे घरों के सबसे संवेदनशील हिस्सों किचन और बाथरूम में अपना डेरा जमा लेता है। अक्सर महिलाएं किचन में काम करते समय सिंक के पास इन्हें देखकर खौफजदा हो जाती हैं। कनखजूरा न केवल देखने में घिनौना लगता है, बल्कि इसका काटना भी काफी दर्दनाक हो सकता है, जिससे त्वचा पर तेज जलन, सूजन और लालिमा आ सकती है।

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गर्मी में बढ़ जाती है सक्रियता

विशेषज्ञों का मानना है कि, बारिश और भीषण गर्मी के मौसम में इनकी सक्रियता कई गुना बढ़ जाती है। नमी वाले स्थानों की तलाश में ये कीड़े ड्रेनेज पाइप, सिंक की दरारों और बाथरूम के गीले कोनों के जरिए घर के भीतर प्रवेश कर जाते हैं। यदि आप भी अपने घर में कनखजूरों की बढ़ती तादाद से परेशान हैं, तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको उन प्रभावी और व्यावहारिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिनका उपयोग कर आप इन जहरीले जीवों को अपने घर से बाहर कर सकते हैं।

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कनखजूरों के जीवन चक्र में नमी का बहुत बड़ा योगदान होता है। ये जीव सूखे वातावरण में जीवित नहीं रह सकते, इसलिए इनका ठिकाना हमेशा ऐसी जगह होता है जहां पानी का रिसाव हो या हवा में सीलन हो। अगर आपके घर में कनखजूरे बार-बार दिखाई दे रहे हैं, तो सबसे पहले अपने घर के वॉटर लीकेज की समस्या को खत्म करें।

किचन का सिंक इस्तेमाल करने के बाद उसे सूखे कपड़े से पोंछना एक अच्छी आदत हो सकती है। अक्सर लोग रात भर सिंक में बर्तन छोड़ देते हैं या पानी भरा रहने देते हैं, जो कनखजूरों के लिए दावत जैसा होता है। बाथरूम के फर्श को हमेशा सूखा रखने की कोशिश करें और यह सुनिश्चित करें कि ड्रेनेज पाइप के पास कहीं भी पानी का जमाव न हो। यदि नल से पानी टपक रहा है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं, क्योंकि एक-एक बूंद पानी भी इन कीड़ों को आपके घर में आमंत्रित करने के लिए काफी है।

साफ-सफाई रखें

कनखजूरे केवल नमी की तलाश में ही नहीं आते, बल्कि वे खाने के छोटे-छोटे कणों और गंदगी की तरफ भी आकर्षित होते हैं। किचन में अक्सर स्लैब के कोनों में या गैस चूल्हे के नीचे खाने के बारीक अंश गिर जाते हैं, जो अन्य छोटे कीड़ों को बुलाते हैं। कनखजूरे असल में इन छोटे कीड़ों का शिकार करने के लिए आपके किचन तक पहुंचते हैं, इसलिए, सफाई केवल फर्श तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हर उस कोने की गहराई से सफाई करें जहां हाथ आसानी से नहीं पहुंचता।

डस्टबिन को कभी भी खुला न छोड़ें और रात को सोने से पहले कचरा घर से बाहर फेंकना सुनिश्चित करें। याद रखें, जितनी अधिक स्वच्छता होगी, इन कीड़ों के जीवित रहने की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी।

कई बार हम घर की अंदरूनी सफाई तो कर लेते हैं, लेकिन उन रास्तों पर ध्यान नहीं देते जहां से ये कीड़े अंदर आते हैं। कनखजूरे बहुत ही लचीले होते हैं और दीवारों की बारीक दरारों, टाइल्स के बीच के गैप या खिड़की-दरवाजों के नीचे की खाली जगह से आसानी से सरक कर अंदर आ सकते हैं। अपने घर का बारीकी से निरीक्षण करें और जहां भी दरार दिखे, उसे व्हाइट सीमेंट या सिलिकॉन सीलेंट से भर दें।

विशेष रूप से उन पाइपलाइनों के आसपास के हिस्सों को सील करें जो दीवार के अंदर जाते हैं। दरवाजों के नीचे ‘डोर स्वीप’ या रबर स्ट्रिप लगाना एक बहुत ही कारगर उपाय साबित होता है, जो न केवल कनखजूरों को बल्कि सांप और बिच्छू जैसे अन्य खतरनाक जीवों को भी घर में घुसने से रोकता है।

 अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

अगर आप छोटे बच्चों या पालतू जानवरों के कारण केमिकल वाले कीटनाशकों का प्रयोग करने से बचना चाहते हैं, तो प्रकृति ने हमें कई ऐसे विकल्प दिए हैं जिनकी गंध कनखजूरों को बिल्कुल पसंद नहीं आती। नीम का तेल इस मामले में रामबाण माना जाता है। नीम के तेल की तीखी गंध और इसके औषधीय गुण कीड़ों के तंत्रिका तंत्र पर सीधा असर करते हैं।

आप नीम के तेल का स्प्रे बना सकते हैं या इसकी पत्तियों को उन कोनों में रख सकते हैं, जहां कनखजूरों के छिपने की आशंका हो। इसके अलावा, रसोई में मौजूद लौंग और तेजपत्ता भी बहुत काम आते हैं। इनकी कड़वी महक कनखजूरों को उस जगह से दूर भागने पर मजबूर कर देती है। एक और प्रभावी तरीका बोरिक पाउडर का छिड़काव है। हालांकि इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए, लेकिन नालियों के किनारे इसका हल्का छिड़काव कनखजूरों के खात्मे के लिए अचूक माना जाता है।

केमिकल स्प्रे

कभी-कभी समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि घरेलू उपाय नाकाफी साबित होने लगते हैं, खासकर पुराने मकानों या ग्राउंड फ्लोर वाले घरों में। ऐसी स्थिति में बाजार में उपलब्ध विशिष्ट पेस्ट कंट्रोल स्प्रे का सहारा लेना उचित रहता है। सिंक के नीचे, वॉश बेसिन के पाइप के पीछे और अलमारियों के निचले हिस्सों में रात के समय स्प्रे करना फायदेमंद होता है। यदि आपको लगता है कि कनखजूरों ने घर की नींव या सीलन वाली दीवारों में पक्का ठिकाना बना लिया है, तो किसी पेशेवर पेस्ट कंट्रोल सर्विस को बुलाने में देरी न करें। वे सुरक्षित और प्रमाणित रसायनों का उपयोग करके आपके घर को इन कीड़ों से पूरी तरह मुक्त कर सकते हैं।

अक्सर हम घर के अंदर तो सुरक्षा बढ़ा देते हैं, लेकिन घर के बाहरी हिस्से को नजरअंदाज कर देते हैं। कनखजूरे अक्सर बाहर के बगीचे, गमलों के नीचे जमा गीली मिट्टी, लकड़ियों के ढेर या कबाड़ में पनपते हैं। यदि आपके घर के बाहर कूड़ा-करकट जमा है या घास बहुत बड़ी हो गई है, तो यह कनखजूरों के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड का काम करता है। अपने गार्डन की नियमित छंटाई करें और गमलों को दीवार से सटाकर रखने के बजाय थोड़ा दूर रखें। घर के चारों ओर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने से भी एक सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है, जिससे कीड़े बाहर से अंदर नहीं आ पाते।

अगर आप इन बताए गए तरीकों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लेते हैं, तो निश्चित तौर पर आपका किचन और बाथरूम न केवल सुरक्षित रहेगा, बल्कि आपकी सेहत और सुकून भी बरकरार रहेगा।

 

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