हाथरस की अदालत ने राहुल गांधी को भेजा नोटिस, ये है पूरा मामला

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले की अदालत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ नोटिस जारी किया है । ये नोटिस बुधवार को शाम चार बजे जारी किया है। दरअसल, हाथरस में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का एक केस चल रहा है। यह नोटिस जिले की एडीजे पंचम अदालत की तरफ से एक रिवीजन याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया गया। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को तय की गई है।

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बूलगढ़ी हत्याकांड से जुड़ा है केस

इस पूरे प्रकरण की जड़ें उस बहुचर्चित हत्याकांड से जुड़ी हैं जो 14 सितंबर 2020 को हाथरस के बूलगढ़ी गांव में हुई थी। 14 सितंबर को यहां एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था और इसके बाद बेहद निर्दयता से उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना रहा था।

Rahul Gandhi

इस घटना के तीन साल बाद 2 मार्च 2023 को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए एक आरोपी संदीप को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, इसी केस के तीन अन्य आरोपी, लवकुश, रामू और रवि को अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। यह फैसला भी उस समय काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि पीड़ित परिवार और कई सामाजिक संगठनों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

राहुल गांधी पर गैंगरेप का आरोप लगाने का इल्जाम

इसी मामले मे नया मोड तब आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी 12 दिसंबर 2024 को पीड़ित परिवार से मिलने के लिए बूलगढ़ी गांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना था और उन्हें सांत्वना दी थी, लेकिन इसी मुलाकात के दौरान राहुल गांधी पर एक गंभीर आरोप लगा। आरोप यह है कि, इस दौरान उन्होंने अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जा चुके युवकों को सार्वजनिक रूप से गैंगरेप का आरोपी बता दिया था।

अदालत से बरी हो चुके तीनों युवक, रामू, लवकुश और रवि, राहुल गांधी के इस कथित बयान से बेहद आहत हुए। उनका कहना था कि जब अदालत पहले ही उन्हें इस गंभीर आरोप से मुक्त कर चुकी है, तो इस तरह सार्वजनिक रूप से उन्हें दोषी की तरह पेश करना उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाने जैसा है। इसी आधार पर तीनों युवकों ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर करने का फैसला किया और अदालत का दरवाजा खटखटाया।

 राहुल के वकील की दलील

इस मानहानि मामले में राहुल गांधी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने अदालत में यह दलील दी थी कि, यह पूरा मामला निराधार है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। उनकी तरफ से दलील दी गई कि, राहुल गांधी का यह बयान किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित करके नहीं दिया गया था, बल्कि यह एक व्यापक संदर्भ में दिया गया एक सामान्य बयान था।

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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ACJM एवं सांसद-विधायक कोर्ट ने 2 मई को सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद 13 मई को अदालत ने इस मानहानि मामले में राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए मामले को खारिज कर दिया था। इस फैसले से राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए राहत की खबर आई थी, लेकिन यह मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ।

 युवकों ने रिवीजन याचिका देर कर दी

निचली अदालत का ये फैसला दोषमुक्त युवाओं को रास नहीं आया और तीनों युवकों, रवि, रामू और लवकुश ने इस फैसले के खिलाफ रिवीजन याचिका दायर कर दी। उनकी ओर से वकील मुन्ना सिंह पुंडीर ने जिला न्यायालय में एक रिवीजन याचिका दायर की। इस याचिका के दायर होने के बाद मामले को आगे की सुनवाई के लिए एडीजे कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि बुधवार को एडीजे पंचम की अदालत ने इस रिवीजन याचिका पर पुनः सुनवाई की। सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में राहुल गांधी को नोटिस जारी करने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में अब अगली सुनवाई की तारीख 11 अगस्त 2026 तय की गई है, जिस दिन इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

मामले का आगे क्या होगा

अब सभी की नजरें 11 अगस्त 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मानहानि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें एक प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक नेता के बयान और उसके सामाजिक प्रभाव से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल जुड़े हुए हैं।

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बूलगढ़ी हत्याकांड मामला शुरू से ही अपने विभिन्न पहलुओं के कारण चर्चा में रहा है, चाहे वह मूल आपराधिक मामला हो, उसमें आया अदालती फैसला हो, या फिर अब इससे जुड़ा यह नया मानहानि प्रकरण। आने वाले समय में इस मामले में और क्या नए मोड़ सामने आते हैं, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल कानूनी प्रक्रिया अपने तय रास्ते पर आगे बढ़ रही है और अगली सुनवाई में इस मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

 

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