हापुड़ में हैवानियत: 7 साल के मासूम को बंद किया डीप फ्रीजर, ग्रामीणों ने मरणासन्न हालत में निकाला

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आधुनिक समाज में मरती मानवीय संवेदनाओं को भी नंगा कर दिया है। यहां एक महज 7 साल के मासूम बच्चे को चोरी के शक में इस कदर प्रताड़ित किया गया कि, सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

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दबंगों ने न केवल बच्चे को बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे जिंदा मारने की नीयत से डीप फ्रीजर में बंद कर दिया। घंटों तक वह मासूम हाड़ कंपाने वाली ठंड और ऑक्सीजन की कमी से फ्रीजर में तड़पता रहा। गनीमत रही कि, समय रहते ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने बच्चे को वहां से निकलवा लिया।

घर के बाहर खेल रहा था बच्चा

जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना हापुड़ के धौलाना क्षेत्र के शेखपुर खिचरा गांव की है। पीड़ित बच्चे के पिता इमरान का कहना है  कि, उनका 7 वर्षीय बेटा घर के पास ही खेल रहा था, तभी गांव के ही एक रसूखदार और दबंग व्यक्ति आजाद बच्चे पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसे डराने-धमकाने लगे और जबरन उठाकर अपनी दुकान पर ले गये। वहां उन्होंने उसे एक बड़े डीप फ्रीजर में बंद कर दिया।

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इमरान ने बताया कि आजाद ने  फ्रीजर का ढक्कन ऊपर से बंद कर दिया, ताकि बच्चे की चीखें बाहर न जा सकें। बंद फ्रीजर के भीतर तापमान लगातार गिर रहा था और ऑक्सीजन की मात्रा कम हो रही थी। बच्चा अंदर से ढक्कन पीटने की कोशिश करता रहा, लेकिन बाहर खड़े लोगों का दिल नहीं पसीजा। इमरान का कहना है कि, आरोपी आजाद ने जानबूझकर उनके बेटे को जान से मारने की कोशिश की थी।

ग्रामीणों निकाला बाहर

काफी देर तक जब बच्चा घर नहीं लौटा और गांव के कुछ लोगों ने उसे आजाद के ठिकाने के पास संदिग्ध परिस्थितियों में देखा, तो उन्हें शक हुआ। ग्रामीणों ने जब वहां पहुंचकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बच्चा फ्रीजर के भीतर लगभग अधमरा हो चुका था। ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाया और बच्चे को बाहर निकाला। फ्रीजर से बाहर निकलते ही बच्चा कांप रहा था और उसकी सांसें उखड़ रही थीं।

ग्रामीणों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस और बच्चे के परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और अपने जिगर के टुकड़े की हालत देख फफक पड़े। बच्चे को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टर के अनुसार, बच्चे को गंभीर हाइपोथर्मिया और मानसिक सदमा लगा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस महकमे में हड़कंप 

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया। धौलाना पुलिस ने पीड़ित पिता इमरान की तहरीर पर आरोपी आजाद के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी पर हत्या के प्रयास और बाल संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की तैयारी की है।

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हापुड़ पुलिस का कहना है कि, आरोपी आजाद फिलहाल घर छोड़कर फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसे ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो समाज के लिए एक नजीर बने।

आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग

गांव के लोगों का कहना है कि अगर 5-10 मिनट की और देरी हो जाती, तो फ्रीजर के भीतर ऑक्सीजन खत्म होने से बच्चे की मौत निश्चित थी। बच्चे के पिता इमरान ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए कहा, मेरा बेटा घंटों तड़पता रहा। उस मासूम ने किसी का क्या बिगाड़ा था? अगर उसने कुछ गलत किया भी था, तो उसे हमें बताते या पुलिस को बुलाते, लेकिन उसे फ्रीजर में बंद कर देना दरिंदगी है। गांव के अन्य अभिभावकों में भी इस घटना को लेकर गहरा रोष है और वे आरोपी को फांसी जैसी सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।

अस्पताल में भर्ती बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि शारीरिक चोटों के अलावा बच्चे के मन पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है। वह बच्चा अब किसी भी अंजान व्यक्ति को देखकर सहम जा रहा है। मनोचिकित्सकों का मानना है कि इस तरह के ट्रॉमा से बाहर आने में बच्चे को लंबा समय लग सकता है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और बच्चे के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया है।

 

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