
नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार के समीकरणों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार, 23 अप्रैल को हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से आसमान छू रही सोने और चांदी की कीमतों में आज एक बड़ा करेक्शन देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों की सांसें अटक गई हैं। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और देखते ही देखते कीमती धातुओं के दाम गोता लगाने लगे।
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ग्राहकों को राहत
सोने की कीमतों में जहां प्रति 10 ग्राम 500 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी के भाव भी हजारों रुपये टूट गए हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि, मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते कीमतों में यह नरमी आई है, जो शादियों के सीजन से ठीक पहले ग्राहकों के लिए थोड़ी राहत भरी खबर हो सकती है।
घरेलू फ्यूचर मार्केट में आज सुबह से ही बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर 5 जून 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा करीब 540 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया। आज बाजार खुलते ही सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया था।

एमसीएक्स पर गोल्ड वायदा आज 1,52,051 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ओपन हुआ, जबकि इसके पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,52,657 रुपये पर बंद हुआ था। सुबह के शुरुआती घंटों में एक समय ऐसा भी आया जब सोने ने 1,53,200 रुपये का उच्च स्तर छुआ, लेकिन वहां टिकने में नाकाम रहा और 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,115 रुपये के आसपास कारोबार करने लगा। कीमतों में आई इस अचानक गिरावट ने उन लोगों को चौंका दिया है जो सोने को सुरक्षित निवेश मानकर ऊंचे स्तरों पर खरीदारी कर रहे थे।
चांदी की बात करें, तो वहां गिरावट और भी अधिक भयावह नजर आ रही है। सफेद धातु यानी चांदी में आज निवेशकों ने भारी बिकवाली की है। एमसीएक्स पर 5 मई 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी आज 1.55 प्रतिशत यानी लगभग 3,850 रुपये की भारी गिरावट के साथ ट्रेड कर रही है। चांदी के वायदा कारोबार की शुरुआत आज 2,42,501 रुपये पर हुई थी। हालांकि, दिन के दौरान इसने 2,44,730 रुपये का हाई लेवल भी बनाया, लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिकने का दम चांदी में नजर नहीं आया।
रिटेल मार्केट में भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में आज 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,600 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है, जिसका सीधा मतलब है कि 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को अब 26,000 रुपये का भुगतान करना होगा। दक्षिण भारत के चेन्नई में कीमतें थोड़ी अलग हैं, वहां 10 ग्राम चांदी का भाव 2,700 रुपये के करीब चल रहा है।
देश के अलग-अलग शहरों में सोने के खुदरा भाव की बात करें तो दिल्ली और लखनऊ में आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,53,700 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं गहने बनाने के काम आने वाले 22 कैरेट सोने का दाम इन दोनों शहरों में 1,40,900 रुपये चल रहा है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 18 कैरेट सोना 1,15,310 रुपये के भाव पर उपलब्ध है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और हैदराबाद के बाजारों में भी कीमतों में नरमी का रुख बना हुआ है।
मुंबई में आज 24 कैरेट सोना 1,53,550 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,40,750 रुपये पर बिक रहा है। कोलकाता में भी यही दरें लागू हैं, जबकि अहमदाबाद और पटना जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,600 रुपये के आसपास बना हुआ है। सबसे अधिक कीमतें चेन्नई के बाजार में देखी जा रही हैं, जहां 24 कैरेट सोना 1,55,450 रुपये के उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि, सोने और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट अस्थाई हो सकती है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव का असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं पर पड़ता है। चूंकि भारत अपनी खपत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर छोटी हलचल यहां के भावों को प्रभावित करती है। आज की गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण तकनीकी सुधार भी माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने अपना मुनाफा समेटना शुरू कर दिया है, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतें नीचे आईं।
आम जनता के लिए यह समय खरीदारी के लिहाज से विचारणीय हो सकता है। विशेष रूप से उत्तर भारत में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे में सोने के दाम में 500-600 रुपये की प्रति 10 ग्राम गिरावट भी बजट पर बड़ा असर डालती है। हालांकि, ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे खरीदारी करते समय हॉलमार्किंग और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। 24 कैरेट और 22 कैरेट के दामों में आने वाला यह अंतर मेकिंग चार्ज और टैक्स के कारण हर शहर में थोड़ा अलग हो सकता है। फिलहाल बाजार की नजरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले भू-राजनीतिक बदलावों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा तय करेंगी।
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