
जोरहाट। कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष एवं सांसद गौरव गोगोई ने बुधवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा लगाए गए पाकिस्तान से संबंधों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “दिमाग की कोरी कल्पना” बताया।
गोगोई ने कहा कि उनके और उनकी पत्नी एलिजाबेथ क्लेयर गोगोई को पाकिस्तान से जोड़ने के दावे पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह मुख्यमंत्री की “कमजोरी” को दर्शाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आरोप और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों में स्पष्ट अंतर है। हम जो आरोप लगा रहे हैं, वे उनके परिवार, संपत्ति, भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र द्वारा उनकी पत्नी की कंपनी को दिए जा रहे लाभ से जुड़े हैं, जिनके समर्थन में सार्वजनिक रूप से साक्ष्य और रिपोर्ट मौजूद हैं।
गोगोई ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप केवल कल्पना पर आधारित हैं और इस तरह के बयान एक संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा,राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीति से ऊपर होनी चाहिए और इस पर बेबुनियाद आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गोगोई, उनकी पत्नी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच कथित संबंधों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया था।
गोगोई ने इन आरोपों को कमजोरी और असुरक्षा का प्रतीक बताते हुए कहा कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री कांग्रेस को कितना बड़ा राजनीतिक खतरा मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचकों के खिलाफ भय और दबाव की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा, अगर आप सरकार की आलोचना करते हैं, तो आपको जेल में डाल दिया जाता है या योजनाओं से वंचित कर दिया जाता है। यह लोकतांत्रिक राजनीति नहीं, बल्कि फासीवादी प्रवृत्ति है।
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गोगोई पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों के बावजूद मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि करदाताओं का पैसा उनकी पत्नी की कंपनी को क्यों दिया जा रहा है।
गोगोई ने अंत में कहा कि इन आरोपों ने उनके परिवार को और अधिक मजबूत बनाया है और असम की जनता इससे बेहतर शासन की हकदार है।



