यूपी में आसमान से बरस रही आग, प्रयागराज में पारा 44.6 पार, 11 जिलों में लू और गर्म रातों का रेड अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप की चपेट में है। इस बार की गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को खतरे में डाल दिया है। जेठ की तपिश ने अभी से अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसके चलते न केवल दिन का चैन छिन गया है, बल्कि रातें भी अब सुकून देने के बजाय बेहाल कर रही है। पछुआ हवाओं के गर्म थपेड़ों ने पूरे प्रदेश को मानो एक भट्टी में तब्दील कर दिया है।

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अभी और चढ़ेगा पारा 

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड से लेकर तराई के इलाकों तक, हर तरफ सूरज की आग का कहर साफ देखा जा सकता है। मौसम विभाग की मानें, तो फिलहाल एक हफ्ते तक इस जानलेवा गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं, बल्कि आने वाले दिनों में पारा और भी ऊपर चढ़ने की आशंका बढ़ गई है।

UP Heat wave

रविवार का दिन प्रदेशवासियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। संगम नगरी प्रयागराज में सूरज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, जिसके परिणामस्वरूप यहां का अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस आंकड़े के साथ प्रयागराज पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा। धार्मिक नगरी वाराणसी भी इस तपिश से अछूती नहीं रही और 44.2 डिग्री के साथ प्रदेश के दूसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज हुई।

सुल्तानपुर, बांदा, झांसी और आगरा जैसे शहरों में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां पारा लगातार 43 डिग्री के पार बना हुआ है। हमीरपुर में तो स्थिति इतनी विकट रही कि रात का न्यूनतम तापमान भी 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जिसका अर्थ यह है कि सूरज ढलने के बाद भी वातावरण में मौजूद गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है।

रातें भी होंगी गर्म

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने प्रदेश के हालातों पर चिंता जाहिर करते हुए बताया है कि, शुष्क पछुआ हवाओं और वायुमंडल की वर्तमान स्थितियों के कारण लू का प्रभाव अभी और बढ़ेगा। विभाग ने विशेष रूप से बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों, जिनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और भदोही शामिल हैं, वहां लू चलने की चेतावनी जारी की है।

इसके साथ ही पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर जैसे जिलों में उष्ण रात्रि की स्थिति बनी रहने की संभावना है। इसका सीधा मतलब यह है कि, इन इलाकों में रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा, जिससे लोगों की नींद हराम होना तय है।

नवाबों के शहर लखनऊ में भी रविवार को गर्मी ने इस सीजन के अपने तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। यहां तीखी धूप और लू के थपेड़ों की वजह से अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.4 डिग्री अधिक है। दोपहर के समय आलम यह था कि, हज़रतगंज और अमीनाबाद जैसे व्यस्ततम इलाकों की सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। लोग धूप से बचने के लिए अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

ऐसी की कूलिंग भी नहीं कर रही असर 

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लखनऊ में अगले पांच दिनों तक किसी भी तरह की राहत मिलने की संभावना नहीं है। रूखी पछुआ हवाओं ने शहर की नमी को सोख लिया है, जिससे लू की स्थिति और भी घातक हो गई है। प्रचंड गर्मी का सीधा प्रहार अब परिवहन सेवाओं पर भी दिखने लगा है। गर्मी इतनी अधिक है कि, भारतीय रेलवे की अत्याधुनिक ट्रेनें जैसे वंदे भारत और तेजस एक्सप्रेस की एसी कूलिंग भी दम तोड़ती नजर आ रही है।

UP Heat wave

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर एसी कूलिंग ठप होने की करीब 240 शिकायतें दर्ज की गई हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि, सात-सात टन के एसी भी इस भीषण तापमान के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं। यात्रियों ने न केवल कूलिंग की कमी, बल्कि आरक्षित बोगियों में बिना टिकट यात्रियों की घुसपैठ, शौचालयों की गंदगी और खराब खानपान को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।

हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा 

रेलवे विभाग ने हालांकि अधिकतर शिकायतों के निस्तारण का दावा किया है, लेकिन तपते लोहे के डिब्बों में सफर करना यात्रियों के लिए किसी सजा से कम नहीं रह गया है। यह भीषण गर्मी न केवल शहरी मध्यम वर्ग को परेशान कर रही है, बल्कि मेहनतकश मजदूरों और किसानों के लिए भी काल बनकर आई है। खेतों में काम करने वाले किसान दोपहर की गर्मी में झुलसने को मजबूर हैं।

वहीं, निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों के लिए लू के बीच काम करना जान जोखिम में डालने जैसा है। पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है और ग्रामीण इलाकों में जलस्तर गिरने की खबरें भी चिंता बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निकट भविष्य में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, इसलिए लोगों को स्वयं ही इस आपदा से बचने के लिए सतर्कता बरतनी होगी। डॉक्टर सलाह दे रहे हैं कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और जितना हो सके सीधी धूप से बचें, अन्यथा हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

 

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