
नोएडा /लखनऊ। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को लेकर उम्मीदें तेज हो गई हैं। मशहूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल्द ही जमीन पर आकार लेती नजर आएगी और इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वे गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में आयोजित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी।
बोनी कपूर को हवाई अड्डे के पास विकसित की जाने वाली नोएडा इंटरनेशनल फिल्म सिटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं और कुछ हिस्सों में शूटिंग का काम भी प्रारंभ हो गया है। उनके अनुसार, “यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। फिल्म सिटी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और संभव है कि चुनावों से पहले ही इसमें उल्लेखनीय प्रगति दिखाई दे।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों या 2029 के लोकसभा चुनावों की बात कर रहे थे, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि परियोजना तय समयसीमा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जैसे जेवर में हवाई अड्डे का पहला चरण सफलतापूर्वक साकार हुआ है, उसी तरह फिल्म सिटी भी जल्द ही वास्तविकता बन जाएगी।
कपूर ने इस परियोजना को उत्तर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि फिल्म सिटी के विकसित होने से न केवल फिल्म उद्योग को नई दिशा मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों जैसे पर्यटन, आतिथ्य, तकनीकी सेवाओं और छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ फिल्म सिटी नहीं है, बल्कि एक बड़ा औद्योगिक और सांस्कृतिक हब बनने जा रहा है, जहां कई तरह के उद्योग विकसित होंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह से चालू होगा, इस क्षेत्र में विकास की गति और तेज हो जाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण देश-विदेश के फिल्म निर्माता और निवेशक यहां आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस ग्रीनफील्ड फिल्म सिटी परियोजना को राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य को फिल्म निर्माण का एक बड़ा केंद्र बनाना है, ताकि मुंबई और हैदराबाद जैसे शहरों के साथ प्रतिस्पर्धा की जा सके।
जब उनसे पूछा गया कि क्या हवाई अड्डे का निर्माण किसानों की जीत के रूप में देखा जा सकता है, तो कपूर ने संतुलित जवाब देते हुए कहा, “मुझे लगता है कि यह पूरे भारत की जीत है।” उनका मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विकास को गति देती हैं।
कुल मिलाकर, यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाली यह फिल्म सिटी आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दृष्टि से यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।



