सहारे के बिना चलना भी मुश्किल! व्हीलचेयर से मैच देखने पहुंचे विनोद कांबली को देख रो पड़े फैंस

वानखेड़े स्टेडियम में मैच देखने पहुंचे विनोद कांबली

 मुंबई। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और अद्भुत प्रतिभा के लिए जाने, जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज विनोद कांबली एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई रिकॉर्ड नहीं बल्कि उनकी शारीरिक स्थिति है। रविवार को मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान स्टैंड्स में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लाखों क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया।

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फैंस ने की जल्द स्वस्थ होने की दुआ

लंबे समय तक क्रिकेट के मैदान से दूर रहने और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझने के बाद विनोद कांबली इस मैच को देखने के लिए खुद स्टेडियम पहुंचे थे। कांबली को इस हालत में सार्वजनिक रूप से देखकर उनके प्रशंसकों की आंखें नम हो गईं, क्योंकि जिस खिलाड़ी ने कभी दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों के छक्के छुड़ाए थे, आज उसे चलने के लिए भी दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ रही है। सोशल मीडिया पर आते ही उनका यह वीडियो आग की तरह फैल गया और खेल जगत के तमाम लोग उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की दुआएं मांग रहे हैं।

Vinod Kambli

इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि, विनोद कांबली को चलने-फिरने में अब भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है और वे बिना किसी ठोस सहारे के एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। स्टेडियम के सुरक्षाकर्मियों और उनके करीबियों ने उन्हें बेहद सावधानी से संभालकर सीट तक पहुंचाया। हालांकि, इस बेहद भावुक कर देने वाले वीडियो का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि कांबली की शारीरिक स्थिति और उनके चेहरे के हाव-भाव उनकी पिछली वायरल तस्वीरों के मुकाबले काफी बेहतर नजर आ रहे थे।

लंबे समय तक भर्ती रहे अस्पताल में

कुछ महीनों पहले जब उनकी बीमारी की खबरें पहली बार सामने आई थीं, तब उनकी हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही थी, लेकिन रविवार को वानखेड़े में उनके चेहरे पर दिखी मुस्कान ने फैंस को थोड़ी राहत जरूर दी है। इससे यह साफ जाहिर होता है कि, वे धीरे-धीरे ही सही, लेकिन रिकवरी की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

मालूम हो कि, पिछले कुछ समय से विनोद कांबली की तबीयत लगातार खराब चल रही थी और वे मुंबई के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रहे थे। उनका स्वास्थ्य इस कदर गिर चुका था कि, खेल जगत में उनकी आर्थिक और शारीरिक स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जाने लगी थी। ऐसे मुश्किल और अंधकारमय दौर में भारतीय क्रिकेट बिरादरी उनके साथ मजबूती से खड़ी रही।

विशेष रूप से विनोद कांबली के बचपन के दोस्त और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने संकट की इस घड़ी में अपना फर्ज निभाया। सचिन तेंदुलकर के अलावा भारतीय क्रिकेट के कई अन्य पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों और अधिकारियों ने कांबली के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इसी सामूहिक सहयोग और बेहतरीन चिकित्सा देखभाल का नतीजा है कि, आज कांबली अस्पताल के बिस्तर से उठकर दोबारा उस मैदान पर मैच देखने पहुंच सके, जहां उन्होंने कभी अपने बल्ले से कई ऐतिहासिक पारियां खेली थीं।

बना चुके हैं कई रिकॉर्ड

विनोद कांबली के इस रूप को देखकर क्रिकेट फैंस का भावुक होना लाजिमी है, क्योंकि नब्बे के दशक में उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे होनहार और प्रतिभाशाली बल्लेबाज माना जाता था। उन्होंने अपने शुरुआती टेस्ट करियर में लगातार दो दोहरे शतक जड़कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। सचिन तेंदुलकर के साथ स्कूली क्रिकेट में बनाई गई उनकी वर्ल्ड रिकॉर्ड साझेदारी को आज भी याद किया जाता है।

फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि क्रिकेट के खेल ने कांबली को एक दौर में बुलंदियों पर पहुंचाया था और आज जब वे अपने जीवन के सबसे कठिन ओवर का सामना कर रहे हैं, तो पूरा देश उनके साथ खड़ा है। खेल प्रेमियों का मानना है कि, स्टेडियम में उनकी मौजूदगी ही इस बात का सबूत है कि, उनके भीतर जीने और बीमारी से लड़ने का जज्बा अब भी पूरी तरह जिंदा है। अगर वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की बात करें, तो यह मैच भी उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा, जहां राजस्थान रॉयल्स ने मेजबान मुंबई इंडियंस को उनके घरेलू मैदान पर 30 रनों के अंतर से करारी शिकस्त दे दी।

राजस्थान रॉयल्स ने खेली 205 रनों की पारी

मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में अपने 8 विकेट गंवाकर 205 रनों का एक विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में राजस्थान की तरफ से खेल रहे युवा और उभरते खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी से फैंस को एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे इस बड़े मंच के दबाव को नहीं झेल सके और महज 4 रन के निजी स्कोर पर सस्ते में पवेलियन लौट गए। इसके बाद ध्रुव जुरेल ने मध्यक्रम में जिम्मेदारी संभालते हुए टीम के लिए सबसे ज्यादा 38 रनों की सूझबूझ भरी पारी खेली।

Vinod Kambli

पारी के आखिरी ओवरों में तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाया और मात्र 15 गेंदों का सामना करते हुए 32 रनों की तूफानी पारी खेलकर राजस्थान रॉयल्स को दो सौ रनों के पार पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 206 रनों के इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद निराशाजनक और झटकेदार रही। टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज और पूर्व कप्तान रोहित शर्मा बिना खाता खोले ही शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिससे स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया।

30 रन से पीछे रह गई एमआई

इसके तुरंत बाद नमन धीर और रयान रिकेलटन भी पिच पर ज्यादा देर नहीं टिक सके और जल्दी-जल्दी आउट होकर चलते बने। शुरुआती झटकों के बाद स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने एक छोर संभालकर काउंटर अटैक शुरू किया और मैदान के चारों तरफ चौके-छक्कों की बरसात करते हुए 60 रनों की एक बेहद शानदार और मनोरंजक पारी खेली। लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें दूसरे छोर पर किसी भी बल्लेबाज का लंबा और ठोस साथ नहीं मिल सका।

कप्तान हार्दिक पांड्या और ऑलराउंडर विल जैक्स ने मध्यक्रम में कुछ बड़े शॉट्स लगाकर मैच को मुंबई के पक्ष में मोड़ने की कोशिश जरूर की, लेकिन राजस्थान के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने उनकी यह कोशिश नाकाफी साबित हुई और अंततः मुंबई इंडियंस की टीम निर्धारित ओवरों में लक्ष्य से 30 रन पीछे रह गई।

 

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