E20 विवाद: इंजन खराब होने के दावों पर गडकरी का जवाब, प्योर पेट्रोल का भी बताया दाम

नई दिल्ली। देश में इन दिनों एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 और E25 को लेकर जबर्दस्त बहस छिड़ी हुई है। इसी बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुद सामने आकर इस पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की और जनता की जिज्ञासाओं को शांत किया। हाल ही में मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने न सिर्फ इस विवाद पर सफाई दी, बल्कि यह भी खुलासा किया कि, अगर भविष्य में शुद्ध यानी 100 फीसदी पेट्रोल अलग से बेचा जाए, तो उसकी कीमत क्या हो सकती है।

इसे भी पढ़ें- सीएम ने आपदा प्रभावित सड़कों का हाल नितिन गडकरी को बताया

गडकरी का साफ कहना है कि, उनका मकसद कभी भी किसी एक खास तरह के ईंधन को बढ़ावा देना नहीं रहा है। उनके मुताबिक असली लक्ष्य तीन बड़ी चीजें हैं। पहला- भारत को विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता से बाहर निकालना। दूसरा- देश में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और तीसरा- किसानों की आमदनी को बढ़ाना।

कितना महंगा हो सकता है शुद्ध पेट्रोल

इंटरव्यू में राजमार्ग मंत्री ने एक दिलचस्प आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि, अगर भविष्य में ग्राहकों को अलग-अलग विकल्प देने की व्यवस्था की जाती है यानी शुद्ध पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल दोनों अलग-अलग बेचे जाते हैं, तो 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल की कीमत करीब 168 रुपए प्रति लीटर तक जा सकती है।

Nitin Gadkari

इसके मुकाबले एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमत काफी कम रह सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि, सरकार फिलहाल एथेनॉल की खरीद करीब 54 से 66 रुपए प्रति लीटर की दर पर करती है, जिससे साफ है कि यह विकल्प आम उपभोक्ताओं की जेब पर काफी हल्का पड़ेगा।

इन कंपनियों ने बनाए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन

गडकरी ने इस दौरान ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की तैयारियों को लेकर भी अहम जानकारी दी। उनके अनुसार, देश और दुनिया की कई बड़ी ऑटो कंपनियां पहले से ही फ्लेक्स-फ्यूल इंजन तैयार कर चुकी हैं। कई कंपनियों ने खास तरह के इंजन बनाये हैं , जो शुद्ध पेट्रोल, शुद्ध एथेनॉल या फिर दोनों के मिश्रण के इस्तेमाल से चलेगी और खराब भी नहीं होंगी। उन्होंने टोयोटा, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा और हुंडई जैसी कंपनियों का नाम लेते हुए कहा कि, ये सभी इस तकनीक पर पहले से काम कर चुकी हैं। इतना ही नहीं, दोपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियां बजाज, टीवीएस, हीरो और होंडा ने भी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले टू-व्हीलर पहले ही तैयार कर लिए हैं।

E20 से इंजन खराब होने के दावों पर गडकरी का जवाब 

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि, E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं। इस पर सीधा जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि, अभी तक न तो सरकार के पास और न ही वाहन निर्माता कंपनियों के पास ऐसा कोई ठोस डेटा या सबूत मौजूद है, जो यह साबित करता हो कि E20 पेट्रोल की वजह से इंजन में खराबी आ रही है। उन्होंने साफ किया कि भारत में E20 को लागू करने से पहले वर्षों तक गहन जांच-पड़ताल की गई थी। इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए ही मंजूरी दी गई थी।

किसानों को हो रहा सीधा फायदा

गडकरी ने इस पूरी नीति का एक अहम पहलू और भी बातचीत में साझा किया। वह था किसानों को होने वाला फायदा। उन्होंने कहा, एथेनॉल नीति का सबसे ज्यादा लाभ अगर किसी को मिला है तो वह हैं देश के किसान। उन्होंने बताया कि, मक्के की कीमत जो पहले करीब 1,200 रुपए प्रति क्विंटल हुआ करती थी, वह अब बढ़कर 2,600 से 2,800 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है।

इसका सीधा फायदा बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों को हुआ है, जिन्हें कुल मिलाकर करीब 45,000 करोड़ रुपए का लाभ हुआ है। इसके अलावा चीनी मिलों पर किसानों का जो बकाया था। वह भी इस नीति के चलते काफी हद तक कम हो गया है।

ये हैं E20 लाने के उद्देश्य

गडकरी ने ये भी बताया कि, भारत हर साल पेट्रोलियम आयात पर लाखों करोड़ रुपए खर्च करता है। अगर देश बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों की तरफ आगे बढ़ेगा तो न सिर्फ आयात बिल कम होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने इस पूरी नीति को भारत के 2070 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के बड़े लक्ष्य से भी जोड़ा और कहा कि इस मंजिल तक पहुंचने के लिए एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाना बेहद जरूरी है।

अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील

एथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे विरोध और आलोचना पर गडकरी ने थोड़ा तल्ख अंदाज में जवाब दिया। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर कुछ लोगों के पास सही और पूरी जानकारी  नहीं है और वहीं कुछ लोग इसे गलत तरीके से प्रचारित कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि, E20 को लागू करने से पहले सरकार ने ऑटोमोबाइल कंपनियों, रिसर्च एजेंसियों और तकनीकी संस्थानों के साथ मिलकर पूरी और गहन जांच की थी। ऐसे में उनकी अपील है कि, लोग बिना पुष्टि किए फैल रही अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय तथ्यों और सरकारी आंकड़ों पर यकीन करें।

 

इसे भी पढ़ें- ग्राफिक एरा ने नितिन गडकरी को डॉक्टरेट ऑफ साइंस की मानद उपाधि से किया सम्मानित

 

Related Articles

Back to top button