महाकाल लोक पर दिग्विजय सिंह ने खड़ा किया विवाद, BJP बोली- न करें धर्म पर राजनीति

श्री महाकाल लोक कॉरिडोर की 6 मुर्तियां रविवार दोपहर को आई तेज आंधी की वजह से गिरकर टूट गई थीं। ये टूटी प्रतिमाएं वहां स्थापित किए गए सप्त ऋषियों में से 6 की हैं जो करीब 11 फुट ऊंची थीं। इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उज्जैन शहर में ‘श्री महाकाल लोक कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। घटिया कार्य की हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने महाकाल लोक के निर्माण करने वाले ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि ठेका मंजूर करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हवा के झोंके से सप्तश्रषि की सात में 6 मुर्तियां गिरी हैं। इसकी सारी जवाबदेही ठेकेदार के साथ साथ उन सारे अधिकारियों की है जिन्होंने ठेका मंजूर किया। उस ठेकेदार को भी गिरफ्तार किए जाने की अवश्यकता है।

इस पर बीजेपी ने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसी तरह के भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया है। अगर कांग्रेस के पास कोई प्रमाण है तो हलफनामे के साथ सरकार को दे। सिर्फ मीडिया में बात करने से साफ है कि सिर्फ राजनीति कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि महाकाल लोक में खंडित मूर्तियों को स्थापित नहीं किया जाएगा। वहां नई मूर्तियां लगेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसके निर्देश भी दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि धर्म कांग्रेस के लिए आस्था का नहीं, बल्कि चुनावी इवेंट है। जब चुनाव आते हैं, तो कांग्रेस धर्म के नाम पर राजनीति की गंदी कोशिश करती है।

कांग्रेस नेता शोभा ओझा और पूर्व मंत्री एवं विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने मूर्तियां गिरकर टूटने के बाद ‘श्री महाकाल लोक’ कॉरिडोर का दौरा करने के बाद बुधवार को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। वर्मा ने कहा कि हम मांग करते हैं कि हाईकोर्ट के किसी जज से ‘श्री महाकाल लोक’कॉरिडोर के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार और घटिया काम की जांच कराई जाए। हम जज को सभी सबूत और दस्तावेज सौंपेंगे। ओझा ने बताया कि कांग्रेस की एक टीम ने मंगलवार को विशेषज्ञों और मूर्तिकारों के साथ श्री महाकाल लोक कॉरिडोर का दौरा किया। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मूर्तियों के निर्माण और महाकाल लोक कॉरिडोर में चीनी मेटेरियल का इस्तेमाल किया गया था। प्रदेश की बीजेपी सरकार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विशेषज्ञों का कहना है कि मूर्तियों की कीमत करीब 80 प्रतिशत बढ़ा दी गई थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और घटिया काम होने के कारण हल्की आंधी के दौरान ही मूर्तियां गिर गईं।

यह भी पढ़ें: US में राहुल के ‘मुस्लिम डरे हुए हैं’ बयान पर भड़के ओवैसी, बोले-‘अशोक गहलोत को मोहब्बत की दुकान के बारे में…’

351 करोड़ रुपए तैयार हुआ महाकाल लोक, पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 11 अक्टूबर को 900 मीटर लंबे ‘श्री महाकाल लोक’ कॉरिडोर के पहले चरण का लोकार्पण किया था। कुल 856 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में श्री महाकाल लोक को 351 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन में स्थित है। यहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।