धामी कैबिनेट का एक्शन प्लान, नए मंत्रियों ने संभाली जिम्मेदारी, स्वरोजगार और जल संरक्षण पर जोर!

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी है यानी उन्हें विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इसी के साथ शासन-प्रशासन में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। हालांकि, इन नए मंत्रियों के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में अब महज एक ही साल बचा है, ऐसे में मंत्रियों के पास अपनी परफॉरमेंस दिखाने के लिए महज इतना ही समय है। ऐसे में लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारना और नई योजनाओं की रफ्तार बढ़ाना ही अब धामी के इन मंत्रियों का मुख्य लक्ष्य है।

इसे भी पढ़ें-  सीएम धामी ने बढ़ाई ताकत, कैबिनेट विस्तार कर किया ‘मिशन 2027’ का शंखनाद

भरत सिंह चौधरी

पहली बार कैबिनेट की कुर्सी संभालने वाले भरत सिंह चौधरी ने पदभार ग्रहण करते ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि, उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।

Dhami cabinet

कैबिनेट मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जो जिम्मेदारी दी है, उस पर खरा उतरना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लखपति दीदी बनाने के सरकार के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और पैकेजिंग में आमूलचूल सुधार किए जाएंगे। साथ ही, पर्वतीय क्षेत्रों में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि पलायन रुके और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हों।

मदन कौशिक 

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक अनुभवी है। उन्होंने पंचायतों को लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए उन्हें सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। उनकी कार्ययोजना में पंचायतों को 29 विषयों का अधिकार सौंपना और पंचायत विहीन क्षेत्रों में भवनों का निर्माण करना शामिल है। कैबिनेट मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि, पंचायत भवनों के निर्माण की राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाना उनकी प्राथमिकता है। इसके अलावा, उनका विजन उन गांवों को फिर से आबाद करना है, जो पलायन के कारण खाली हो चुके हैं। आपदा प्रबंधन, आयुष शिक्षा और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण विभागों में भी वे जनहित को सर्वोपरि रखकर कार्य करने की बात कह रहे हैं।

प्रदीप

परिवहन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्री प्रदीप ने स्पष्ट किया कि, उनकी प्राथमिकता परिवहन निगम को लाभ की स्थिति में लाना और कर्मचारियों को समय पर वेतन सुनिश्चित करना है। उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जहां अभी तक सरकारी बस सेवा नहीं पहुंच पाई है, वहां कनेक्टिविटी बढ़ाना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर है। इसके साथ ही, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुराज की परिकल्पना को साकार करने पर जोर दिया जाएगा।

Dhami cabinet

खजान दास

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने विभाग की छवि सुधारने और योजनाओं को सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने विभाग पर लगने वाले भ्रष्टाचार और जांच के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, अक्सर विभाग को लेकर जांच की बातें सामने आती हैं, मैं इसका पता लगाऊंगा कि ऐसी स्थिति क्यों पैदा होती है। उनका मुख्य फोकस विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार करना और यह सुनिश्चित करना है कि, पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को बिना किसी बाधा के मिले।

राम सिंह कैड़ा

पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने उत्तराखंड की सबसे बड़ी चुनौती सूखते जलस्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि, पहाड़ों में नौला और धारों का संरक्षण और पुनर्जीवन करना उनके विभाग का प्राथमिक कार्य होगा।जल संग्रहण के लिए वे चाल-खाल और जलागम विभाग के माध्यम से व्यापक अभियान चलाएंगे। इसके अलावा, राज्य में हरियाली बढ़ाने के लिए एक बड़ा पौधरोपण अभियान भी शुरू किया जाएगा। शहरी विकास के क्षेत्र में कैड़ा का लक्ष्य योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उन्हें तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि शहरों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो सके।

 कम समय, चुनौती ज्यादा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धामी सरकार के इन मंत्रियों के पास खुद को साबित करने के लिए समय बहुत सीमित है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जनता के बीच जाने से पहले उन्हें इन सभी योजनाओं के परिणाम दिखाने होंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हिस्से के विभाग सौंपकर यह साफ कर दिया है कि वे ‘परफॉरमेंस’ के आधार पर ही आगे की रणनीति तय करेंगे।

 

इसे भी पढ़ें- कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की तबियत बिगड़ी, एम्स ऋषिकेश में भर्ती, सीएम धामी ने जाना हाल

Related Articles

Back to top button