खतरनाक मांझे ने फिर लिया निशाना: नगर निगम कर्मचारी घायल, आंख बची

लखनऊ में पतंगबाजी अब खेल नहीं, खतरे की घंटी बनती जा रही है—एक बार फिर इसका डरावना रूप सामने आया है। नगर निगम जोन-8 में तैनात राजस्व निरीक्षक राजा भइया रविवार को ड्यूटी के टाइम माझे की चपेट में आ गए । बताया जा रहा है कि वह जोन-8 कार्यालय से लालबाग स्थित मुख्यालय फाइल लेकर जा रहे थे।

इसी दौरान एनेक्सी भवन के पास अचानक तेज मांझा उनके कान में उलझ गया, जिससे उनका कान कट गया।हादसे में उनकी आंखे बाल -बाल बची नहीं तो और बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है । घायल अवस्था में उन्हे तुरंत सिवल अस्पताल ले जाया गया । जहा उनका इलाज जारी है। 

Injury

यूपी में बैन है चाइनीज मांझा

उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझा बेचना सख्त तौर पर बैन है। इसके बाद भी इसकी बिकारी हो रही है। भारत में पतंग की डोर सामान्य सूती धागे से बनाई जाती है, जबकि चीन में नायलॉन में मेटलिक पाउडर मिलाकर खतरनाक मांझा तैयार किया जाता है।नायलॉन के धागे के कारण पेच लड़ने पर खिंचाव बढ़ता है और चाइनीज मांझा कटता नहीं है। कांच और लोहे का चूर्ण मिला यह मांझा गला रेतने के लिए पर्याप्त होता है।

हाईकोर्ट का कड़ा रुख

इलाहाबाद लखनऊ हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चाइनीज मांझे की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त रुख अपनाया। 10 फरवरी, 2026 को सुनवाई में कोर्ट ने कहा था- इसे रोकने के लिए केवल शासनादेश पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी प्रावधान बनाने होंगे।कोर्ट ने सख्त चेतावनी दी थी कि अगर खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक नहीं लगी, तो पीड़ितों को मुआवजा सरकार को देना होगा।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।  न्यायालय ने साफ किया कि लेड-कोटेड और नायलॉन, यानी तथाकथित चाइनीज मांझे पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए मजबूत कानूनी ढांचा बनाना जरूरी है। 

सीएम योगी ने भी दिए थे सख्त निर्देश

करीब 2 महीने पहले सीएम योगी ने अफसरों को कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था- अब अगर चाइनीज मांझे से किसी की जान जाती है तो हत्या का केस दर्ज कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। CM ने साफ किया था कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध है। इसकी बिक्री और इस्तेमाल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लखनऊ में ऐसी घटनाओं का सिलसिला पहले भी देखा जा चुका है।

28 नवंबर 2017: बाजारखाला इलाके में इकराम की मांझे से कटी गर्दन।

12 मई 2018: राम कुमार की गर्दन पर गोसाईगंज स्थित सुलतानपुर रोड के पास मांझे से कट लगा।

14 नवंबर 2020: हुसड़िया फ्लाईओवर पर बाराबंकी निवासी लवकुश घायल हुए।

22 जून 2022: कैंट इलाके में युवक के हाथ और गर्दन पर मांझे से चोट लगी।

23 मई 2023: ठाकुरगंज के पीर बुखारा इलाके में चाइनीज मांझे से युवक हुआ चोटिल।

27 मार्च 2024: हजरतगंज कोतवाली के एसएसआइ का अंगूठा ईदगाह रोड पर मांझे से कट गया।

23 फरवरी 2025: बीबीडी इलाके में मांझे से बाइक सवार अमन घायल।

3 सितंबर 2025: हैदरगंज में व्यवसायी आसिम मार्शल दो बेटियों को लेकर स्कूल से घर जा रहे थे। मांझे की चपेट में आकर घायल हुए।

तीन फरवरी 2026: दुबग्गा निवासी 33 वर्षीय मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मोहम्मद शोएब के गले में हैदरगंज ओवरब्रिज पर मांझा फंसा, गला कटने से मौत।

चार फरवरी 2026: गोमती नगर विस्तार में मलेसेमऊ गांव के पास शहीद पथ पर पूर्व एयरफोर्स कर्मी बृजेश राय मांझे की चपेट में आए। होठ दाढ़ी का निचला हिस्सा कटा।

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