
बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बहराइच के मिहींपुरवा स्थित भरथापुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और विपक्ष के पीडीए के नारे पर करार हमला बोला। जातिगत राजनीति करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने सवाल किया कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्हें गरीब यादव, दलित, कुशवाहा और मौर्य समाज की याद क्यों नहीं आई? सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष के लिए पीडीए केवल सत्ता हथियाने का एक चुनावी टूल है, जबकि भाजपा सरकार के लिए ये वर्ग सेवा और सुशासन का आधार हैं।
आक्रामक हुए मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन उस समय बेहद आक्रामक हो गया जब उन्होंने समाजवादी पार्टी के पिछले शासनकाल की तुलना वर्तमान विकास कार्यों से की। उन्होंने सीधे अखिलेश यादव के पीडीए कार्ड पर तंज कसते हुए पूछा कि, क्या भरथापुर के ये गरीब यादव, दलित और मौर्य उस समय पीडीए का हिस्सा नहीं थे जब वे बदहाली में जीवन जी रहे थे? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले की सरकारों में इन वर्गों के प्रति कोई संवेदना नहीं थी। उन्होंने कहा कि, थारू जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग दशकों तक उपेक्षित रहे, लेकिन तब जाति के नाम पर राजनीति करने वालों को केवल अपने परिवार का खजाना भरने की चिंता थी।
सीएम योगी ने कहा कि, आज जो लोग बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए केवल लूट-खसोट की राजनीति की। उन्होंने जनता को याद दिलाया कि, कैसे पिछली सरकारों के दौरान विकास योजनाएं केवल कुछ खास क्षेत्रों और चेहरों तक सीमित रहती थीं, जबकि वास्तव में जरूरतमंद पिछड़ा और दलित समाज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसता रहता था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि, आज जब चुनाव करीब आते हैं या राजनीति चमकानी होती है, तब इन्हें जातियों के नाम याद आने लगते हैं, लेकिन भाजपा ने बिना किसी भेदभाव के हर गरीब के घर तक बिजली, पानी और शौचालय पहुंचाया है।
भरतपुर कॉलोनी घोषित की
इस जनसभा का मुख्य आकर्षण सुदूरवर्ती गांव भरथापुर के निवासियों का सफल विस्थापन और पुनर्वास रहा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 136 विस्थापित परिवारों को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए आवासीय भूमि के पट्टे सौंपे। साथ ही, पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए सीएम ने एक क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 21 करोड़ 55 लाख 55 हजार 951 रुपये की भारी-भरकम धनराशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने इस पूरी बस्ती का नया नामकरण करते हुए इसे ‘भरतपुर कॉलोनी’ घोषित किया और इसे क्षेत्र की जनता के लिए नवरात्र का विशेष उपहार बताया।
जनपद बहराइच में 118 हितग्राहियों को ₹21.55 करोड़ से अधिक के अंतरण एवं 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों के वितरण हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/wjUFV9DVo3
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 25, 2026
विस्थापित परिवारों के चेहरे पर खुशी देखकर सीएम ने कहा कि यह पुनर्वास केवल घरों का बदलना नहीं है, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन की शुरुआत है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नई भरतपुर कॉलोनी में बिजली, पक्की सड़कें, शुद्ध पेयजल, स्कूल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता तत्काल सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कायाकल्प तभी संभव है जब सरकार की नीयत साफ हो और वह आपदा को अवसर में बदलने की ताकत रखती हो।
वीआईपी कल्चर खत्म हुआ
सपा सरकार के कार्यकाल में बिजली की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के गांवों को जानबूझकर अंधेरे में रखा जाता था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकारों के सारे ‘काले कारनामै’ अंधेरे में ही होते थे, इसीलिए वे जनता को बिजली देने से कतराते थे। रोशनी आने से उनके भ्रष्टाचार की पोल खुलने का डर रहता था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने वीआईपी कल्चर को खत्म कर जिला मुख्यालयों से लेकर सुदूर गांवों तक समान रूप से बिजली पहुंचाई है।
उन्होंने आगे कहा कि जब शासन का मूल मंत्र सेवा और संवेदना होता है, तभी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने गर्व से कहा कि आज प्रदेश की 25 करोड़ जनता को भाजपा सरकार ने एकता के सूत्र में बांधा है और जाति-मजहब के आधार पर तुष्टीकरण की राजनीति को हमेशा के लिए दफन कर दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, गरीब का शौचालय बनना और उसके घर तक सड़क पहुंचना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है, न कि केवल मंचों से जातियों के नाम जपना।
पेश किया विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के समापन में विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने साबित किया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो सबसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले गांवों का भी विकास किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को दी गई करोड़ों की राशि इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश का पैसा अब सैफई महोत्सव या निजी महलों में नहीं, बल्कि गरीबों के उत्थान में खर्च हो रहा है।
बहराइच के इस दुर्गम इलाके में आयोजित इस जनसभा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सीएम योगी ने न केवल विपक्ष के पीडीए कार्ड की हवा निकालने की कोशिश की, बल्कि लाभार्थी राजनीति के जरिए पिछड़ों और दलितों के बीच अपनी पैठ को और मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि आने वाले समय में मुकाबला ‘जातिवाद के नारों’ और ‘धरातल पर हुए विकास’ के बीच होने वाला है।
इसे भी पढ़ें- वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशकों ने यूपी पर जताया भरोसा: सीएम योगी



