
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या जिले में बड़ा ऐलान करते हुए दो नगर पंचायतों के नाम बदलने की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय पर आई है जब अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान की राशि की चोरी को लेकर विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक जनसभा के दौरान यह बड़ी घोषणा की, जहां वे पूर्व मंत्री स्वर्गीय मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण करने पहुंचे थे।
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भरत नगर के नाम से जाना जायेगा भदरसा
सीएम योगी ने बताया कि, खिरौनी-सुचितागंज नगर पंचायत का नाम अब बदलकर मां ज्वाला देवी नगर पंचायत रखा जाएगा। इसके साथ ही भदरसा नगर पंचायत को नया नाम भरत नगर दिया जाएगा। यह दोनों घोषणाएं जनसभा में मौजूद हजारों लोगों के बीच की गईं और इन्हें स्थानीय जनता की ओर से खासा समर्थन मिला।
विधायक की मांग पर लिया गया फैसला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिरौनी-सुचितागंज का नाम बदलने के पीछे की वजह भी साझा की। उन्होंने बताया कि यह मांग स्थानीय विधायक अमित सिंह चौहान की तरफ से रखी गई थी। विधायक की माता के सम्मान में इस नगर पंचायत का नाम बदलकर मां ज्वाला देवी करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि की भावनाओं का सम्मान करने वाला कदम बताया।

इसी क्रम में भदरसा नगर पंचायत का नाम बदलकर भरत नगर किए जाने की घोषणा भी की गई। जनसभा में इस ऐलान के साथ ही सीएम योगी ने अयोध्या जिले के लिए एक बड़ी विकास योजना की भी शुरुआत की। इस दौरान करीब 432 करोड़ रुपये की लागत से जुड़ी कुल 217 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मंत्री मनोज पांडेय ने जताई खुशी
नाम परिवर्तन की इस घोषणा पर राज्य सरकार में मंत्री मनोज पांडेय ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक स्वागत योग्य निर्णय करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस फैसले के लिए बधाई और आभार व्यक्त किया। मंत्री का कहना था कि, यदि इस निर्णय को भारत की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और सनातन परंपराओं की दृष्टि से देखा जाए, तो अयोध्या भगवान राम की नगरी के रूप में विशेष महत्व रखती है।
जनपद अयोध्या में ₹432 करोड़ से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण/शिलान्यास हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/kslBgzMkXH
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 10, 2026
मनोज पांडेय ने आगे कहा कि, जिस स्थान पर भगवान राम का दुनिया का सबसे विशाल और भव्य मंदिर स्थापित है। वहीं मां जगदंबा के एक स्वरूप मां ज्वाला जी के नाम पर किसी स्थान का नामकरण होना, देश-दुनिया में रहने वाले करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों के लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा।
समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला
अपने संबोधन के दौरान सीएम समाजवादी पार्टी पर हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि, हाल ही में भदरसा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों का व्यवहार जनता के सामने आ चुका है। यह घटना पार्टी के वास्तविक चरित्र को उजागर करती है। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि भदरसा का नया नाम ‘भरत नगर’ भगवान राम के छोटे भाई भरत के सम्मान में रखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने भरत के त्याग और भाईचारे की मिसाल देते हुए कहा कि आज के दौर में भरत जैसा भाई मिलना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने बताया कि, भरत ने भगवान राम की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्षों तक भरत कुंड के समीप वनवासी जीवन व्यतीत किया, जबकि इस दौरान राम की चरण पादुकाएं ही अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान रहीं और राज्य का संचालन करती रहीं। सीएम ने इस प्रसंग को त्याग, आदर्श और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
दिवंगत विधायक को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान के व्यक्तित्व और उनके योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि, मुन्ना सिंह चौहान ने अपने जीवन में कठिन संघर्षों का सामना करते हुए एक मुकाम हासिल किया था। उन्होंने अपना पूरा जीवन उत्तर प्रदेश के विकास और किसानों के हित में समर्पित कर दिया।
सीएम योगी ने कहा कि, मुन्ना सिंह चौहान की विरासत अब उनके बेटे डॉ. अमित सिंह चौहान के हाथों में है, जो अपने पिता के अधूरे सपनों को साकार करने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। साथ ही, वे प्रदेश में चल रही डबल इंजन सरकार के विकास संबंधी विजन को आगे बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अमित सिंह चौहान की कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण की भी प्रशंसा की।
विकास परियोजनाओं पर जोर
इस अवसर पर सीएम योगी ने केवल नामकरण और श्रद्धांजलि तक सीमित न रहते हुए अयोध्या के समग्र विकास पर भी विस्तार से बात की। 432 करोड़ रुपये की लागत वाली इन 217 परियोजनाओं में सड़क, बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य नागरिक विकास कार्यों को शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि, इन परियोजनाओं से क्षेत्र के निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और अयोध्या को एक आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, इस जनसभा के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की — धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांगों का सम्मान करना, राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधना, और क्षेत्रीय विकास को गति देना। आने वाले दिनों में इन घोषणाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं और चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।
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