
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज प्रदेश की मातृशक्ति और बचपन को संवारने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल क्रांति से जोड़ते हुए एक बड़ा उपहार दिया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने करीब 70 हजार स्मार्टफोन और लाखों की संख्या में स्वास्थ्य परीक्षण उपकरण वितरित किए।
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न्यूनतम मानदेय गारंटी का वादा
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सुर्खी रहा मुख्यमंत्री का वह ऐलान, जिसमें उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को सम्मानजनक बनाने और न्यूनतम मानदेय की गारंटी देने का वादा किया है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए सीएम ने पिछली सरकारों के उस दौर को भी याद किया जब बच्चों के निवाले पर शराब माफिया का कब्जा था। यह रिपोर्ट केवल गैजेट्स वितरण के बारे में नहीं है, बल्कि यूपी के आंगनबाड़ी केंद्रों को डिजिटल सेवा केंद्र में बदलने और कार्यकर्ताओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई गाथा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मिशन शक्ति और डिजिटल इंडिया के संकल्प को दोहराते हुए 69,794 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए। स्मार्टफोन के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को हाई-टेक बनाने के लिए 1,33,282 स्टेडियोमीटर, 10,553 इंफॉण्टोमीटर और 58,237 वजन तौलने की आधुनिक मशीनें भी प्रदान की गईं। सीएम ने कहा कि पिछले चार वर्षों से वह लगातार इस कोशिश में थे कि हर कार्यकर्ता के पास अपना स्मार्टफोन हो।
मुख्यमंत्री ने इसके पीछे का तर्क देते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ज़मीनी स्तर पर बहुत मेहनत करती हैं, लेकिन उनके काम का रियल टाइम डेटा शासन तक नहीं पहुंच पाता था। डेटा अपलोड होने में देरी की वजह से राष्ट्रीय रैंकिंग में उत्तर प्रदेश पिछड़ जाता था। अब इन स्मार्टफोन्स की मदद से हर गतिविधि की जानकारी तुरंत पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिससे न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि यूपी की रैंकिंग में भी सुधार होगा। सीएम ने साफ कहा कि अब हर आंगनबाड़ी केंद्र एक डिजिटल सेवा केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
शराब माफिया खा जाते थे पोषाहार
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब उनकी सरकार बनी, तो वह यह देखकर दंग रह गए कि बच्चों के पोषाहार वितरण का ठेका उत्तर भारत के एक सबसे बड़े शराब माफिया को दिया गया था। सीएम ने कहा, “मैंने तब सवाल किया था कि शराब माफिया का बच्चों के खाने के काम में क्या लेना-देना? लेकिन उस समय वही सब तय करता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पहले पोषाहार की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वह खाने लायक नहीं होता था। बच्चों के हक पर डकैती डाली जाती थी और यही कारण था कि यूपी ‘बीमारू’ बना रहा। उन्होंने सपा और बसपा का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे गरीब की पीड़ा क्या समझेंगे? उनके लिए विकास का मतलब सिर्फ अपना परिवार था, लेकिन आज, 2017 के बाद से चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और बिना किसी घूस या सिफारिश के नियुक्तियां हो रही हैं।
कार्यकर्ताओं को सराहा
कार्यक्रम का सबसे उत्साहजनक हिस्सा वह था जब मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आर्थिक हितों की बात की। सीएम ने मंच से घोषणा की कि, यदि आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट हो रहे हैं और काम स्मार्ट हो रहा है, तो कार्यकर्ताओं का मानदेय भी स्मार्ट होना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक सम्मानजनक मानदेय का प्रस्ताव जल्द से जल्द आगे बढ़ाया जाए।
आंगनवाड़ी केंद्र अब स्मार्ट केंद्र भी बनेगा… pic.twitter.com/jn5PM3zVmF
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 30, 2026
सीएम ने न्यूनतम मानदेय की गारंटी की बात करते हुए कहा कि जो लोग प्रदेश के बचपन को संवार रहे हैं, उनके जीवन स्तर को सुधारना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि जब कोरोना काल में बड़े-बड़े लोग पस्त थे और घरों में दुबके थे, तब इन आंगनबाड़ी बहनों ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की और लोगों की जान बचाई। सरकार उनके इस बलिदान को नहीं भूली है।
स्मार्टफोन से सीखें नई तकनीकी
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के शोषण को रोकने के लिए एक और क्रांतिकारी कदम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसी अप्रैल से प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों के लिए एक अलग कॉर्पोरेशन का गठन कर दिया गया है। पहले आउटसोर्सिंग कंपनियां किसी न किसी नेता या माफिया की होती थीं, जो कर्मियों का शोषण करती थीं। सरकार अगर 10-12 हजार रुपये भेजती थी, तो कर्मी के हाथ में सिर्फ 5-6 हजार ही आता था। बाकी पैसा बीच के दलाल और कंपनियां खा जाती थीं। योगी ने कहा कि अब कोई बिचौलिया किसी गरीब का हक नहीं मार पाएगा। नया कॉर्पोरेशन सुनिश्चित करेगा कि पूरा पैसा सीधे कर्मचारी के खाते में पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कंधों पर प्रदेश के भविष्य की नींव रखने की जिम्मेदारी है। यदि बचपन कुपोषित रहेगा, तो प्रदेश कभी समृद्ध नहीं हो सकता। उन्होंने आह्वान किया कि स्मार्टफोन का उपयोग केवल डेटा भेजने के लिए ही नहीं, बल्कि नई तकनीक सीखने और बच्चों को बेहतर शिक्षा व पोषण देने के लिए करें। योगी आदित्यनाथ ने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है और उनके मान-सम्मान में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज का संबोधन और वितरण समारोह यूपी के महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए एक नए युग की शुरुआत है। भ्रष्टाचार के खात्मे, डिजिटल कनेक्टिविटी और मानदेय में वृद्धि के वादे ने लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह भर दिया है। अब देखना यह होगा कि यह ‘स्मार्टनेस’ यूपी के कुपोषण मुक्त अभियान को कितनी नई ऊंचाई पर ले जाती है।
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