सीएम धामी ने युवाओं और सैनिकों के लिए खोला पिटारा, कैबिनेट मीटिंग में 16 प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति और शासन व्यवस्था के लिहाज से आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। दरअसल, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज पहली बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में फुल कैबिनेट की पहली औपचारिक बैठक आयोजित की गई। सचिवालय में संपन्न हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में सरकार ने प्रदेश के विकास, युवाओं के रोजगार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 16 बड़े प्रस्तावों पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। इस बैठक में न केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए रियायतों का पिटारा खोला गया, बल्कि पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए स्वरोजगार की नई राहें भी प्रशस्त की गई हैं।

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 अग्निवरीरों पर बड़ा फैसला

CM DHAMI

धामी सरकार ने इस कैबिनेट बैठक में राज्य के युवाओं और देश की सेवा कर लौटे वीरों के लिए बड़ा दांव खेला है। उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत सरकार ने अब 10 प्रतिशत का लक्ष्य पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कर दिया है। सरकार का यह फैसला सीमावर्ती राज्य उत्तराखंड में युवाओं को सेना के प्रति प्रोत्साहित करने और सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इतना ही नहीं, इन श्रेणियों के लाभार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 5 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।

 सब्सिडी और वसूली एक्ट को मंजूरी

ऊर्जा के क्षेत्र में सरकार ने सब्सिडी को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि, ऊर्जा विभाग द्वारा दी जा रही फ्री बिजली योजना की सब्सिडी और वसूली एक्ट को मंजूरी दे दी गई है। हालांकि, इसमें एक महत्वपूर्ण समय सीमा भी तय की गई है। सरकार के फैसले के अनुसार, बिजली सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को 31 मार्च 2025 तक ही मिल सकेगा। इसके साथ ही ऊर्जा विभाग में बिजली चोरी और अवैध उपभोग पर अंकुश लगाने के लिए वसूली एक्ट के कड़े प्रावधानों को भी हरी झंडी दे दी गई है।

पुलिस महकमे की नियमावली में होगा सुधार

कैबिनेट ने गृह विभाग और पुलिस महकमे में लंबे समय से लंबित नियमावली संबंधी सुधारों को भी मंजूरी दी है। सबसे महत्वपूर्ण फैसला पुलिस, पीएसी, अग्निशमन और प्लाटून कमांडर के पदों पर भर्ती से जुड़ा है। उप निरीक्षक और सिपाही पदों के लिए आयु सीमा और पात्रता की घटी हुई सीमा के बाद अब अभ्यर्थियों को दोबारा मौका देने का निर्णय लिया गया है। यह उन युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो नियमावली के फेर में भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो रहे थे।

साथ ही, गृह विभाग में उत्तराखंड होमगार्ड की नई नियमावली को भी स्वीकृति दे दी गई है। देश में लागू हुई नई भारतीय न्याय संहिता के मद्देनजर प्रशिक्षण के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति को भी अनुमति मिली है, ताकि प्रदेश का पुलिस बल आधुनिक कानूनी ढांचे के अनुसार प्रशिक्षित हो सके।

मामूली ब्याज दर पर मिलेगा लोन

न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी धामी कैबिनेट ने उदारता दिखाई है। न्याय विभाग के कर्मचारियों को घर या अन्य जरूरतों के लिए मात्र मामूली ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, न्यायिक अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-व्हीकल खरीदने पर ब्याज में विशेष छूट देने का निर्णय लिया गया है।

लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए एक करोड़ रुपये से ऊपर की कंसल्टेंसी के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है। इससे राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता और निगरानी में सुधार आने की उम्मीद है।

प्रशासनिक सुधारों की कड़ी में वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक पदों के लिए न्यूनतम सेवा की शर्तों में बदलाव किया गया है। अब तक इन पदों के लिए 25 वर्ष की न्यूनतम सेवा अनिवार्य थी, जिसे अब कार्मिक विभाग की तर्ज पर घटाकर 22 वर्ष कर दिया गया है। इससे वरिष्ठ अधिकारियों को पदोन्नति के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

2.2 लाख मैट्रिक टन गेहूं और धान खरीद का लक्ष्य

शिक्षा के क्षेत्र में, माध्यमिक शिक्षा विभाग के तहत राज्य के ‘एडेड स्कूलों’ सहायता प्राप्त स्कूलों की स्थिति और वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के लिए एक उच्च स्तरीय उप-समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। यह समिति एडेड स्कूलों की समस्याओं और सुधार की गुंजाइश पर अपनी रिपोर्ट कैबिनेट को सौंपेगी।

खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत सरकार ने इस वर्ष राज्य से 2.2 लाख मैट्रिक टन गेहूं और धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। किसानों को राहत देते हुए कैबिनेट ने तय किया है कि गेहूं और धान की खरीद पर भारत सरकार जितना मंडी शुल्क दे रही है, उतना ही योगदान अब राज्य सरकार भी अपनी ओर से देगी। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

बैठक में सेतु आयोग के ढांचे को लेकर नियोजन विभाग द्वारा प्रस्तुत की गई संरचना को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी है। इसके अलावा, पंचम विधानसभा के सत्रावसान के प्रस्ताव को भी आधिकारिक रूप से मंजूरी मिल गई है।

 ठोस नीतिगत सुधारों पर ध्यान

पुष्कर सिंह धामी की इस फुल फ्लेज्ड कैबिनेट बैठक ने यह साफ कर दिया है कि सरकार का ध्यान अब चुनावी मोड से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत सुधारों पर केंद्रित है। अग्निवीरों को आरक्षण, किसानों को मंडी शुल्क में राहत और सरकारी कर्मचारियों को सॉफ्ट लोन जैसे फैसलों से समाज के हर वर्ग को साधने की कोशिश की गई है। 16 प्रस्तावों पर लगी यह मुहर उत्तराखंड के आगामी विकास रोडमैप की एक मजबूत झलक पेश करती है।

 

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