सीएम धामी ने लॉन्च किया PWD का मास्टर प्लान, 100 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी उत्तराखंड की सूरत

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की बुनियादी संरचना और कनेक्टिविटी को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई आगामी पांच वर्षों के विजन पर आधारित मास्टर प्लान पुस्तिका का भव्य विमोचन किया। यह मास्टर प्लान केवल सड़कों का जाल बिछाने का दस्तावेज नहीं है, बल्कि सशक्त, सुरक्षित और आधुनिक उत्तराखंड के निर्माण का एक व्यापक खाका है।

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सड़कों का जाल फैला

मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक मील का पत्थर करार दिया। देहरादून में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि, राज्य सरकार बुनियादी ढांचे के विकास में नवाचार और तकनीक को प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाले समय में उत्तराखंड न केवल देश का प्रमुख पर्यटन हब बने, बल्कि आर्थिक रूप से भी एक सुदृढ़ राज्य के रूप में उभरे।

CM Dhami

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि, राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों में पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व तेजी आई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़कों का जाल व्यापक स्तर पर फैला है, जिससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्यधारा से कनेक्टिविटी सुधरी है। मुख्यमंत्री ने विमोचित की गई पुस्तिका के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह मास्टर प्लान राज्य में बुनियादी ढांचे को विकसित करने और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का एक स्पष्ट मार्ग है।

वैश्विक पर्यटन हब बन रहा उत्तराखंड

उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तिका राज्य के तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास कार्यों को केवल तात्कालिक लाभ के लिए न किया जाए, बल्कि भविष्य की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक दीर्घकालिक विजन के साथ आगे बढ़ाया जाए।

उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यटन की महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य तेजी से एक वैश्विक पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है। हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक चारधाम यात्रा और अन्य पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की आवश्यकताओं को देखते हुए बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करना अनिवार्य है।

कैबिनेट मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

उन्होंने बताया कि, राज्य सरकार टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे रही है। इस मास्टर प्लान में न केवल नई सड़कों का प्रस्ताव है, बल्कि पुरानी सड़कों के सुदृढ़ीकरण और नई तकनीक के समावेश पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुस्तिका निश्चित रूप से राज्य को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए एक मार्गदर्शिका का काम करेगी और विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं गतिशीलता लाएगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने भी विभाग की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग अब एक स्पष्ट विजन के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही सुगम हुई है।

CM Dhami

उन्होंने कनेक्टिविटी को विकास की पहली शर्त बताते हुए कहा कि जब तक राज्य के हर कोने में सड़क और पुलों का सुव्यवस्थित जाल नहीं होगा, तब तक आर्थिक समृद्धि का लक्ष्य हासिल करना कठिन है। महाराज ने कहा कि विभाग भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए योजनाएं तैयार कर रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें मिल सकें। उन्होंने इस मास्टर प्लान को विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।

मास्टर प्लान की बारीकियां बताई

लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने मास्टर प्लान की बारीकियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस पुस्तिका में विभाग ने 100 से अधिक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के विजन को शामिल किया है। यह योजनाएं केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें रोड कनेक्टिविटी को इकोनॉमी हब से जोड़ने की प्राथमिकता रखी गई है। सचिव ने बताया कि समय और परिस्थिति की आवश्यकता के अनुसार इस मास्टर प्लान में निरंतर संशोधन भी किए जाएंगे ताकि इसे प्रासंगिक बनाए रखा जा सके।

मास्टर प्लान में ब्रिज डेवलपमेंट, सड़क सुरक्षा और स्लोप प्रोटेक्शन (भूस्खलन से बचाव) जैसे संवेदनशील विषयों पर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा, विभाग ने टेक्नोलॉजी के उपयोग, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी नीतियों को भी अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रखा है। डॉ. पांडेय ने कहा कि विभाग का लक्ष्य सड़क सुरक्षा के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाना है।

सौ से अधिक प्रोजेक्ट पर होगा काम

मास्टर प्लान पुस्तिका के विमोचन कार्यक्रम के दौरान राज्य के प्रशासनिक और तकनीकी अमले की बड़ी उपस्थिति रही। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि मास्टर प्लान में शामिल विजन को धरातल पर उतारने के लिए विभाग पूरी निष्ठा से कार्य करेगा। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि इस विजन डॉक्यूमेंट के आने से विकास कार्यों में एकरूपता आएगी और बजट का आवंटन भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा सकेगा। स्लोप प्रोटेक्शन और सड़क सुरक्षा जैसे बिंदुओं को प्राथमिकता देने से पहाड़ी क्षेत्रों में दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है, जो कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों को इस मास्टर प्लान के सफल क्रियान्वयन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को सुरक्षित और तेज सफर का अनुभव देना हमारी प्राथमिकता है। इस मास्टर प्लान के जरिए राज्य सरकार ने यह संदेश दिया है कि वह विकास के प्रति केवल गंभीर ही नहीं है, बल्कि उसके पास आने वाले पांच सालों के लिए एक ठोस रणनीति भी तैयार है। आने वाले समय में जब ये 100 से अधिक प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे, तो उत्तराखंड की तस्वीर और तकदीर दोनों में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

 

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