सीएम धामी ने बांटे नियुक्ति पत्र, कहा-‘नौकरी का दस्तावेज नहीं, सेवा का संकल्प पत्र है’

देहरादून। विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखंड के नाम के और उपलब्धि जुड़ गई। प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजधानी देहरादून में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 307 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह आयोजन केवल एक सरकारी प्रक्रिया मात्र नहीं था, बल्कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और कृषि नवाचार पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

इसे भी पढ़ें- सीएम धामी ने बच्चों के लिए तोड़ा प्रोटोकाल, सेल्फी लेने के लिए खुद थामा मोबाइल

चयनित युवाओं से किया संवाद

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि, ये नियुक्तियां प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सेवा के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। इस समारोह ने न केवल बेरोजगार युवाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में स्वास्थ्य और उद्यानिकी के क्षेत्र में आ रही मैनपावर की कमी को दूर करने का भरोसा भी जगाया है।

CM Dhami

गुरुवार को आयोजित इस नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों के चयनित युवाओं से सीधा संवाद किया और उन्हें उनके नए दायित्वों की जिम्मेदारी सौंपी। वितरण की गई कुल 307 नियुक्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य विभाग का रहा, जिसमें 243 चिकित्सा अधिकारियों और 42 फार्मासिस्टों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके अतिरिक्त, उद्यान विभाग के अंतर्गत 22 प्रयोगशाला सहायकों और मशरूम पर्यवेक्षकों को भी सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिला।

सवा करोड़ जनता का संकल्प पत्र

मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए एक बहुत ही मार्मिक बात कही। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र केवल रोजगार का एक दस्तावेज भर नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की सवा करोड़ जनता की सेवा का एक संकल्प पत्र है। उन्होंने नवनियुक्त कार्मिकों को याद दिलाया कि, उत्तराखंड जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले राज्य में सरकारी सेवक होना एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि यहां की जनता की उम्मीदें सीधे तौर पर इन्हीं कार्मिकों के कार्यकौशल और व्यवहार पर टिकी होती हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में जब कोई संकट आता है या स्वास्थ्य संबंधी आपातकाल होता है, तो वहां की जनता के लिए पहली और अंतिम उम्मीद स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ये कार्मिक ही होते हैं।

सबको मिले स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों और फार्मासिस्टों से अपील की कि वे केवल अपनी ड्यूटी न करें, बल्कि संवेदनशीलता, पूर्ण समर्पण और सेवा भावना के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एक चिकित्सक का मधुर व्यवहार और उसकी सेवा भावना आधे रोग को वैसे ही ठीक कर देती है। राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी वही स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें जो किसी बड़े शहर के निवासी को सुलभ हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए चौतरफा काम कर रही है। उन्होंने आयुष्मान उत्तराखंड योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

CM Dhami

उन्होंने बताया कि, इस योजना के माध्यम से लगभग 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है, जो गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। धामी ने राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 5 मेडिकल कॉलेज सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, जबकि दो नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसके अलावा, राज्य में 9 नर्सिंग कॉलेज और 3 नर्सिंग स्कूल युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर दे रहे हैं।

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं में विस्तार

स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। कुमाऊं मंडल के मरीजों के लिए राहत की खबर देते हुए उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में अत्याधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इसके साथ ही, दुर्गम क्षेत्रों में समय पर इलाज पहुंचाने के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस सेवाओं का नेटवर्क भी मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने केवल स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में भी राज्य की प्रगति का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग में नियुक्त हुए 22 प्रयोगशाला सहायक और मशरूम पर्यवेक्षक राज्य के किसानों की आय दोगुनी करने के मिशन में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे। कीवी, ड्रैगन फ्रूट, हाई डेंसिटी एप्पल और मशरूम उत्पादन जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों के माध्यम से उत्तराखंड को कृषि नवाचार के क्षेत्र में एक नई वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

मेहनतकश युवाओं के साथ नहीं होगा अन्याय

भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, ताकि योग्य और मेहनतकश युवाओं के साथ कोई अन्याय न हो सके। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में राज्य सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियों से जोड़ा है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि, आने वाले समय में रिक्त पदों पर भर्तियों का सिलसिला इसी गति और ईमानदारी के साथ जारी रहेगा।

CM Dhami

कार्यक्रम में उपस्थित कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उद्यान विभाग आज सेब बागवानी, कीवी मिशन और मधुमक्खी पालन जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। उन्होंने विशेष रूप से मशरूम उत्पादन की संभावनाओं पर बात की और कहा कि यह क्षेत्र किसानों की आर्थिक स्थिति में गुणात्मक सुधार ला सकता है।

दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दें डॉक्टर

वहीं, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने नवनियुक्त डॉक्टरों से अपेक्षा की कि वे दुर्गम क्षेत्रों में जाकर अपनी सेवाएं देंगे, जिससे ग्रामीण जनता को जिला मुख्यालयों की ओर भागने की आवश्यकता न पड़े। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के साथ नवनियुक्त युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस गरिमामयी समारोह में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल और शासन के वरिष्ठ सचिव भी मौजूद रहे, जिन्होंने युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

 

इसे भी पढ़ें- बिना तैयारी बैठक में आए अधिकारी, तो भड़क गए सीएम धामी, लगा दी क्लास

Related Articles

Back to top button