
देहरादून। आज सोशल मीडिया पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का एक अनोखा और सहज व्यवहार देखने को मिला। आमतौर पर सरकारी कार्यक्रमों और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने वाले सीएम का बच्चों के साथ गर्मजोशी और दोस्ताना व्यवहार लोगों को बेहद पसंद आ रहा है। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान, बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री का स्नेह और सरल स्वभाव कैमरे में कैद हो गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
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मुस्कराते हुए मिले बच्चों से
यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान भारी भीड़ और सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा था, लेकिन मुख्यमंत्री का स्वभाव हमेशा से ही जनता के करीब रहने का रहा है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब धामी लोगों के बीच पहुंचे, तो वहां मौजूद हर कोई अपने प्रिय नेता से हाथ मिलाने या एक झलक पाने को बेताब था।
इसी भीड़ के बीच कुछ छोटे बच्चे भी खड़े थे, जो सीएम के साथ फोटो खिंचवाने को आतुर नजर आ रहे थे। ये बच्चे सुरक्षा घेरे और बड़ों की भीड़ को चीरते हुए जैसे-तैसे धामी के करीब पहुंच गए। बच्चों को इतने पास देखकर सीएम ने भी अपनी सुरक्षा टीम को पीछे रहने का इशारा किया और मुस्कुराते हुए उन बच्चों की बात सुनी।
बच्चों ने बड़ी मासूमियत के साथ अपनी जेब से एक मोबाइल निकाला और उनके साथ सेल्फी लेने की गुजारिश की। मुख्यमंत्री ने तुरंत हामी भर दी और कहा, “ठीक है, ले लेते हैं सेल्फी’ , तभी एक समस्या खड़ी हो गई, बच्चों के छोटे हाथ और कद मोबाइल के फ्रेम को सही से सेट नहीं कर पा रहे थे। बच्चे बार-बार कोशिश कर रहे थे, लेकिन सेल्फी ठीक से नहीं आ रही थी, तब खुद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बच्चे से मोबाइल ले लिया और खुद को फ्रेम में सेट कर बच्चों के कंधे पर हाथ रखा और एक परफेक्ट सेल्फी क्लिक की।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
मुख्यमंत्री के इस व्यवहार को देखकर वहां मौजूद हर किसी के चेहरे पर मुस्कान आ गई। पास खड़े में कई लोगों ने तो इस पूरे वाकये का वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। कुछ ही घंटों के भीतर यह वीडियो फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया। लोग मुख्यमंत्री के इस मानवीय चेहरे की जमकर सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि यह सादगी ही धामी को अन्य नेताओं से अलग बनाती है।
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि पद की गरिमा और पावर का अहंकार अक्सर लोगों को दूर कर देता है, लेकिन धामी ने दिखाया कि जनता का प्यार ही सबसे बड़ी शक्ति है। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की कि देवभूमि के मुख्यमंत्री का यह सरल स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है, वह सचमुच प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में बच्चों के साथ घुल-मिल गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुख्यमंत्री किसी जल्दबाजी में नहीं थे, उन्होंने पूरा समय दिया ताकि बच्चों की वह एक तस्वीर यादगार बन सके।
यह पहली बार नहीं है जब पुष्कर सिंह धामी का ऐसा अंदाज सामने आया है। इससे पहले भी कई बार उन्हें सुबह की सैर के दौरान चाय की टपरी पर आम लोगों से बातचीत करते, क्रिकेट खेलते बच्चों के साथ बल्ला थामते या किसी गांव के भ्रमण के दौरान बुजुर्गों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाते देखा गया है।
बच्चों में बीच लोकप्रिय नेता
राजनीति के जानकारों का कहना है कि, धामी का यह कनेक्ट ही उन्हें युवाओं और बच्चों के बीच लोकप्रिय बना रहा है। वह केवल फाइलों के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि धरातल के व्यक्ति नजर आते हैं। राजनीति में अक्सर इमेज बिल्डिंग के लिए करोड़ों खर्च किए जाते हैं, लेकिन धामी के इस छोटे से सहज व्यवहार ने बिना किसी प्रयास के उनकी एक सकारात्मक और संवेदनशील छवि जन-जन तक पहुंचा दी है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद उत्तराखंड की सियासत में भी इसकी चर्चा है। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह स्वभाव उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है, वह दिखावे के लिए ऐसा नहीं करते बल्कि वह स्वभाव से ही सरल हैं। वहीं आम जनता के बीच इस बात की चर्चा है कि जब प्रदेश का मुखिया इतना सुलभ और सहज हो, तो शासन-प्रशासन में भी संवेदनशीलता बढ़ती है। बच्चों के साथ इस छोटी सी मुलाकात ने यह संदेश दिया है कि राजनीति केवल सत्ता का संघर्ष नहीं, बल्कि रिश्तों और विश्वास की डोर भी है।
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