सामूहिक विवाह में शामिल हुए सीएम धामी, बताई बेटियों के लिए क्या-क्या है सरकारी योजनाएं

  देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का प्रेमनगर इलाका आज भक्ति और वात्सल्य के अनूठे संगम का गवाह बना। अवसर था चैत्र नवरात्र के पावन पर्व पर आयोजित सामूहिक कन्या पूजन कार्यक्रम का, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल शिरकत की, बल्कि स्वयं कन्याओं के पांव पखारे और उन्हें देवी स्वरूप मानकर आशीर्वाद लिया। सनातन धर्म मंदिर परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में जब एक साथ 1100 नन्हीं कन्याओं की गूंज सुनाई दी, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए स्पष्ट किया कि बेटियों का सम्मान और उनकी प्रगति ही एक आदर्श समाज की असली पहचान है।

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बेटियां बोझ नहीं, भविष्य की नींव हैं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि, चैत्र नवरात्र का यह पर्व केवल व्रत और उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी आस्था, उच्च संस्कारों और शक्ति उपासना का प्रतीक है। उन्होंने 1100 कन्याओं के इस सामूहिक पूजन को एक अत्यंत पुण्य और सौभाग्यपूर्ण अवसर करार दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में नारी शक्ति के प्रति सम्मान की भावना को गहरा करते हैं।

Chief Minister Pushkar Singh Dhami

उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करते हैं और समाज को यह संदेश देते हैं कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि हमारे भविष्य की नींव हैं।

मुख्यमंत्री ने भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी परंपराओं में कन्या को साक्षात देवी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि बेटियां अपने संस्कारों, निस्वार्थ स्नेह और त्याग की भावना से न केवल अपने परिवार को बल्कि पूरे समाज को नई दिशा और मजबूती प्रदान करती हैं। धामी ने उपस्थित जनसमूह को याद दिलाया कि बेटियां हमारी प्राचीन गौरवशाली परंपराओं और नैतिक मूल्यों की सबसे सच्ची वाहक हैं। उनके बिना एक सुसंस्कृत समाज की कल्पना करना असंभव है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर गर्व जताया कि देवभूमि की बेटियां आज शिक्षा, खेल और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।

बेटियों के साथ खड़ी है सरकार

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने उन महत्वपूर्ण योजनाओं का खाका खींचा जो केंद्र और राज्य सरकार द्वारा बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार बेटियों को जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह तक सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने बेटियों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के लिए साइकिल वितरण योजना शुरू की है। इसके अतिरिक्त, जो बेटियां 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करती हैं, उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी मेधा के आड़े न आए। एक ऐतिहासिक निर्णय का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य के विकास में सीधा योगदान दे सकें।

योजनाओं पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्तियों और श्रमिक वर्ग की बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार विशेष आर्थिक मदद दे रही है। सामूहिक विवाह के आयोजनों के लिए 61 हजार रुपये और व्यक्तिगत स्तर पर होने वाले विवाह के लिए 55 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए सरकार 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रही है। ये योजनाएं सुनिश्चित करती हैं कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बेटी का विवाह न रुके।

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों और प्रदेशवासियों से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन की भावना तभी वास्तविक रूप में सार्थक होगी, जब हम सभी मिलकर बेटियों की सुरक्षा, उनकी बेहतर शिक्षा और उनकी प्रगति को अपना व्यक्तिगत और सामाजिक संकल्प बनाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि समाज को अपनी मानसिकता बदलते हुए बेटियों को हर वो अवसर प्रदान करना चाहिए जो उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमारी बेटियां शिक्षित और सुरक्षित होंगी, तभी उत्तराखंड और भारत का भविष्य सुरक्षित होगा।

गुरद्वारे में टेका माथा

सनातन धर्म मंदिर में कन्या पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री ने अपनी धार्मिक उदारता का परिचय देते हुए प्रेमनगर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में भी मत्था टेका। वहां उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाया और राज्य की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ क्षेत्रीय विधायक सविता कपूर, विनय रोहिला, सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद पंवार, विनय गोयल समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक रूप से कन्या पूजन में भाग लिया और बेटियों को उपहार एवं दक्षिणा देकर उनका सम्मान किया।

 

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