
बरेली। जनपद में शुक्रवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब डीडीपुरम के प्रदर्शनी नगर स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी किसी फोन कॉल के जरिए नहीं, बल्कि कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदेश के रूप में प्राप्त हुई थी। जैसे ही ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों ने इस ईमेल को पढ़ा, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ईमेल में बेहद गंभीर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए पूरे कार्यालय परिसर को विस्फोट से दहलाने का दावा किया गया था। इस सूचना ने न केवल स्थानीय पुलिस प्रशासन, बल्कि प्रदेश के गृह विभाग और विदेश मंत्रालय तक में खलबली मचा दी।
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अलर्ट हुईं सुरक्षा एजेंसियां
घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार सुबह तब हुई जब कार्यालय में कामकाज सामान्य रूप से शुरू हुआ था। हालांकि, इस दिन रामनवमी का सार्वजनिक अवकाश था, लेकिन केंद्रीय कार्यालय के निर्देशों के अनुसार पासपोर्ट कार्यालय खुला था और अधिकारी अपने लंबित कार्यों को निपटाने में जुटे थे, तभी अचानक सिस्टम पर एक नया ईमेल फ्लैश हुआ, जिसमें इस आत्मघाती हमले की चेतावनी दी गई थी। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बिना देरी किए इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गईं।

सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर पूरे डीडीपुरम इलाके की घेराबंदी कर दी। एहतियात के तौर पर सबसे पहले पासपोर्ट कार्यालय की पूरी बिल्डिंग को खाली कराया गया। उस समय परिसर में मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और अपनी फाइल लेकर पहुंचे आवेदकों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया। अचानक हुई इस कार्रवाई और पुलिस की भारी मौजूदगी से वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कुछ ही देर में मौके पर डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को भी बुला लिया गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
चला सघन तलाशी अभियान
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीम ने बिल्डिंग के भीतर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। विशेषज्ञों ने कार्यालय के हर कोने, गलियारे, कंप्यूटर कक्ष, रिकॉर्ड रूम और संदिग्ध अलमारियों की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही परिसर के बाहर खड़ी गाड़ियों और पार्किंग एरिया को भी खंगाला गया। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और लोग सहमे हुए पुलिस की गतिविधि को देखते रहे। घंटों चली इस सघन चेकिंग के बाद राहत की बात यह रही कि अब तक की जांच में परिसर के भीतर से कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल की टीम अब उस ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इस बात की जांच कर रही है कि यह ईमेल किस आईपी एड्रेस से भेजा गया था और इसके पीछे किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत शरारत है या किसी आतंकी संगठन की गहरी साजिश। साइबर सेल की मदद से ईमेल भेजने वाले के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक किया जा रहा है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि इस तरह की धमकियों को हल्के में नहीं लिया जा सकता और जो भी इसके पीछे है, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विदेश मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रामनवमी के अवकाश के बावजूद कार्यालय में यथावत कार्य हो रहा था, तभी यह घटना घटी। फिलहाल पूरे पासपोर्ट कार्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और खुफिया विभाग भी इस मामले पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय निवासियों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों में अभी भी इस घटना को लेकर डर का माहौल बना हुआ है, लेकिन पुलिस प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
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