
वाराणसी। धर्म और शिक्षा की नगरी काशी शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। यहां के प्रतिष्ठित उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) परिसर में बीएससी चौथे सेमेस्टर के एक छात्र की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। आरोपी छात्र ने अपनी ही क्लास के एक छात्र पर बाद एक 8 राउंड फायरिंग की। इस घटना से कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज में जमकर तोड़फोड़ की और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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प्रिंसिपल के सामने ही बरसाईं गोलियां
घटना शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के दूबैथा गांव के रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह, जो यूपी कॉलेज में बीएससी चौथे सेमेस्टर का छात्र था, उसकी आरोपी छात्र मनजीत चौहान से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि, विवाद बढ़ने पर कॉलेज के प्रिंसिपल ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रशासनिक भवन बुलाया था।

चश्मदीद छात्रों का आरोप है कि, जब दोनों छात्र आमने-सामने थे, तभी मनजीत चौहान ने अचानक अपनी पिस्टल निकाली और सूर्य प्रताप पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर ने सूर्य के सिर, सीने और पेट को निशाना बनाकर तब तक गोलियां बरसाईं, जब तक वह लहूलुहान होकर जमीन पर नहीं गिर गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि छात्र को कुल 8 गोलियां लगी हैं।
प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप
वारदात के समय मौके पर मौजूद छात्रों ने कॉलेज प्रशासन और प्रिंसिपल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि जब मनजीत गोलियां चला रहा था, तब प्रिंसिपल वहां से भाग निकले और घायल छात्र की मदद के लिए आगे नहीं आए।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी मनजीत चौहान ने अपनी पिस्टल मौके पर ही फेंक दी और कला एवं सामाजिक विज्ञान भवन की पहली मंजिल की छत से कूदकर फरार हो गया। घायल सूर्य प्रताप को साथी छात्रों ने आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। हालांकि, ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मां का रो-रो कर बुरा हाल
जैसे ही सूर्य प्रताप की मौत की खबर उसके परिजनों तक पहुंची, कोहराम मच गया। ट्रॉमा सेंटर पहुंची मां किरन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार अचेत हो जा रही थीं और बिलखते हुए बस यही कह रही थीं, अब मैं किसके लिए जिऊंगी। वहां मौजूद छात्रों और अन्य लोगों की आंखें भी मां के इस करुण विलाप को देखकर नम हो गईं। सहपाठियों ने बताया कि सूर्य एक होनहार छात्र था और किसी को अंदेशा नहीं था कि मामूली कहासुनी का अंत इतनी बड़ी त्रासदी में होगा।
छावनी में तब्दील हुआ कॉलेज
हत्याकांड की खबर फैलते ही यूपी कॉलेज के छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने प्रशासनिक भवन में तोड़फोड़ की और कॉलेज का मुख्य गेट बंद कर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्र आरोपी मनजीत की तत्काल गिरफ्तारी और घटना के समय कथित रूप से भाग खड़े हुए प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) और कानून-व्यवस्था के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कॉलेज परिसर में फिलहाल आसपास के 10 थानों की फोर्स तैनात की गई है और पूरा परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।

पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि आरोपी छात्र मनजीत चौहान की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। छात्रों की तहरीर पर शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिनदहाड़े कॉलेज परिसर के भीतर असलहा लेकर छात्र का पहुंचना और प्रशासनिक भवन के पास इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। छात्रों का कहना है कि अगर समय रहते कॉलेज प्रशासन ने दखल दिया होता या परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो एक होनहार छात्र की जान नहीं जाती।
वाराणसी प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस घटना ने न केवल वाराणसी बल्कि पूरे प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के बीच बढ़ते अपराध और असुरक्षा की भावना को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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