
लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में शामिल हुए 52 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। बोर्ड परीक्षाओं के संपन्न होने के बाद से ही छात्रों और अभिभावकों की नजरें रिजल्ट की तारीख पर टिकी हुई हैं।
इसे भी पढ़ें- मुख्यमंत्री ने गिनाए शिक्षा के क्षेत्र में यूपी सरकार द्वारा किये गए कार्य, दी कई बड़ी जानकारी
ताजा अपडेट के अनुसार, बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया है और अब अंकों को डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि, बोर्ड कभी भी आधिकारिक तारीख की घोषणा कर सकता है।
25 अप्रैल तक आ सकते हैं नतीजे
उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी और शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा तेज है कि, यूपी बोर्ड इस बार भी अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। हालांकि, बोर्ड की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन विभागीय सूत्रों और हालिया घटनाक्रमों को देखें तो 25 अप्रैल तक परिणाम घोषित किए जा सकते हैं। इस साल कॉपियों की जांच के लिए प्रदेश भर में सैकड़ों मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे, जहां शिक्षकों ने दिन-रात काम करके छात्रों के भविष्य का फैसला सुरक्षित कर लिया है।

दिलचस्प बात यह है कि, इसी बीच पड़ोसी राज्य उत्तराखंड बोर्ड ने अपने नतीजों की तारीख का ऐलान कर दिया है। उत्तराखंड बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे 25 अप्रैल को सुबह 10 बजे जारी करने वाला है। आमतौर पर देखा गया है कि, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड बोर्ड के परिणामों में कुछ ही दिनों का अंतर होता है, जिससे यह संभावना और प्रबल हो गई है कि, यूपी बोर्ड भी इसी सप्ताह के अंत तक धमाका कर सकता है।
इस लिकं से देखें रिजल्ट- https://upmsp.edu.in/
इस वर्ष यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन बेहद कड़ी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ किया गया था। हाईस्कूल की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की गई थीं। वहीं, इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 24 मार्च तक चली थीं। बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कुल 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए सीसीटीवी और वॉयस रिकॉर्डर का सहारा लिया गया था, जिसके बाद अब निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद रिजल्ट तैयार करने का अंतिम फिनिशिंग टच दिया जा रहा है।
यूपी बोर्ड के नियमों के मुताबिक, छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यह नियम आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स, तीनों स्ट्रीम के विद्यार्थियों पर समान रूप से लागू होता है। छात्रों को ध्यान रखना चाहिए कि उनकी लिखित परीक्षा और प्रैक्टिकल दोनों के अंकों को जोड़कर कुल अंक निकाले जाते हैं।
यदि कोई छात्र किसी मुख्य विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है, तो उसे उस विषय में फेल माना जाएगा। हालांकि, एक या दो विषय में फेल होने वाले छात्रों के लिए बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षा का मौका देता है, जिससे उनका पूरा साल खराब होने से बच सकता है।
ऐसे देखें रिजल्ट
जब बोर्ड रिजल्ट घोषित करेगा, तब भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in धीमी हो सकती है। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट के रिजल्ट सेक्शन पर जाएं।
- वहां ‘यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026’ का लिंक खोजे और उस पर क्लिक करें।
- अपनी कक्षा (10वीं या 12वीं) का चुनाव करें।
- अपना रोल नंबर और स्क्रीन पर दिया गया सिक्योरिटी कोड (कैप्चा) दर्ज करें।
- ‘View Result’ या सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर खुल जाएगी। इसे भविष्य के लिए डाउनलोड कर लें या प्रिंटआउट निकाल लें।
मार्कशीट में इन चीजों को चेक करें
ऑनलाइन रिजल्ट देखने के बाद छात्रों को अपनी मार्कशीट में दी गई सूचनाओं का मिलान बहुत सावधानी से करना चाहिए। अक्सर तकनीकी खराबी के कारण छोटी गलतियां रह जाती हैं। आपको मुख्य रूप से इन चीजों को चेक करना चाहिए।
- छात्र का नाम और स्पेलिंग।
- माता-पिता का नाम।
- रोल नंबर और स्कूल कोड।
- प्रत्येक विषय में प्राप्त अंक और ग्रेड।
- कुल प्राप्तांक और पासिंग स्टेटस
- जन्मतिथि (विशेषकर 10वीं के छात्रों के लिए)।
अगर मार्कशीट में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो छात्र को तुरंत अपने स्कूल के प्रधानाचार्य से संपर्क करना चाहिए या बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

रिजल्ट आने के बाद यदि किसी छात्र को लगता है कि उसे उम्मीद से कम अंक मिले हैं या उसकी मेहनत के अनुसार परिणाम नहीं आया है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ऐसे छात्रों को स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन का विकल्प देता है। इसके लिए एक निर्धारित शुल्क जमा करके आप अपनी कॉपी की दोबारा जांच करवा सकते हैं। इसके अलावा, जो छात्र असफल हो जाते हैं, वे कंपार्टमेंट परीक्षा के जरिए अपनी गलती सुधार सकते हैं और उसी साल पास होकर आगे की पढ़ाई जारी रख सकते हैं।
बोर्ड मुख्यालय से मिल रही खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलते ही रिजल्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी शुरू हो जाएगी। उम्मीद है कि शिक्षा मंत्री और बोर्ड सचिव संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर मेरिट लिस्ट और टॉपर्स के नामों की घोषणा करेंगे।
इसे भी पढ़ें- शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार के प्रयासों से प्रभावित हुए केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी



