
महिलाओं के लिए पीरियड्स का समय शारीरिक और मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होता है, जहां शरीर में होने वाले तीव्र हार्मोनल बदलाव न केवल मूड स्विंग्स का कारण बनते हैं, बल्कि पाचन तंत्र और ऊर्जा के स्तर को भी पूरी तरह प्रभावित कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि, इस संवेदनशील समय में आप जो कुछ भी खाती हैं उसका सीधा असर आपके पीरियड्स के लक्षणों जैसे ऐंठन, ब्लीडिंग और सूजन पर पड़ता है और अक्सर हम फलों को सेहत के लिए सबसे सुरक्षित मानते हैं, लेकिन ‘Healthfab’ की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार कुछ खास फल ऐसे हैं जो पीरियड्स के दौरान राहत देने के बजाय आपकी मुश्किलों को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

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अनानास
पीरियड्स के दौरान प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन जैसे हार्मोनों के स्तर में उतार-चढ़ाव होने से शरीर के भीतर सूजन बढ़ सकती है और पाचन क्रिया सुस्त हो जाती है जिससे कई महिलाओं को इन दिनों में गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की शिकायत रहती है और ऐसी स्थिति में अनानास जैसे फल शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। अनानास में ब्रोमेलैन नाम का एक शक्तिशाली एंजाइम होता है जो गर्भाशय की परत को नरम कर सकता है और रक्त के प्रवाह को असामान्य रूप से तेज कर सकता है जिससे भारी ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है।
तरबूज
इसी तरह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने वाला तरबूज भी पीरियड्स में परेशानी का सबब बन सकता है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और इस दौरान शरीर पहले से ही वॉटर रिटेंशन यानी पानी रुकने की समस्या से जूझ रहा होता है जिससे तरबूज खाने पर हाथ-पैरों में सूजन और पेट में भारीपन महसूस होने लगता है। संतरा, नींबू और ग्रेपफ्रूट जैसे खट्टे फल विटामिन-सी का बेहतरीन स्रोत होने के बावजूद इस दौरान सावधानी से खाने चाहिए क्योंकि इनमें मौजूद एसिड की अधिक मात्रा संवेदनशील पाचन तंत्र को प्रभावित कर पेट में जलन और मतली की समस्या को ट्रिगर कर सकती है।
फलों के चयन में कच्चे केले से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि इसमें मौजूद रेजिस्टेंट स्टार्च को पचाना शरीर के लिए कठिन होता है जिससे कब्ज और पेट में मरोड़ उठने की समस्या हो सकती है जो पेल्विक एरिया में दबाव बढ़ाकर दर्द को और भी ज्यादा असहज बना देती है।
ड्राई फ्रूट्स
स्वास्थ्य रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि, उन ड्राई फ्रूट्स से दूरी बनानी चाहिए जिनमें अतिरिक्त चीनी या कोटिंग मिलाई जाती है क्योंकि ज्यादा शुगर शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाकर सूजन पैदा करती है और मूड स्विंग्स को और भी अनियंत्रित कर देती है जिससे चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है।
खा सकते हैं ये फल
हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि, सभी फल नुकसानदायक होते हैं बल्कि पके हुए केले, सेब, बेरीज और कीवी जैसे फल इस दौरान अमृत के समान काम करते हैं क्योंकि ये न केवल पाचन को दुरुस्त रखते हैं बल्कि शरीर को जरूरी एंटीऑक्सीडेंट्स भी देते हैं जो दर्द से लड़ने में मदद करते हैं।
हालांकि, हर महिला का शरीर अलग होता है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि पीरियड्स के दौरान अपनी डाइट को लेकर शरीर के संकेतों को समझना सबसे जरूरी है ताकि आप जान सकें कि कौन सा फल आपको असहज कर रहा है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और भरपूर नींद आपके इन पांच दिनों के अनुभव को पूरी तरह बदल सकती है लेकिन अगर असामान्य दर्द या ब्लीडिंग की समस्या बनी रहती है तो डाइट में बदलाव के साथ-साथ डॉक्टर से परामर्श लेना ही सबसे सही रास्ता है।
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