
पश्चिम बंगाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के सरगर्मी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज दम दम उत्तर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अमित शाह के निशाने पर न केवल सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) रही, बल्कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर भी करारा पलटवार किया।
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ममता का सिंडिकेट राज खत्म
शाह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की संगत में रहकर अब खरगे की भाषा भी मर्यादित नहीं रह गई है। गृह मंत्री ने दावा किया कि बंगाल की जनता इस बार ममता बनर्जी के सिंडिकेट राज को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है और 4 मई को चुनावी नतीजों के साथ ही दीदी की विदाई तय है। उन्होंने घुसपैठ और आतंकवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस-टीएमसी को कटघरे में खड़ा किया।

पश्चिम बंगाल के दम दम में आयोजित जनसभा में गृह मंत्री अमित शाह का तेवर काफी आक्रामक नजर आया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शाह ने कहा कि खरगे जी राजनीति के एक वरिष्ठ अनुभवी नेता हैं और वे पहले कभी इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करते थे। लेकिन, राहुल बाबा के साथ लगातार रहने का असर अब उनकी जुबान पर भी दिखने लगा है।
राहुल गांधी की संगत में रहकर खरगे जी की भाषा पूरी तरह बिगड़ गई है और यही कारण है कि वे अब देश के प्रधानमंत्री को ‘आतंकवादी’ कहने का दुस्साहस कर रहे हैं। शाह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कांग्रेस और राहुल बाबा, मोदी जी को जितनी गालियां देंगे और जितना कीचड़ उछालेंगे, कमल का फूल उतनी ही शान के साथ खिलेगा।
ममता बनर्जी पर सीधा हमला
अमित शाह ने बंगाल चुनाव को प्रदेश के भविष्य के लिए निर्णायक बताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि 4 मई को सुबह 8 बजे से जैसे ही वोटों की गिनती शुरू होगी, दोपहर 1 बजे तक ममता दीदी का ‘टाटा-बाय-बाय’ हो जाएगा। शाह ने जनता को भरोसा दिलाया कि इस चुनाव के बाद बंगाल में बहुत बड़ा बदलाव आने वाला है और भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद यहां का मुख्यमंत्री कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि बंगाल की मिट्टी का लाल ही बनेगा।
उन्होंने कहा कि 5 मई के बाद सिंडिकेट चलाने वाले गुंडे बंगाल छोड़कर पलायन करने पर मजबूर हो जाएंगे, क्योंकि भाजपा की सरकार कानून का राज स्थापित करेगी। उन्होंने टीएमसी पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और टीएमसी ने मिलकर लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को गिरने दिया और हमारी माताओं-बहनों को सत्ता में आने से रोका।
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए अमित शाह ने पिछली सरकारों और वर्तमान भाजपा सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब कांग्रेस की सरकारें आतंकवादियों को बिरयानी खिलाती थीं और उनका सत्कार करती थीं। लेकिन जब से केंद्र में मोदी सरकार आई है, हमने आतंकियों को उनके घर में घुसकर मारा है। शाह ने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस हमले का बदला लेने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया गया और आतंकवादियों को करारा जवाब दिया गया।
बंगाल को घुसपैठिया मुक्त बनाने की अपील
उन्होंने जनता से अपील की कि 29 तारीख को जब वे वोट डालने जाएं, तो सिर्फ एक विधायक या सरकार चुनने के लिए नहीं, बल्कि बंगाल को घुसपैठिया मुक्त बनाने के लिए वोट दें। उन्होंने संकल्प दोहराया कि घुसपैठियों ने बंगाल की संस्कृति और सुरक्षा को जो नुकसान पहुंचाया है, उसे भाजपा सरकार ही ठीक करेगी।
जनसभा के अंत में अमित शाह ने अयोध्या और राम मंदिर के संदर्भ में एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है, तो किसी भी सूरत में बाबरी मस्जिद को बनने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में इसका काम नहीं होने दिया जाएगा। शाह ने जनसभा में उमड़ी भीड़ से टीएमसी के बहकावे में न आने की अपील की और कहा कि यह चुनाव बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का अवसर है।
उन्होंने भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति को खत्म करने का आह्वान करते हुए कहा कि बंगाल की जनता अब दीदी के अत्याचारों से मुक्ति चाहती है और भाजपा ही इसका एकमात्र विकल्प है। शाह के इस भाषण ने बंगाल चुनाव के अंतिम चरणों में राजनीतिक तापमान को और अधिक बढ़ा दिया है।
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