
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी से चुनावी अभियान का औपचारिक शंखनाद कर दिया। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की नीतियों को निशाने पर लिया।
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पीएम मोदी के बयान पर किया पलटवार
संविधान की रक्षा को अपना सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए सपा प्रमुख ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, भाजपा भले ही 400 पार का नारा हार गई हो, लेकिन जब तक वे सत्ता में हैं, बाबा साहेब अंबेडकर का बनाया संविधान सुरक्षित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक दिन पहले जेवर में सपा पर लगाए गए लूट के एटीएम वाले आरोपों पर पलटवार करते अखिलेश यादव ने इसे भाजपा की हताशा करार दिया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुए इस वाकयुद्ध ने साफ कर दिया है कि, आने वाले दिनों में यूपी की राजनीति का पारा और ज्यादा गरमाने लगा है।

अखिलेश यादव ने दादरी की रैली में संविधान बचाओ के नारे को अपनी चुनावी रणनीति का केंद्र बिंदु बनाया। उन्होंने कहा कि, जो लोग संविधान बदलने के लिए 400 सीटें जीतने का दंभ भर रहे थे, जनता ने उन्हें सबक तो सिखा दिया है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। अखिलेश ने भावुक अपील करते हुए कहा, जब तक भाजपा की सरकार है, तब तक संविधान खतरे में है। इन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर के मूल्यों पर भरोसा नहीं है।
पीडीए को मजबूत करने वाला बयान
उन्होंने आगे कहा कि, बाबा साहेब ने हमें वोट का वह हथियार दिया है जो लोहे की तलवार से भी कहीं ज्यादा मजबूत है। इसी हथियार के दम पर हम पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करेंगे। सपा प्रमुख का यह बयान सीधे तौर पर पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) कार्ड को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आपको बता दें कि, एक दिन पहले जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा था कि, उनके राज में नोएडा लूट का एटीएम बन गया था। इस पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के पास दिखाने के लिए अपना कोई काम नहीं है, इसलिए वे केवल पिछली सरकारों पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
अखिलेश ने भाजपा के हवाई दावों की पोल खोलते हुए आरोप लगाया कि, सरकार ने बड़े जोर-शोर से कई हवाई अड्डों का उद्घाटन किया, लेकिन हकीकत यह है कि सात में से छह हवाई अड्डे अभी तक चालू ही नहीं हो पाए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा केवल इवेंट मैनेजमेंट में माहिर है, धरातल पर काम शून्य है।
सपा सरकार की हैं योजनाएं
प्रधानमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर यह कहकर निशाना साधा था कि वे अंधविश्वास के चलते नोएडा आने से बचते थे। इस पर अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब देते हुए कहा, कल कहा गया कि, हम नोएडा नहीं आते। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मैंने अपने कार्यकर्ताओं के घर नोएडा के उतने दौरे किए हैं, जितनी बार उन दोनों (मोदी और योगी) ने मिलकर चाय भी नहीं पी होगी।
अखिलेश ने नोएडा के विकास का पूरा श्रेय अपनी पिछली सरकार को देते हुए याद दिलाया कि, दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के कई बड़े फैसले समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में ही लिए गए थे। उन्होंने कहा कि, आज भाजपा जिन परियोजनाओं का फीता काट रही है, उनमें से अधिकांश का ब्लूप्रिंट सपा सरकार ने तैयार किया था।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में किसानों की भूमिका को देखते हुए अखिलेश यादव ने एक बड़ा चुनावी वादा भी किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि 2027 में सपा सरकार आने पर भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को उचित और सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों पर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट तो बन रहे हैं, लेकिन जिस अन्नदाता ने जमीन दी, वह आज भी बदहाली में जी रहा है।
भाजपा ने ख़ारिज की सपा की रैली
हालांकि, इस दौरान स्थानीय भाजपा विधायक तेजपाल नागर ने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि, सपा प्रमुख गुर्जर समुदाय को कोई ठोस संदेश देने में नाकाम रहे। नागर के मुताबिक, सपा केवल चुनाव के समय जातियों को लुभाने का नाटक करती है, जबकि सत्ता में रहने पर उन्होंने केवल एक खास वर्ग का भला किया।
सपा की इस रैली को भाजपा ने सिरे से खारिज कर दिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक ने इस रैली को फ्लॉप शो करार दिया। केशव मौर्य ने कहा कि, उत्तर प्रदेश की जनता सपा के गुंडाराज और दंगों वाले दौर को भूली नहीं है। वहीं, बृजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव केवल हताशा में बयानबाजी कर रहे हैं, जनता उन्हें दोबारा मौका देने के मूड में नहीं है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि, सपा की असलियत जनता जानती है और वह उनके बहकावे में नहीं आएगी। भाजपा ने दावा किया कि 2027 में भी प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ कमल ही खिलेगा।
दादरी की यह रैली कोई सामान्य सभा नहीं थी, बल्कि इसे समाजवादी पार्टी द्वारा 2027 के विधानसभा चुनाव के प्रचार का औपचारिक आगाज माना जा रहा है। अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिए हैं कि, वे आने वाले महीनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में सघन दौरे करेंगे। उनका जोर स्थानीय मुद्दों, महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर रहेगा। साथ ही, वे भाजपा के हिंदुत्व कार्ड के जवाब में ‘सामाजिक न्याय’ और संविधान के मुद्दे को धार देने की तैयारी में हैं।
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