
नई दिल्ली।बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम नजदीक हैं और पूरे भारत में विद्यार्थियों ने अपने अगले कदम के बारे में विचार करना शुरू कर दिया है। इस बीच, वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन (डब्लूयूडी) ने विज्ञान, वाणिज्य और कला जैसे सभी अकादमिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को डिजाइन, टेक्नोलॉजी और रचनात्मक अर्थव्यवस्था में उभरते करियर के मार्गों में संभावना तलाशने के लिए आमंत्रित किया है।
आज के तेजी से उभर रहे पेशेवर परिदृश्य में करियर में सफलता एक स्कूली क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गई है। डिजाइन एक ताकतवर, अंतरक्षेत्रीय क्षेत्र के तौर पर उभरा है जो रचनात्मकता को टेक्नोलॉजी, बिजनेस और मानव केंद्रित नवप्रवर्तन के साथ एकीकृत करते हुए विविध रुचियों और क्षमताओं वाले विद्यार्थियों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहा है।इस रुख के मुताबिक, डब्लूयूडी ने उद्योग की जरूरतों के अनुरूप एक भविष्य उन्मुखी, अंतर क्षेत्रीय शिक्षा की पेशकश करते हुए अकादमिक वर्ष 2026-27 के लिए अपने स्नातक और स्नातकोत्तर प्रोग्राम में प्रवेश लेना प्रारंभ किया है।
युनिवर्सिटी डिजाइन, बिजनेस, आर्किटेक्चर, फैशन, कम्युनिकेशन और विजुअल एवं परफॉर्मिंग आर्ट्स के क्षेत्र में व्यापक कार्यक्रमों की पेशकश करती है। इसके पाठ्यक्रम को समग्र रूप से अपग्रेड किया गया है विशेषकर मास्टर प्रोग्राम में जो समकालीन उद्योग की मांग के अनुरूप है। प्रमुख बातों में एआई और उभरती टेक्नोलॉजीज़ का एकीकरण, अंतर-क्षेत्रीय सीख, उद्योग के नेतृत्व में प्रोजेक्ट्स और एनईपी 2020 के अनुरूप लचीले अकादमिक रास्ते शामिल हैं।प्रवेश डब्लूयूडी एप्टीट्यूड टेस्ट (डब्लूयूडीएटी) 2026 के जरिए लिया जाएगा जो 11 एवं 12 अप्रैल, 2026 को प्रस्तावित है। इसके बाद, छांटे गए उम्मीदवारों के लिए एक कैंपस इंटरव्यू होगा।
इस अवसर पर, वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन के कुलपति डाक्टर संजय गुप्ता ने कहा, “आज कई विद्यार्थी बोर्ड के परिणाम आने के बाद खुद को एक असमंजस की स्थिति में पाते हैं खासकर वे लोग जो परंपरागत रास्तों पर जाना नहीं चाहते। डब्लूयूडी में हम विद्यार्थियों को विज्ञान, वाणिज्य या कला जैसे लेबल से परे देखने के लिए प्रोत्साहित करते हैं ताकि वे उन चीजों को तलाशें जहां सही मायने में उनकी उत्सुकता और ताकत मौजूद है। डिजाइन की शिक्षा आज केवल ड्राइंग के बारे में नहीं है, बल्कि यह वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने, सार्थक अनुभवों का सृजन करने और सभी उद्योगों में भविष्य को आकार देने के बारे में है।”
इस वर्ष की प्रमुख बातों में कंप्यूटर साइंस एवं डिजाइन (सीएसडी) में बीटेक प्रोग्राम शुरू किया जाना शामिल है जो डिजाइन की सोच के साथ कोडिंग और गणनात्मक कौशल का मेल कराता है। यह प्रोग्राम विद्यार्थियों को डिजिटल प्रोडक्ट डिजाइन, एआई सक्षम प्रणालियों, यूजर अनुभव और नवप्रवर्तन आधारित उद्योगों में उभरती भूमिकाओं के लिए तैयार करता है जिससे यह विज्ञान और गैर विज्ञान पृष्ठभूमि वाले उन विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर प्रासंगिक है जो टेक्नोलॉजी संचालित रचनात्मक क्षेत्रों में प्रवेश करने की कोशिश में हैं।
लाइव प्रोजेक्ट्स, इंटर्नशिप, वैश्विक गठबंधन और मार्गदर्शन के साथ डब्लूयूडी का मजबूत एकीकरण यह सुनिश्चित करता है कि विद्यार्थी व्यवहारिक अनुभव और करियर के लिए तैयारी के साथ स्नातक की पढ़ाई पूरी करें। यह इसके प्लेसमेंट परिणामों में साफ झलकता है जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी स्नातक परियोजनाओं के जरिए पहले ही प्लेसमेंट हासिल कर लेते हैं।
स्नातक प्रोग्राम्स के लिए योग्यता में 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना आवश्यक है। इसके बाद एक एप्टीट्यूड टेस्ट और इंटरव्यू होगा। जहां यूसीईईडी, एनआईडी, निफ्ट और जेईई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के अंक (चुनिंदा प्रोग्राम के लिए) स्वीकार्य हैं, वहीं डब्लूयूडी की स्वयं की प्रवेश प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि सभी क्षेत्रों से विद्यार्थियों को अपना एप्टीट्यूड और संभावना प्रदर्शित करने का एक निष्पक्ष अवसर मिले।
आवेदकों को रचनात्मक साक्ष्य जैसे पोर्टफोलियो, ड्राइंग्स, फोटोग्राफ या किसी भी प्रकार का मूल कार्य प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, लेकिन डिजाइन में पूर्व औपचारिक प्रशिक्षण अनिवार्य नहीं है।
दिल्ली-एनसीआर में हरियाणा के सोनीपत में स्थित वर्ल्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिजाइन भारत के उन अग्रणी संस्थानों में से एक है जो रचनात्मक शिक्षा के लिए समर्पित हैं। डब्लूयूडी को इसके अंतरक्षेत्रीय दृष्टिकोण, उद्योग के साथ संबंध और भविष्य के लिए तैयार पेशेवरों को पोषित करने की प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है।नय युग के करियर के रास्ते तलाश रहे विद्यार्थी और उनके माता पिता आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए इस युनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।



