अफजाल, मुख्तार के दूसरी पीढ़ी से अब्बास और मन्नू पहुंचे सदन

मऊ सदर से विधायक और 25 साल तक इसी सीट से लगातार विजयी होने वाले मुख्तार अंसारी भले ही जेल में हैं, लेकिन उनका जलवा अब भी बरकरार है।

जिसका असर 2022 के विधानसभा चुनाव में भी दिखा। जहां एक तरफ मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने मऊ सदर सीट जीत दर्ज की है, वहीं गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट पर मुख्तार अंसारी के भतीजे सुहेब अंसारी उर्फ मन्नू ने जीत हासिल की है। मऊ सदर सीट मुख्तार अंसारी की परम्परागत सीट रही है। लगभग तीन दशक से यह सीट मुख्तार के पास है। पहली बार उन्होंने चुनावी राजनीति से खुद को दूर करते हुए बेटे अब्बास को सुभासपा के टिकट पर उतारा था। अब्बास को एक लाख से ज्यादा वोट मिले हैं।

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उधर मुख्तार अंसारी के भतीजे सुहेब ने भाजपा प्रत्याशी अलका राय से निर्णायक बढ़त बना ली थी। 23 राउंड के बाद सुहेब अंसारी को 17,000 वोटों से आगे थे। सुहेब को 77,228 और अलका राय को 60,880 वोट मिले थे। अन्ततः अलका राय को सुहेब पराजित करने में कामयाब हुए। मुख्तार अंसारी परिवार से इस समय मौजूदा हालात में दो लोग लखनऊ के सदन में तो चाचा अफजाल अंसारी दिल्ली के सदन में हाथी की सवारी से हैं। सूत्रों की मानें तो चर्चा में भले ही मुख्तार अंसारी रहते हैं लेकिन अंसारी परिवार के असल रणनीतिकार सांसद अफजाल अंसारी हैं।

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