वाराणसी शहर उत्तरी में निर्णायक भूमिका निभाएंगे ‘मुस्लिम मतदाता’

वाराणसी में शहर उत्तरी विधानसभा सीट पर सात मार्च को मतदान होना है और 10 मार्च को इस सीट का परिणाम घोषित हो जायेगा। उत्तरी विधानसभा सीट पर प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों ने अपनी ताकत झोंक दी। चार लाख चार हजार आबादी वाले विधानसभा में एक लाख 18 हजार के करीब मुस्लिम मतदाता होने के कारण उनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है।

वाराणसी शहर उत्तरी सीट को बुनकर सीट कहा जाता है। उत्तरी सीट से जीतकर कई मुस्लिम चेहरे विधानसभा पहुंचे हैं। उत्तरी के मुस्लिम मतदाताओं में भी देखा जायें तो ज्यादातर मतदाता बुनकर हैं। इस विधानसभा में मुस्लिम मतदाता चुनाव के अंतिम पलों में यह निर्णय करता है कि कौन से प्रत्याशी को जिताना है। वाराणसी शहर उत्तरी में मकबूल आलम रोड, नदेसर, तेलियाबाग, काजीसादुल्लापुरा, बुनकर काॅलोनी, रसुलपुरा, बाकराबाद, नवापुरा, अलईपुर, कमालपुरा, सरैयां, कोनिया, लल्लापुरा, लहरतारा, लदधनपुरा इलाकों में बड़ी संख्या में मुस्लिम मतदाताओं का निवास है।

बड़ी बाजार क्षेत्र निवासी समाजिक कार्यकर्ता वकार ने बताया कि मुस्लिम मतदाता ने हर बार भाईचारे वाले प्रत्याशी को जिताया है। पिछली बार समद अंसारी को जिताने का मन बनाया था, लेकिन वे भाजपा के प्रत्याशी रविन्द्र से हार गये थे। उससे पहले समद ने मुस्लिम मतदाताओं के मत से जीत हासिल की थी। उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अशफाक अहमद और कांग्रेस के प्रत्याशी गुलराना तबस्सुम ने प्रचार के अंतिम दिन के आखिरी घंटों तक प्रचार किया है। कोई भी ऐसा इलाका नहीं है, जहां दोनों बड़े पार्टियों के प्रत्याशी वोंट मांगने न गये हों।

रसूलपुरा निवासी पूर्व पार्षद अनीसुर्रहमान अंसारी ने कहा कि उत्तरी विधानसभा सीट पर बुनकर चेहरा ही जीतता आया है। अभी सिर्फ कांग्रेस ने बुनकर चेहरे के रूप में महिला प्रत्याशी तबस्सुम को उतारा है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अशफाक अहमद बुनकर नहीं है। वहीं उत्तरी विधानसभा से बाहर के रहने वाले हैं।

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उत्तरी विधानसभा में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में जाने पर प्रचार का अनोखा और अलग अंदाज भी देखने को मिल रहा है। वहीं शाम को होने वाली बैठकी में भी प्रत्याशियों की परतें खुलती नजर आ रही हैं।

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