मतदान के लिये मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा अनिवार्य

लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिये गये निर्णय के अनुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खण्ड स्नातक, आगरा खण्ड स्नातक, वाराणसी खण्ड स्नातक, लखनऊ खण्ड स्नातक एवं इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक तथा मेरठ खण्ड शिक्षक, आगरा खण्ड शिक्षक, वाराणसी खण्ड शिक्षक, लखनऊ खण्ड शिक्षक, बरेल-मुरादाबाद खण्ड शिक्षक एवं गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2020 के लिए एक दिसम्बर को हैं। इस दौरान मतदान में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय ऐसे मतदाता जिन्हें फोटो पहचान पत्र जारी किये गये हैं, को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए मत देने से पूर्व अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा।

यह भी पढें: मताधिकार के प्रयोग के लिये 01 दिसम्बर को विशेष आकस्मिक अवकाश

एक दिसम्बर को मतदान

यह जानकारी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश अजय कुमार शुक्ला ने दी है। उन्होंने बताया कि यदि निर्वाचक अपना निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो वे आधार कार्ड, ड्राविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गये सेवा पहचान-पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये आधिकारिक पहचान-पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिनमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी उपाधि/डिप्लोमा का प्रमाण पत्र, मूलरूप में एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी प्रमाण-पत्र, मूलरूप में अनुमन्य होगा।

यह भी पढ़ेंं: 100 साल बाद कनाडा से बनारस वापस आएगी देवी अन्नपूर्णा की मूर्ति: पीएम

इन जरूरी दस्तावेजों को कर सकते प्रस्तुत:::::मतदाता को मतदान के लिए आधार कार्ड, ड्राविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किये गये सेवा पहचान-पत्र। सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी किये गये आधिकारिक पहचान-पत्र। शैक्षिक संस्थाओं, जिनमें संबंधित शिक्षक/स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो द्वारा जारी सेवा पहचान-पत्र। विश्वविद्यालय द्वारा जारी उपाधि, डिप्लोमा का प्रमाण पत्र । मूलरूप में एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता संबंधी प्रमाण-पत्र, मूलरूप प्रस्तुत करना होगा

Related Articles

Back to top button