
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, दोनों को बचपन से ही चांदी के चम्मच से खाने की आदत है, उन्हें गरीबों का दर्द नहीं पता होता। उन्हें देर से उठने की आदत है, उन्हें सूर्योदय देखने की आदत नहीं है। यह उनकी नींद में खलल डालने जैसा है। गर्मी कैसे होती है उन्हें पता नहीं, कुछ लोगों के लिए बारिश कितनी पीड़ादायक होती है इसका उन्हें अंदाजा तक नहीं, तभी तो दोनों ही FIFA कप का मज़ा लेने विदेश गए हैं। आखिर किसके पैसे हैं पर ये विदेश घूम रहे हो?
इसे भी पढ़ें- कुशीनगर में गरजे सीएम योगी, बोले- ‘मंदिरों के पैसे से कब्रिस्तान बनवाती थी सपा’
किसी बहकावे में नहीं आएगी जनता
अपने भाषण को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी ने कहा कि ये नेता समाज को बांटने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने का काम करते रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। वह इन नेताओं की तमाम गतिविधियों और रणनीतियों को अच्छी तरह समझती और जानती है। जनता अब किसी के बहकावे में नहीं आने वाली।

योगी ने आत्मविश्वास से भरे लहजे में यह भी कहा कि अब जनता इन नेताओं के पुराने रवैये को माफ करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। अगले विधानसभा चुनाव में इसका नतीजा भी देखने को मिलेगा।यह पूरा बयान मुख्यमंत्री ने लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में आयोजित एक मीडिया समूह के कार्यक्रम के दौरान दिया, जहां उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलने के साथ-साथ अपनी सरकार की उपलब्धियों को भी विस्तार से गिनाया।
पहले त्यौहार में भी पथराव होते थे
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रदेश में त्योहारों के आयोजन को लेकर भी पुरानी सरकारों की स्थिति और वर्तमान हालात की तुलना की। उन्होंने कहा कि, पहले के दौर में अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने जैसी घटनाएं हो जाती थीं। इसके जवाब में कहीं किसी मस्जिद परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ भी करवा दिया जाता था। सीएम ने कहा, उस दौर में त्योहारों के मौके पर अक्सर पथराव जैसी घटनाएं हो जाती थीं, जिसके चलते प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए कर्फ्यू तक लगाना पड़ता था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्तमान स्थिति का भी जिक्र किया और कहा, अब ऐसा माहौल नहीं है। आज के समय में प्रदेश में लोग पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपने-अपने त्योहार मना पा रहे हैं, जो उनकी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है।
2017 से की अब की तुलना
अपने संबोधन में योगी ने ये भी दावा किया कि, जिस दिन उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला था, उसी दिन तय कर लिया था कि, प्रदेश में हर छोटा-बड़ा पर्व और त्योहार पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने अपने नौ साल के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि इस लक्ष्य को व्यवहारिक रूप से हासिल करके भी दिखाया गया है।
इसी संदर्भ में उन्होंने जनता से अपील की कि वे 2017 से पहले प्रदेश में सत्ता में रही सरकारों के कामकाज के तरीके को एक बार फिर याद करें और उसकी तुलना मौजूदा स्थिति से करें। उन्होंने आगामी कांवड़ यात्रा का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस धार्मिक यात्रा के दौरान अतीत में किस तरह की स्थितियां बना करती थीं, इसे भी लोगों को स्मरण रखना चाहिए।
सपा ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए एक पुराने और संवेदनशील मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि, जिन लोगों के कार्यकाल में अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं, वही लोग आज आस्था और धर्मनिरपेक्षता की बात कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि, अगर वाकई ये लोग सेक्युलर यानी धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करते हैं, तो जिस तरह एक स्थान पर नमाज पढ़वाने की व्यवस्था की जाती थी, उसी तरह किसी दूसरी जगह हनुमान चालीसा के पाठ का भी आयोजन करवाया जाना चाहिए था। योगी ने कहा कि, अगर दोनों धार्मिक आयोजन एक साथ और समान रूप से होते, तो शायद यह स्वीकार किया जा सकता था कि दोनों समुदायों की सहमति और भागीदारी इसमें बराबर रही है।
तीखी हुई बयानबाजी
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब प्रदेश की राजनीति में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ पार्टी के बीच बयानबाजी लगातार तीखी होती जा रही है। आने वाले समय में कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर भी राजनीतिक हलकों में इसी तरह के बयानों का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावी माहौल को और गरमाने का काम कर सकता है।
इसे भी पढ़ें- पौधरोपण महायज्ञ 2026: CM योगी गोरखपुर से करेंगे शुरुआत, रोपेंगे त्रिवेणी का पौधा



