बंगाल मॉडल से यूपी फतह की तैयारी! बीजेपी बना रही बूथ मैनेजमेंट का ये तगड़ा प्लान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अभी पंचायत चुनाव की तारीखों का कोई ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन बीजेपी ने इसे और इसके आगे की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए खास रणनीति बनाई है और उस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पार्टी अब सिर्फ बड़े स्तर पर चुनावी योजना बनाने के बजाय इसे सीधे बूथ स्तर तक ले जा रही है। खबर है कि,   भाजपा का पूरा फोकस माइक्रो मैनेजमेंट, बूथ सशक्तिकरण और अपने हर समर्थक मतदाता को मतदान के दिन बूथ तक पहुंचाने की ठोस रणनीति पर केंद्रित है।  माना जा रहा है कि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी ने इसी फार्मूले पर काम किया था और जीत मिली। अब उत्तर प्रदेश में भी पार्टी इसी फार्मूले पर काम कर रही है।

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 बूथ समिति को किया जा रहा एक्टिव

पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि, भाजपा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपनाए गए बूथ प्रबंधन के सफल मॉडल को अब उत्तर प्रदेश में भी लागू करने की तैयारी कर रही है।

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इस रणनीति के तहत प्रदेश के हर मंडल और हर बूथ समिति को सक्रिय किया जा रहा है, ताकि चुनाव की औपचारिक घोषणा से पहले ही पूरे संगठन को इसके लिए तैयार कर लिया जाए। पार्टी की मंशा है कि जमीनी स्तर पर इतनी मजबूत तैयारी कर ली जाए कि चुनाव नजदीक आने पर किसी भी तरह की जल्दबाजी न करनी पड़े।

बूथ स्तर पर तैयार हो रहा डाटा

इस रणनीति को अमली जामा पहनाने के लिए भाजपा ने मंडल स्तर पर बूथ समितियों की बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। इन बैठकों में हर बूथ के मतदाताओं का डाटा तैयार किया जा रहा है। साथ ही नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। सबसे खास बात यह कि, मतदान वाले दिन समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने की जिम्मेदारी पहले से ही तय की जा रही है। पार्टी का लक्ष्य साफ है कि, चुनाव के समय किसी भी संभावित मतदाता से संपर्क बनाने का मौका हाथ से न जाये, इसके लिए एक-एक वोटर तक सीधी पहुंच बनाई जाए।

बताया जा रहा है कि, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सिर्फ पार्टी संगठन ही नहीं कर रहा, बल्कि सरकार के विभिन्न विभाग भी इस रणनीति पर नजर रख रहे हैं। भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट कहना है कि, किसी भी चुनाव को जीतने में बूथ प्रबन्धन की भूमिका अहम होती।ऐसे में इसे मजबूत रखा बेहद जरूरी होता है। अब इसी सोच के आधार पर पूरी रणनीति तैयार की जा रही है।

22 जुलाई से शुरू होगा बूथ सम्मेलन

भाजपा की इस पूरी तैयारी में अगला बड़ा कदम 22 जुलाई को उठाया जाएगा, जब पार्टी प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर एक साथ बूथ सम्मेलन आयोजित करेगी। इस बड़े आयोजन को मिशन-2027 के औपचारिक चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

इस पूरे अभियान के संयोजन की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला को सौंपी गई है। इन सम्मेलनों में पार्टी संगठन के सभी विभागों, मोर्चों और प्रमुख पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बूथ स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग प्रभारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि विधानसभा चुनाव से पहले ही हर सीट पर एक मजबूत और सक्रिय चुनावी नेटवर्क खड़ा किया जा सके।

दो स्तरों पर आगे बढ़ रही पार्टी

भाजपा की यह चुनावी तैयारी दो अलग-अलग स्तरों पर एक साथ आगे बढ़ रही है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेशभर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं। वहीं दूसरी तरफ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं तक चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार का संदेश पहुंचा रहे हैं।

भाजपा प्लान है कि, सरकार की उपलब्धियों को संगठन की जमीनी ताकत के साथ जोड़कर 2027 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक बढ़त हासिल करना, ताकि किसी भी मोर्चे पर कोई कमी न रह जाए।

 2.52 करोड़ नए सदस्य जुड़े पार्टी से

भाजपा के हालिया सदस्यता अभियान के आंकड़े भी पार्टी में जोश भरने का काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस अभियान के तहत करीब 2 करोड़ 52 लाख नए सदस्य पार्टी से जुड़े हैं, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। इस पूरे अभियान की निगरानी प्रदेश संगठन मंत्री कपिल सिंह सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी कर रहे हैं, जो लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर संगठन को और मजबूत बनाने में लगे हुए हैं।

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पार्टी नेतृत्व का मानना है कि, अगर इन नए सदस्यों में से एक बड़ा हिस्सा मतदान के दिन तक एक्टिव रहता है, तो इसका सीधा और सकारात्मक असर चुनावी नतीजों पर पड़ेगा और इसका सीधा फायदा पार्टी को मिलेगा। इसके साथ ही पार्टी पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं तथा पारंपरिक समर्थकों को भी बूथ स्तर पर फिर से सक्रिय करने की विस्तृत योजना पर काम कर रही है, ताकि नए और पुराने, दोनों तरह के समर्थन का पूरा फायदा उठाया जा सके।

पंचायत चुनाव वाला मॉडल विधानसभा में भी

बीजेपी की रणनीति में एक और खास बात देखने को मिल रही है, वह है भाजपा विधानसभा चुनाव में भी पंचायत चुनाव जैसी ही सूक्ष्म रणनीति अपनाने की तैयारी कर रही है। जैसे पंचायत चुनाव के दौरान गांव के हर मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की अलग-अलग व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाती है, ठीक उसी मॉडल को अब विधानसभा चुनाव में भी अपनाया जायेगा। इसके तहत पार्टी स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली चेहरों, बूथ अध्यक्षों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर पूरे चुनावी नेटवर्क को और मजबूत बनाने में जुटी है।

मिशन 2027 की जीत पर जोर

भाजपा नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए सिर्फ बड़े और चर्चित राजनीतिक मुद्दे उठाना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ बूथ स्तर पर मजबूत संगठनात्मक ढांचा और प्रभावी मतदाता प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यही वजह है कि, पार्टी ने अभी से, चुनाव की औपचारिक घोषणा से काफी पहले ही, माइक्रो मैनेजमेंट, सदस्यता विस्तार और बूथ सशक्तिकरण को अपनी संपूर्ण चुनावी रणनीति का सबसे अहम और केंद्रीय हिस्सा बना लिया है।

 

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