उत्तराखंड में विकास कार्यों को नई रफ्तार, सीएम धामी ने दी 17 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड में विकास के काम में तेज़ी लाने के लिए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 17 करोड़ रूपये मंज़ूर किए हैं। इन मंज़ूर प्रोजेक्ट्स में एनर्जी बचाने वाले ट्यूबवेल पंप लगाना, सीवर लाइन बनाना, जोशीमठ में लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों में ज़मीन खरीदना, आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद करना, मंदिरों का सुंदरीकरण और खेल सुविधाओं का विकास शामिल है। सरकार का मानना ​​है कि, इन फ़ैसलों से राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर मज़बूत होगा और आपदा से प्रभावित इलाकों में पुनर्वास की कोशिशों में तेज़ी आएगी।

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नैनीताल में ट्यूबवेल को मॉडर्नाइज़ किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने नैनीताल ज़िले की हल्द्वानी ब्रांच के तहत अलग-अलग ट्यूबवेल पर लगे 15 साल से पुराने पंप सेट को बदलने के लिए 3.01 रूपये करोड़ की स्कीम को मंज़ूरी दी है। इन पुराने पंपों को अब नए एनर्जी बचाने वाले पंपों से बदला जाएगा, जो बिजली की खपत कम करेंगे। इस कदम से न सिर्फ़ इलाके में सिंचाई बेहतर होगी बल्कि बिजली की बचत भी होगी, जिससे किसानों को दोहरा फ़ायदा होने की उम्मीद है।

देहरादून में सीवर लाइन को हरी झंडी

करोड़ रुपये का एक प्रोजेक्ट देहरादून ज़िले के रायपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित रामगढ़ (वाणी विहार) इलाके में सीवर लाइन बिछाने के लिए 3.11 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट से इलाके में सफ़ाई बेहतर होगी और स्थानीय निवासियों को सीवर से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलेगी। शहरी इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।

जोशीमठ ज़मीन धंसने से प्रभावित इलाकों के लिए बड़ी रकम मंज़ूर

चमोली ज़िले की नगर परिषद ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में 2023 में हुए लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों के लिए भी एक बड़ा फ़ैसला लिया गया है। पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट द्वारा प्रस्तावित स्लोप स्टेबिलाइज़ेशन काम के लिए ज़मीन अधिग्रहण के लिए स्टेट कंटिंजेंसी फ़ंड से 10 करोड़ रुपये की रकम मंज़ूर की गई है।

Joshimath

यह रकम लैंडस्लाइड प्रभावित इलाके में पक्के सुरक्षा उपायों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी मानी जा रही है, क्योंकि जोशीमठ में लैंडस्लाइड ने वहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों को गहरी परेशानी में डाल दिया था। इस रकम से इलाके में लंबे समय तक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कंक्रीट का काम हो सकेगा।

आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में होने वाली प्राकृतिक और दैवीय आपदाओं को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले की सदर तहसील के तहत आने वाले मझाड़ा और कालीगाड़ गांवों के 14 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों पर किराए के घरों में रहने की जगह देने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 3.36 लाख रुपये भी मंजूर किए हैं। इस रकम के तहत, हर प्रभावित परिवार को 4,000 रुपये प्रति महीने की दर से मदद दी जाएगी, ताकि आपदा से बेघर हुए परिवारों को तुरंत राहत मिल सके और उन्हें सुरक्षित जगह ढूंढने की चिंता न करनी पड़े।

नंदा देवी मंदिर के ब्यूटीफिकेशन को मंजूरी

धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है। पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मिलम गांव में स्थित प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर के ब्यूटीफिकेशन के लिए 90.16 लाख रूपये की रकम मंजूर की गई है।

Nanda Devi Temple B

इस फैसले से न केवल मंदिर परिसर का कायाकल्प होगा, बल्कि इलाके में धार्मिक टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है।

स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के भी फाइनेंशियल मदद 

इसके अलावा, उत्तरांचल प्रेस क्लब को स्पोर्ट्स का सामान खरीदने के लिए 5 लाख रूपये की फाइनेंशियल मदद को मंज़ूरी दी गई है। यह फ़ैसला दिखाता है कि सरकार सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर और डिज़ास्टर मैनेजमेंट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देने पर भी उतना ही ध्यान दे रही है।

सरकार का नज़रिया

राज्य सरकार का मानना ​​है कि, इन मंज़ूरियों से उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर मज़बूत होगा। इसके अलावा, डिज़ास्टर प्रभावित इलाकों में चल रहे रिहैबिलिटेशन के काम में तेज़ी आने की उम्मीद है। इसके अलावा, धार्मिक जगहों की सुंदरता और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देने से राज्य में सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी द्वारा मंज़ूर किए गए ये 17 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स उत्तराखंड के विकास के लिए एक बड़े और संतुलित नज़रिए को दिखाते हैं। चाहे वह सिंचाई और सीवरेज जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर हो, डिज़ास्टर रिलीफ़ हो, या धार्मिक और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देना हो, इन सभी क्षेत्रों में एक साथ निवेश करने से राज्य के पूरे विकास का रास्ता बनने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इन प्रोजेक्ट्स के जल्द ही चालू होने पर जनता को सीधे तौर पर फ़ायदा होगा।

 

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