गोरा बनाने वाली इन 5 क्रीमों से रहें दूर, FDA ने दी चेतावनी- खराब हो सकती है किडनी

हर कोई चाहता है कि वह गोरा और आकर्षक दिखे। इसके लिए वह तरह-तरह के जतन करता है।  कोई महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करता है, तो कोई घरेलु नुस्खे आजमाता है। बाजार भी स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों से भरा पड़ा है। लेकिन क्या आपको पता है ये गोरा करने वाली क्रीमें हकीकत में कितनी नुकसानदायक हैं।  इसका खुलासा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में हुआ है, जो बेहद चौंकाने वाला है।

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गंभीर बीमारियों का खतरा

इस खुलासे के बाद FDA ने आम लोगों को इन उत्पादों के इस्तेमाल से दूर रहने की सख्त चेतावनी जारी की है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि, कई उत्पादों पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जैसी बुनियादी जानकारी तक अंकित नहीं थी, जिसके बाद इन प्रोडक्ट्स के निर्माण और बिक्री से जुड़ी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

whitening cream

एफडीए की जांच में जिन प्रोडक्ट्स के नाम सामने आए हैं, उनमें Goree Beauty Cream, Goree Beauty Whitening Body Lotion, Goree Whitening Soap, Face Fresh Gold Plus और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं। ये सभी उत्पाद बाज़ार में गोरेपन और चमकदार त्वचा की गारंटी देने के दावों के साथ बेचे जा रहे थे। इन प्रोडक्ट की मांग भी बाजार में खूब है। एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि, इन क्रीमों में मौजूद धातुएं स्किन के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती। अगर इनका इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाए, तो गंभीर और स्थायी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है।

 शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है मरकरी

स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों में मरकरी को जानबूझकर और अवैध रूप से मिलाया जाता है, क्योंकि यह त्वचा में मेलानिन बनने की प्राकृतिक प्रक्रिया को रोक देता है। मेलानिन ही वह तत्व है, जो त्वचा के रंग के लिए ज़िम्मेदार होता है। इसकी प्रक्रिया रुकने से त्वचा महज़ 10 से 15 दिनों के भीतर पहले से ज़्यादा गोरी नज़र आने लगती है। यही वजह है कि, ये क्रीमें ग्राहकों को बेहद जल्दी असर दिखाकर आकर्षित करती हैं।

एक्सपर्ट कहते हैं कि, अगर इस्तेमाल लगातार किया जाए तो किडनी, दिमाग और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा असर पड़ता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि, अगर क्रीम में मरकरी की मात्रा बेहद ज़्यादा हो, तो सिर्फ 10 से 12 दिनों के भीतर ही किडनी पर बुरा असर पड़ना शुरू हो सकता है। वहीं, अगर मरकरी की मात्रा अपेक्षाकृत कम भी हो, तब भी अगर इसे कई महीनों तक लगातार इस्तेमाल किया जाए, तो नुकसान धीरे-धीरे लेकिन लगातार बढ़ता रहता है, जिसका असर कई बार तुरंत नज़र भी नहीं आता।

अंदरूनी अंग होते हैं प्रभावित

सबसे चिंता की बात यह है कि मरकरी का असर केवल त्वचा की सतह तक सीमित नहीं रहता। यह त्वचा के ज़रिए शरीर के भीतर प्रवेश कर जाता है और धीरे-धीरे किडनी तथा बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में जमा होने लगता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस जमाव की वजह से किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कमज़ोर होती जाती है और गंभीर मामलों में स्थिति इतनी बिगड़ सकती है कि, मरीज़ को डायलिसिस तक की ज़रूरत पड़ सकती है।

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इसके अलावा मरकरी के शरीर में जमा होने से कई न्यूरोलॉजिकल यानी तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। इनमें हाथों का कांपना, याददाश्त कमज़ोर होना, अत्यधिक चिंता, नींद न आना, चिड़चिड़ापन और किसी भी काम में ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी दिक्कतें शामिल हैं। कुछ गंभीर मामलों में तो यह देखने और सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है, जो इसके दीर्घकालिक इस्तेमाल के बेहद खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करता है।

लेड भी नुकसानदायक

FDA की जांच में सिर्फ मरकरी ही नहीं, बल्कि तय सीमा से कहीं ज़्यादा मात्रा में लेड यानी सीसा भी पाया गया। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि, लेड का त्वचा को गोरा बनाने में वैज्ञानिक रूप से कोई भूमिका ही नहीं है। ऐसे में क्रीम में इसकी मौजूदगी सीधे तौर पर इस बात का संकेत देती है कि, इन उत्पादों को बनाने में या तो घटिया क्वालिटी का कच्चा माल इस्तेमाल किया गया है या फिर निर्माण प्रक्रिया पूरी तरह असुरक्षित और गैर-मानक तरीके से की गई है।

डॉक्टरों के अनुसार, लेड शरीर में जमा होकर दिमाग, किडनी, खून बनाने वाले अंगों (बोन मैरो) और प्रजनन तंत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लेड की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं होती, चाहे वह कितनी भी कम क्यों न हो. अगर किसी उत्पाद में मरकरी और लेड, दोनों एक साथ मौजूद हों, तो स्वास्थ्य को होने वाला खतरा और भी कई गुना बढ़ जाता है, क्योंकि ये दोनों भारी धातुएं मिलकर शरीर पर दोहरा दुष्प्रभाव डालती हैं।

स्किन स्पेशलिस्ट से लें सलाह

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्किन एक्सपर्ट्स ने आम लोगों को साफ सलाह दी है कि सिर्फ रंगत गोरी दिखाने की चाहत में किसी भी अनजान या बिना जांच वाली क्रीम का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को चेहरे पर दाग-धब्बे, झाइयां या पिग्मेंटेशन जैसी समस्या है, तो उसे किसी अप्रमाणित प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के बजाय पहले किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि उत्पाद खरीदते समय हमेशा उस पर दी गई सामग्री सूची, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट को ज़रूर जांचना चाहिए। अगर इस तरह की बुनियादी जानकारी किसी उत्पाद पर मौजूद नहीं है, तो उसे बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहि। फिलहाल संबंधित प्रशासन इन उत्पादों के निर्माताओं और वितरकों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है, ताकि आम उपभोक्ताओं को इस तरह के खतरनाक उत्पादों से बचाया जा सके।

 

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