
कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर की धरती से समाजवादी पार्टी पर जोरदार राजनीतिक हमला बोलते हुए कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि, जिन लोगों ने वर्षों तक नौजवानों का रोजगार छीनने का पाप किया, उन्हें अयोध्या, मथुरा और काशी जैसे आस्था के केंद्रों के बारे में सोचने का कोई नैतिक अधिकार ही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, यही लोग मंदिरों के नाम पर आने वाले चढ़ावे और धन को बेईमानी से हजम कर जाते थे, मंदिरों की जमीनों तथा संपत्तियों पर अवैध कब्जा भी करवाते रहे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, आज उन्हीं मंदिरों का सम्मानपूर्वक पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जो लोग पहले मंदिरों के पैसे को कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनवाने में खर्च करते थे, उन्हें अब विकास की बात करने का कोई हक नहीं बनता।
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525 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
सीएम योगी ने शनिवार को कुशीनगर पहुंचकर कुल 525 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

ये तमाम परियोजनाएं मुख्य रूप से रामकोला, हाटा और कुशीनगर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्गों को सम्मानित किया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।
खत्म हुआ इंसेफेलाइटिस
अपने संबोधन में सीएम ने कुशीनगर की पुरानी और गंभीर समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2017 से पहले यह जिला इंसेफेलाइटिस यानी दिमागी बुखार, पिछड़ेपन और बड़े पैमाने पर हो रहे पलायन के लिए बदनाम था। हालांकि, उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि, वर्तमान सरकार की प्रभावी रणनीति और लगातार किए गए प्रयासों की बदौलत इस गंभीर चुनौती पर अब निर्णायक नियंत्रण हासिल कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि, सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था लागू करने, व्यापक टीकाकरण अभियान चलाने और जन-जागरूकता बढ़ाने जैसे कई मोर्चों पर एक साथ काम किया, जिसके सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम अब साफ तौर पर देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यधारा से जोड़े गये मुसहर
सीएम ने अपने भाषण में यह भी कहा कि, जो राजनीतिक दल वर्षों तक सिर्फ गरीबों के नाम पर राजनीति करते रहे, उन्होंने असल में मुसहर समाज जैसे सबसे वंचित और उपेक्षित वर्गों को बुनियादी सुविधाओं से भी दूर रखा। उन्होंने दावा किया कि, वर्तमान सरकार ने ऐसे उपेक्षित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का ईमानदार प्रयास किया है।
इसके तहत मुसहर परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए, उन्हें भूमि के पट्टे दिए गए, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड बनवाए गए, मुफ्त राशन की व्यवस्था की गई, उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रसोई गैस कनेक्शन दिए गए और घरों तक बिजली भी पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री के अनुसार इन तमाम सुविधाओं ने इन परिवारों के भीतर सम्मान, सुरक्षा की भावना और आजाद भारत में एक समान अधिकार रखने वाले नागरिक होने का आत्मविश्वास पैदा किया है।
शिक्षकों और कर्मचारियों को सुरक्षा कवच
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने एक बार फिर अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में गुंडागर्दी करने वालों और दंगाइयों के लिए कोई जगह नहीं बची है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक दंगा मुक्त राज्य के रूप में अपनी पहचान बना चुका है और इसे उन्होंने एक चर्चित नारे में भी पिरोया – “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में अब सब चंगा।”
आज हर महिला, युवा एवं अन्नदाता किसान आश्वस्त है कि डबल इंजन सरकार में उसका वर्तमान भी सुरक्षित है और भविष्य भी।
भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर की विकास यात्रा को गति प्रदान करते हुए आज कुशीनगर, रामकोला एवं हाटा विधान सभा क्षेत्रों के लिए ₹525 करोड़ से अधिक लागत की… pic.twitter.com/QJJ1HEOnea
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 11, 2026
उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा, रामनवमी, जन्माष्टमी और होली जैसे तमाम बड़े त्योहार अब प्रदेश में विभिन्न समुदायों द्वारा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को भी काफी मजबूत किया है। इसके तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा रसोइयों को हर साल 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा रही है, साथ ही इन सभी को दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया गया है।
हवाई और सड़क कनेक्टिविटी पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुशीनगर को कनेक्टिविटी, पर्यटन, कृषि और रोजगार जैसे क्षेत्रों में एक नई पहचान दिलाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेज गति से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि कुशीनगर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को जेवर और गया जैसे प्रमुख हवाई अड्डों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है, और नए विमान उपलब्ध होते ही यहां से हवाई सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा।

इसके अलावा खड्डा क्षेत्र में नारायणी नदी पर लगभग 800 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक नए पुल का निर्माण भी कराया जा चुका है, जबकि रामकोला-कसया मार्ग के चौड़ीकरण से जुड़े प्रस्ताव को भी जल्द ही मंजूरी दिए जाने की बात कही गई है।
मंदिरों का सौंदर्यीकरण
सीएम ने कहा कि, युवाओं को बेहतर शैक्षणिक और रोजगार के अवसर देने के मकसद से कुशीनगर में एक कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जहां इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। साथ ही केले के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक टिश्यू कल्चर लैब की भी आधारशिला रखी गई है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि, अब निवेश और रोजगार के अवसर सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि कुशीनगर और गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के इलाकों में भी ये तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, और इसी कड़ी में हर विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के सौंदर्यीकरण व पुनरुद्धार का काम कराया जा रहा है। कुशीनगर में रामाभार स्तूप के नजदीक बौद्ध घाट और हिरण्यवती नदी के किनारे पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष विकास कार्य भी किए जा रहे हैं।
बुजुर्गों का किया सम्मान
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 110 वर्षीय राम विलास भगत और 104 वर्षीय राम प्रसाद साहनी जैसे दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन बुजुर्गों ने अपने पूरे जीवन में एक विचारधारा, मूल्यों और सिद्धांतों के साथ जुड़े रहकर समाज की सेवा की है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने दो छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया और कहा कि डबल इंजन सरकार ने इन बच्चों के भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित बनाने का काम किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर आज बचपन सुरक्षित रहेगा, तो निश्चित तौर पर आने वाला कल यानी देश का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।
प्रमाण पत्र, चेक और स्वीकृति पत्र वितरित
कार्यक्रम में कई लाभार्थियों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र, चेक और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इनमें मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आशा देवी और संजू को चेक दिए गए, जबकि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत लालती देवी, सुनैना देवी, किरन उपाध्याय, परमावती देवी और सेहरुन्निसा को चेक प्रदान किए गए।

इसके अलावा राजू प्रजापति को कृषि यंत्र के लिए चाबी सौंपी गई, सूरज कुमार यादव को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत चेक मिला, नर्वदा देवी को सिलाई मशीन प्रदान की गई, रंजना देवी को प्रशस्ति पत्र दिया गया, जबकि फनीश तिवारी और अखिलेश सिंह को किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े चेक सौंपे गए।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई गणमान्य नेता
इस अवसर पर मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, गोरखपुर के सांसद रवि किशन सहित कई विधायक जैसे पीएन पाठक, मोहन वर्मा, विनय प्रकाश गौड़, विवेकानंद पाण्डेय, मनीष जायसवाल, डॉ. असीम कुमार राय और सुरेंद्र कुशवाहा भी उपस्थित रहे। इनके अलावा विधान परिषद सदस्य डॉ. रतनपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य फूलबदन कुशवाहा, जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय और ब्लॉक प्रमुख विशाल सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने।
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