पौधरोपण महायज्ञ 2026: CM योगी गोरखपुर से करेंगे शुरुआत, रोपेंगे त्रिवेणी का पौधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार, 12 जुलाई को गोरखपुर से प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ 2026 की औपचारिक शुरुआत करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार की उस महत्वाकांक्षी मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत इस बार पूरे राज्य में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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रिंग रोड पर करेंगे पौधरोपण

रविवार सुबह मुख्यमंत्री गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के आसपास और आरकेबीके के नजदीक ताल रिंग रोड के किनारे पहुंचकर स्वयं पौधरोपण करेंगे। यह पूरा आयोजन प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेशवासियों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाना है।

Plantation Mahayagna 2026

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें वे प्रदेश के आम नागरिकों से इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर और जिम्मेदारीपूर्वक हिस्सा लेने की अपील करेंगे। सरकार का मानना है कि, पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी तंत्र की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक भागीदारी से ही यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कौन-कौन रहेगा कार्यक्रम में मौजूद

इस विशेष अवसर पर सीएम योग के साथ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहेंगे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में इस महाभियान को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई जाएगी, जिसके बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी यह अभियान एक साथ शुरू हो जाएगा।

पवित्र त्रिवेणी का महत्व

इस कार्यक्रम की एक खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री लिंक एक्सप्रेसवे के पास पवित्र त्रिवेणी का पौधरोपण करेंगे। भारतीय संस्कृति और परंपरा में त्रिवेणी का विशेष धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व माना जाता है, जिसमें नीम, पीपल और बरगद – इन तीन पवित्र वृक्षों को एक साथ रोपित किया जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री के पौधे का भी रोपण करेंगे, जो अपनी छायादार प्रकृति और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।

आपको बता दें कि, सीएम योगी के मार्गदर्शन में इस बार राज्यभर में एक साथ 35 करोड़ पौधे लगाने का बड़ा और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तय किया गया है। इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए वन विभाग के नेतृत्व में सभी जरूरी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं।

गोरखपुर को मिली बड़ी जिम्मेदारी

इस समूचे महाभियान में गोरखपुर जिले को भी एक महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। जिले को कुल 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है, जो अपने आप में एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण आंकड़ा है। खास बात यह है कि, यह पूरा अभियान किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कुल 27 अलग-अलग सरकारी विभागों के आपसी सामंजस्य और समन्वय के साथ इसे अंजाम दिया जाएगा। इन तमाम विभागों में सबसे बड़ा और अहम लक्ष्य वन विभाग को सौंपा गया है, क्योंकि पौधरोपण से जुड़ी तकनीकी विशेषज्ञता और अनुभव इसी विभाग के पास सबसे अधिक है।

वन विभाग ने पूरी की तैयारियां

गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, जिले को दिए गए लक्ष्य को समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ हासिल करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि, जिले की सभी पौधशालाओं में स्वस्थ और गुणवत्तायुक्त पौधों की पर्याप्त उपलब्धता पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है, ताकि रोपण के दौरान किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा पौधों की बेहतर ग्रोथ और लंबे समय तक उनकी उत्तरजीविता (सर्वाइवल रेट) सुनिश्चित करने के लिए चिन्हित किए गए सभी रोपण स्थलों पर पहले से ही एडवांस सॉयल वर्क का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अंतर्गत जरूरत के मुताबिक गड्ढों की खुदाई की जा चुकी है, पौधों के अनुकूल टॉप सॉयल यानी उपजाऊ मिट्टी की समुचित व्यवस्था की गई है, रोपण स्थलों का समुचित विकास किया गया है और पौधों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक इंतजाम पहले से किए जा चुके हैं।

इन सभी तैयारियों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि, लगाए गए पौधे सिर्फ जमीन में गड़े ना रह जाएं, बल्कि वास्तव में पेड़ के रूप में विकसित हों और लंबे समय तक जीवित रहें।

किस विभाग को मिली कितनी जिम्मेदारी

गोरखपुर जिले में एक लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य कुल 7 प्रमुख सरकारी विभागों के बीच बांटा गया है ताकि जिम्मेदारी को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके। इनमें सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग को दिया गया है, जिसे 19 लाख 37 हजार पौधे लगाने हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर ग्राम विकास विभाग है, जिसकी जिम्मेदारी 18 लाख 61 हजार पौधों की है।

कृषि विभाग को 5 लाख 76 हजार, उद्यान विभाग को 2 लाख 85 हजार, पर्यावरण विभाग को 2 लाख 38 हजार, पंचायती राज विभाग को 2 लाख 2 हजार और राजस्व विभाग को 1 लाख 43 हजार पौधरोपण का लक्ष्य सौंपा गया है। इन तमाम विभागों के आपसी तालमेल और सामूहिक प्रयासों से ही जिले में कुल 55 लाख से अधिक पौधे लगाने के इस विशाल लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की बहुविभागीय भागीदारी से न केवल लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सकेगा, बल्कि विभिन्न स्तरों पर जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा प्रयास

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू होने वाला यह पौधरोपण महायज्ञ 2026 उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक अहम प्रयास साबित हो सकता है। 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य अपने आप में बेहद विशाल है।

इसे हासिल करने के लिए सरकार ने न केवल तकनीकी तैयारियां पूरी की हैं, बल्कि जनभागीदारी को भी इस अभियान का केंद्रीय हिस्सा बनाया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रदेश सरकार अपने इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समय पर और पूरी सफलता के साथ हासिल कर पाती है।

 

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