
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को कड़े संघर्ष के बाद 2-1 से हराते हुए टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ ही बेल्जियम का इस वर्ल्ड कप में सफर पूरी तरह समाप्त हो गया, जबकि स्पेन की टीम अब अंतिम चार टीमों में शामिल हो चुकी है। दिलचस्प बात यह रही कि, इस मैच के दौरान बेल्जियम ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो इस पूरे टूर्नामेंट में अब तक कोई भी टीम नहीं कर पाई थी।
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कहां खेला गया यह रोमांचक मुकाबला
यह हाई-वोल्टेज क्वार्टर फाइनल मुकाबला अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में स्थित इंगलवुड शहर के मशहूर सोफी स्टेडियम में खेला गया, जिसे इस टूर्नामेंट के लिए आधिकारिक तौर पर लॉस एंजिलिस स्टेडियम के नाम से जाना जा रहा है। यह स्टेडियम लॉस एंजिलिस डाउनटाउन से करीब 10 मील की दूरी पर स्थित है। इसे साल 2020 में लगभग 5 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत से तैयार किया गया था, जो इसे अब तक बना सबसे महंगा स्टेडियम बनाता है। यह वेन्यू पहले ही इस वर्ल्ड कप के दौरान कई अहम मुकाबलों की मेजबानी कर चुका है, जिसमें ग्रुप स्टेज के मुकाबले और राउंड ऑफ 32 के मैच भी शामिल रहे। यह इसी स्टेडियम में स्पेन का दूसरा मैच था, इससे पहले टीम यहीं ऑस्ट्रिया को हरा चुकी थी।
पहला गोल: फेबियन रुइज़ ने खोला खाता
मैच के 30वें मिनट में स्पेन के लिए पहला गोल फेबियन रुइज़ के बल्ले से निकला। इस गोल की शुरुआत डी ओलमो के प्रयास से हुई, जिन्होंने गेंद को सीधे गोलपोस्ट की ओर मारा। बेल्जियम के गोलकीपर ने बेहतरीन डाइव लगाते हुए गेंद को रोकने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटककर थोड़ी दूर जा गिरी।

इसी मौके को भांपते हुए मिडफील्ड में मौजूद फेबियन रुइज़ ने तेजी से दौड़ लगाई और गेंद को सीधे गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया। इससे पहले युवा सनसनी लामिन यमाल ने भी कई शानदार मौके बनाए और एक बार गोलपोस्ट पर सीधा शॉट भी मारा, लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वे गोल करने से चूक गए।
पहली बार हुआ ऐसा कारनामा
मैच के 41वें मिनट में बेल्जियम के स्टार स्ट्राइकर चार्ल्स डे केटेलेरे ने शानदार गोल दागकर स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। यह गोल राइट विंग से आए एक बेहतरीन क्रॉस पर आया, जिस पर चार्ल्स ने हवा में छलांग लगाकर जबरदस्त हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट के अंदर पहुंचा दिया। इस गोल की सबसे खास बात यह रही कि बेल्जियम इस पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के खिलाफ गोल करने वाली पहली टीम बन गई। इससे पहले टूर्नामेंट में खेली गई किसी भी टीम स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेदते हुए एक भी गोल नहीं कर पाई थी, यानी स्पेन का गोलकीपर उनाई सिमोन लगातार पांच मैचों तक अपने गोलपोस्ट को पूरी तरह सुरक्षित रखने में कामयाब रहा था।
गोलकीपर की चूक बनी हार की वजह
मुकाबले में जब पूरे 90 मिनट खत्म होने में सिर्फ 2 मिनट शेष बचे थे। इसके बाद 5 से 6 मिनट का अतिरिक्त समय भी मिलने वाला था, उस दौरान मैच अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था। इसी बीच स्पेन के मिडफील्डर ने काफी दूरी से एक शॉट गोलपोस्ट की ओर उछाला।

सामान्य परिस्थितियों में यह शॉट बेल्जियम के अनुभवी गोलकीपर के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन इस दबाव भरे पल में वे गेंद को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाए। गेंद उनके हाथों से छिटककर मैदान में दूर जा गिरी। ठीक इसी वक्त कुछ ही देर पहले सब्स्टीट्यूट होकर मैदान में उतरे मिकेल मैरिनो ने बेहद तेज गति से दौड़ लगाई और मौके को भुनाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया।
इस निर्णायक गोल ने स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी और मैच के अंतिम क्षणों में भी बेल्जियम की टीम इस बढ़त को बराबर नहीं कर पाई। इसी के साथ स्पेन की टीम ने अपनी शानदार रक्षापंक्ति और मौकों को भुनाने की काबिलियत का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
स्पेन के लिए खास रही जीत
तीसरे नंबर की रैंकिंग वाली स्पेन की टीम के लिए यह जीत बेहद खास रही, क्योंकि यह टीम साल 2010 में खिताब जीतने के बाद पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची है। वहीं आठवें स्थान पर रैंक की गई बेल्जियम की टीम साल 2018 में हासिल की गई तीसरे स्थान की उपलब्धि को दोहराने या उससे बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद लगाए बैठी थी, लेकिन इस हार के साथ ही उसका सफर यहीं थम गया।

बेल्जियम की टीम में केविन डी ब्रुइने, थिबॉट कोर्टोइस और रोमेलू लुकाकु जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी आखिरी बड़ी कोशिश कर रहे थे, लेकिन स्पेन की मजबूती के आगे उनका यह प्रयास नाकाम रहा।अब सेमीफाइनल में स्पेन का सामना फ्रांस की मजबूत टीम से होगा, जो अपने आप में एक और बड़ा और रोमांचक मुकाबला साबित होने वाला है। फैंस की निगाहें अब इस अगले हाई-वोल्टेज टक्कर पर टिकी हुई हैं।
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