पीएम मोदी ने इंडोनेशिया में की शिव आराधना, प्रम्बानन मंदिर के पुनर्निर्माण का किया शुभारंभ

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय इंडोनेशिया दौरे के अंतिम चरण में बुधवार, 8 जुलाई को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ ऐतिहासिक प्रम्बानन मंदिर परिसर पहुंचे। योग्यकार्ता में स्थित यह मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दक्षिण पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इस मौके पर दोनों नेताओं ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और भारत की सहायता से शुरू हो रहे मंदिर के जीर्णोद्धार व संरक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की।

इसे भी पढ़ें- PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा में बड़ा रक्षा समझौता, इन हथियारों पर बनी बात

महादेव से जुड़ाव को बताया सौभाग्य

मंदिर परिसर में मौजूद रहते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक होकर कहा कि, उन्हें हमेशा किसी न किसी रूप में भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिलता रहा है। उन्होंने अपने निजी जीवन से जुड़े कई उदाहरण साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म गुजरात के वड़नगर में हुआ, जहां हटकेश्वर महादेव एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है।

PM Modi Indonesia visit

उन्होंने आगे कहा कि, बारह ज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ भी गुजरात की धरती पर स्थित है। उसके पुनर्निर्माण व विकास कार्य में उन्हें प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का मौका मिला। इसके अलावा उन्होंने अपने राजनीतिक कर्मक्षेत्र काशी का भी उल्लेख किया, जहां काशी विश्वनाथ महादेव की कृपा उन पर निरंतर बनी रही है।

केदारनाथ, महाकाल और अब प्रम्बानन

पीएम मोदी ने कहा कि, उन्हें केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के जीर्णोद्धार में योगदान देने का सौभाग्य पहले भी मिल चुका है। अब योग्यकार्ता में ब्रह्मा, विष्णु और महेश से जुड़े लगभग 1000 से 1200 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक धरोहर स्थल के संरक्षण कार्य की शुरुआत करना भी उनके लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि, वे स्वयं को अत्यंत भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें बार-बार ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक अवसरों से जुड़ने का मौका मिला है। मोदी ने यह भी जोड़ा कि पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वे एक बार फिर इस मंदिर परिसर में आने की इच्छा रखते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र की गूंज से भावुक हुए पीएम

अपने संबोधन में पीएम ने बताया कि, जब वे इस पवित्र मंदिर परिसर में पहुंचे, तो वहां महामृत्युंजय मंत्र का जाप हो रहा था। हर कोई श्रद्धापूर्वक “ॐ नमः शिवाय” का उच्चारण कर रहा था।

उन्होंने कहा कि, यह दृश्य देखकर उनका मन गहराई से छू गया। उन्होंने कहा कि योग्यकार्ता के इस भव्य और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल मंदिर परिसर के पुनर्निर्माण कार्य की शुरुआत होने से उन्हें पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भारत से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां जरूर आएंगे।

मजबूत हुआ सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग  

गौरतलब है कि, प्रम्बानन मंदिर, नौवीं शताब्दी में निर्मित इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है। इसके ऊंचे शिखर हिंदू त्रिदेव शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित हैं। साथ ही उनके वाहनों के लिए भी अलग मंदिर बनाए गए हैं। परिसर की दीवारों पर उकेरी गई बारीक पत्थर की नक्काशी रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शाती है, जो भारत और दक्षिण पूर्व एशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को उजागर करती है।

PM Modi Indonesia visit

परिसर के केंद्र में स्थित शिव मंदिर करीब 47 मीटर ऊंचा है और यह प्राचीन हिंदू स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। इस मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर मंगलवार को ही भारत और इंडोनेशिया के बीच एक इरादा पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके तहत भारत की सहायता से इस संरक्षण परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने के मकसद से हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया।

इतिहास भी जुड़ा है दोनों देशों का

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि, भारत और इंडोनेशिया केवल समुद्र ही साझा नहीं करते, बल्कि दोनों देशों का इतिहास भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि, दोनों देशों के संबंधों की जड़ें रामायण और महाभारत की विरासत में हैं। बोरोबुदुर तथा प्रम्बानन जैसे भव्य स्मारक इस साझा विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, दोनों देश गरुड़ के माध्यम से भी जुड़े हैं, जो इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक है, साथ ही बाली यात्रा उत्सव की खुशियों के जरिए भी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ता कायम है।

तीन दिवसीय दौरे में हुए कई अहम समझौते

प्रधानमंत्री मोदी अपनी इस तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं, इंडोनेशियाई संसद को संबोधित कर चुके हैं। भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार साझा किए और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व समृद्धि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस यात्रा के दौरान रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी विकास से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर हुए। प्रम्बानन मंदिर की यात्रा भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और एक्ट ईस्ट नीति के तहत एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जो दक्षिण पूर्व एशिया में साझा सभ्यतागत विरासत के संरक्षण में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

 

इसे भी पढ़ें- भारत में दिखा ट्रंप-मोदी की दोस्ती का असर, अब अमेरिका बना LPG का सबसे बड़ा सप्लायर

Related Articles

Back to top button