
मुंबई। क्या आपका बैंक खाता देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है? क्या आप रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए एसबीआई के क्रेडिट अथवा डेबिट कार्ड के जरिए लेनदेन करते हैं? यदि हां, तो ये खबर आपके लिए है। देश के करोड़ों एसबीआई ग्राहकों को निशाना बनाने के लिए साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक गोरखधंधा शुरू कर दिया है।
इसे भी पढ़ें- सहारनपुर पुलिस की बड़ी सफलता, दोमुंहे सांप से करोड़ों की ठगी करने वाला चढ़ा हत्थे
मिनटों में खाली हो जाएगा खाता
इस डिजिटल युग में आपकी एक छोटी सी चूक, चंद सेकेंड की लापरवाही या बिना सोचे-समझे किया गया एक क्लिक आपकी जीवनभर की गाढ़ी कमाई को पल भर में साफ कर सकता है। आजकल साइबर क्रिमिनल्स के निशाने पर सबसे ज्यादा एसबीआई के कस्टमर्स हैं, जिन्हें ‘रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम’ करने का झांसा देकर जाल में फंसाया जा रहा है और देखते ही देखते उनके बैंक खातों को पूरी तरह से खाली किया जा रहा है।

दरअसल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को डिजिटल बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन करने पर कुछ ‘रिवॉर्ड पॉइंट्स’ देता है। इन पॉइंट्स का इस्तेमाल ग्राहक मोबाइल रिचार्ज, होटल बुकिंग, हवाई टिकट या विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन शॉपिंग में डिस्काउंट पाने के लिए आसानी से कर सकते हैं। बैंक के नियमों के अनुसार, यदि इन रिवॉर्ड पॉइंट्स को निश्चित समयावधि (आमतौर पर 2 साल) के भीतर इस्तेमाल न किया जाए, तो ये एक्सपायर हो जाते हैं।
हुबहू ओरिजनल जैसा होता है फर्जी SMS
साइबर ठगों ने ग्राहकों के इसी मनोविज्ञान और रिवॉर्ड पॉइंट्स के प्रति उनके क्रेज को अपनी ठगी का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। स्कैमर्स ग्राहकों के मोबाइल फोन पर हूबहू एसबीआई के आधिकारिक संदेश जैसा दिखने वाला एक फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं।
इस मैसेज में लिखा होता है, प्रिय ग्राहक, आपके एसबीआई खाते में 9,999 रूपये के दाम रिवॉर्ड पॉइंट्स एक्सपायर होने वाले हैं। इन्हें तुरंत कैश में बदलने या रिडीम करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें और एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करें। पैसे मिलने के लालच में आम उपभोक्ता बिना जांचे-परखे इस झांसे में आ जाते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं।
PIB फैक्ट चेक ने की जांच
सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर तेजी से फैल रहे इस संदेश की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ ने इसका गहन विश्लेषण किया है। पीआईबी ने इस पूरे मामले की जांच के बाद देशवासियों को आगाह करते हुए इस दावे को पूरी तरह से फर्जी, भ्रामक और खतरनाक करार दिया है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ-साफ कहा है कि, एसबीआई कभी भी अपने ग्राहकों को एसएमएस, ईमेल या व्हाट्सएप पर कोई संदिग्ध लिंक या किसी अज्ञात एप्लिकेशन को डाउनलोड करने के लिए संदेश नहीं भेजता है। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि, यह पूरी तरह से साइबर अपराधियों द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश है, जिसका मकसद केवल और केवल ग्राहकों की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी चुराना है।
एप्लीकेशन डाउनलोड करते समय रहें सतर्क
इस नए तरीके के फ्रॉड में सबसे खतरनाक बात है ‘APK’ फाइल का इस्तेमाल। जब कोई ग्राहक मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, तो उसके फोन में एक अज्ञात एप्लिकेशन (Third-party APK file) डाउनलोड होने लगती है। यह साधारण ऐप नहीं होती, बल्कि एक बेहद खतरनाक ‘मालवेयर’ या ‘ट्रोजन’ वायरस होता है।

जैसे ही यह फाइल उपभोक्ता के स्मार्टफोन में इंस्टॉल होती है, यह बैकग्राउंड में सक्रिय होकर फोन का पूरा नियंत्रण हैकर्स के हाथों में सौंप देती है। इसके बाद यह मालवेयर आपके फोन में मौजूद संवेदनशील डेटा जैसे, नेट बैंकिंग के यूजरनेम, पासवर्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड के नंबर, सीवीवी और यहां तक कि, बैंक से आने वाले ओटीपी को भी चुपके से पढ़कर स्कैमर्स के सर्वर पर भेज देता है। इसके बाद साइबर अपराधी मिनटों के भीतर आपके बैंक खाते से पूरा पैसा किसी अन्य फर्जी खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं और पीड़ित को भनक तक नहीं लगती।
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें
सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग का आनंद लेने के लिए देश के प्रत्येक नागरिक को कुछ बुनियादी सावधानियों का पालन जरूर करना चाहिए।
संदिग्ध लिंक्स से दूरी
किसी भी अनजान नंबर से आए एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज में दिए गए लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें, चाहे उसमें कितना भी बड़ा प्रलोभन क्यों न दिया गया हो।
अज्ञात ऐप्स को न करें इंस्टॉल
कभी भी गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर के बाहर किसी अनधिकृत वेबसाइट से कोई भी एपीके फाइल या थर्ड-पार्टी एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
गोपनीयता बनाए रखें
अपना बैंक अकाउंट नंबर, एटीएम पिन, कार्ड की एक्सपायरी डेट, सीवीवी या मोबाइल पर आया ओटीपी कभी भी किसी के साथ साझा न करें। बैंक का कोई भी कर्मचारी आपसे इस तरह की जानकारियां नहीं मांगता।
आधिकारिक माध्यमों का उपयोग
यदि आपको अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स की जांच करनी है, तो केवल एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट, योनो ऐप या एसबीआई कार्ड के आधिकारिक एप्लीकेशन पर जाकर ही लॉगिन करें।
तत्काल शिकायत दर्ज कराएं
यदि अनजाने में आप किसी ऐसे झांसे का शिकार हो जाते हैं या आपके खाते से अनधिकृत पैसे कट जाते हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत अपने बैंक को सूचित कर कार्ड और ब्लॉक कराएं। इसके साथ ही गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
इसे भी पढ़ें- नितिन नवीन का PA बनकर BJP विधायक से साइबर ठगी, ओडिशा से पकड़ा गया आरोपी



