हेल्थ टिप्स: डाइट में शामिल करें ये 5 बायोटिन फूड्स, मजबूत होंगे बाल और नाखून

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाल झड़ना, बालों का कमजोर होकर टूटना या नाखूनों का बार-बार टूट जाना, एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। ज्यादातर लोग इसकी वजह सिर्फ गलत हेयर केयर रूटीन या नेल केयर की कमी को मानते हैं, लेकिन असल में इसके पीछे एक और बड़ा कारण छिपा हो सकता है। वह है शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी। संतुलित और पौष्टिक डाइट शरीर को अंदर से मजबूती देने में बेहद अहम भूमिका निभाती है और इन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में एक नाम है बायोटिन, जिसे शरीर के सामान्य कामकाज के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

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क्या है बायोटिन

बायोटिन को विटामिन बी7 के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा विटामिन है जो पानी में घुलनशील होता है यानी यह शरीर में जमा नहीं होता और इसे नियमित रूप से भोजन के जरिए लेते रहना जरूरी होता है। बायोटिन शरीर में खाए गए भोजन को ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया में मदद करता है, जिससे शरीर को दिनभर काम करने के लिए जरूरी एनर्जी मिलती रहती है। इसके अलावा बालों, त्वचा और नाखूनों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी बायोटिन की भूमिका काफी अहम मानी जाती है।

Biotin foods

जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में बायोटिन मिलता है, तो बालों और नाखूनों को जरूरत के मुताबिक मजबूती और पोषण मिलने मिलती रहती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिर्फ बायोटिन ही अकेला समाधान नहीं है, बल्कि एक संतुलित और पूर्ण डाइट लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि रोजमर्रा के खान-पान में किन चीजों को शामिल करके शरीर को अच्छी मात्रा में बायोटिन दिया जा सकता है।

अंडा 

अंडा बायोटिन का बेहद अच्छा स्रोत माना जाता है। इसे कई अलग-अलग तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है, जैसे उबालकर, ऑमलेट बनाकर या फिर भुर्जी के रूप में। अंडे की खासियत यह भी है कि, इसमें बायोटिन के साथ-साथ प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर को समग्र रूप से जरूरी पोषण देने में मदद करता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि, अंडे को हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए, ताकि किसी तरह के इंफेक्शन का खतरा न रहे।

बादाम 

बादाम को सेहत के लिए एक बेहतरीन ड्राई फ्रूट माना जाता है। यह बायोटिन का भी अच्छा स्रोत है। इसके अलावा बादाम में हेल्दी फैट, प्रोटीन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। इसे सुबह के समय पानी में भिगोकर खाया जा सकता है या फिर दिन में कभी भी हल्के स्नैक के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है। अगर बादाम को नियमित और संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जाए, तो यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व एक साथ देने में मदद कर सकता है।

शकरकंद 

शकरकंद को भी बायोटिन के अच्छे स्रोतों में गिना जाता है। इसके अलावा इसमें फाइबर, विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। शकरकंद को उबालकर, भूनकर या फिर स्वादिष्ट चाट के रूप में भी खाया जा सकता है। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि संतुलित डाइट का एक बेहतरीन हिस्सा भी माना जाता है। इसकी एक और खासियत यह है कि यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या भी कम हो सकती है।

सूरजमुखी के बीज 

सूरजमुखी के बीजों में भी बायोटिन अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही इनमें हेल्दी फैट, मैग्नीशियम और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। इन बीजों को सलाद के ऊपर छिड़ककर, दही में मिलाकर, ओट्स के साथ या फिर स्मूदी में डालकर आसानी से खाया जा सकता है। अगर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इनका नियमित सेवन किया जाए, तो यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व एक साथ उपलब्ध करा सकते हैं।

सैल्मन मछली  

जो लोग नॉन-वेजिटेरियन डाइट लेते हैं, उनके लिए सैल्मन मछली एक बेहतरीन विकल्प है। यह बायोटिन के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत मानी जाती है।

Biotin foods

वहीं, शाकाहारी लोगों के लिए भी चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि वे मशरूम या मूंगफली को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। ये दोनों ही चीजें बायोटिन उपलब्ध कराने के अच्छे विकल्प मानी जाती हैं और आसानी से संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकती हैं।

 बायोटिन की कमी के संकेत

अगर शरीर में बायोटिन की कमी हो जाए, तो इसके कुछ स्पष्ट संकेत नजर आ सकते हैं। इनमें सबसे आम लक्षण है बालों का पतला होना या झड़ना शुरू हो जाना। इसके अलावा नाखूनों का कमजोर होकर बार-बार टूटना और त्वचा पर लाल या रूखी परत जैसी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं।

इनके अलावा कुछ मामलों में थकान महसूस होना, शरीर में कमजोरी आना, मूड में अचानक बदलाव होना और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि ये सभी लक्षण सिर्फ बायोटिन की कमी की वजह से ही हों, इनके पीछे कोई और स्वास्थ्य समस्या भी जिम्मेदार हो सकती है। इसलिए अगर ऐसे संकेत लगातार दिखाई देते रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच जरूर करानी चाहिए।

सप्लीमेंट से पहले डॉक्टर से ले सलाह

आमतौर पर ज्यादातर लोगों को उनकी रोजमर्रा की संतुलित डाइट से ही पर्याप्त मात्रा में बायोटिन मिल जाता है। ऐसे में बिना डॉक्टर की सलाह के बायोटिन के सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं होता और कई बार यह फायदे की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि उसके शरीर में बायोटिन की कमी है, तो सबसे पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलकर सही सलाह लेनी चाहिए, ताकि सही जांच के आधार पर ही आगे का फैसला लिया जा सके।

 पूरी डाइट पर ध्यान देना जरूरी

यह समझना बेहद जरूरी है कि सिर्फ बायोटिन पर ही निर्भर रहने से बालों, त्वचा और नाखूनों की पूरी सेहत का ख्याल नहीं रखा जा सकता। इसके लिए प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर एक संतुलित और पूर्ण डाइट लेना भी उतना ही आवश्यक माना जाता है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके बाल घने और मजबूत रहें, त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखे, तथा नाखून मजबूत बने रहें, तो सिर्फ किसी एक पोषक तत्व पर ध्यान देने के बजाय अपनी पूरी डाइट को संतुलित और पौष्टिक बनाना ही सबसे बेहतर तरीका है।

 

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